''खाद्यान्‍न घोटाले का राज खोलने के चलते हुआ मीडियाकर्मियों पर हमला''

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श्रीमान यशवंत जी। महोदय रुड़की में पत्रकारों से हुई मारपीट की घटना की खबर भड़ास फॉर मीडिया में छपी है, जो पूरी तरह से आधारहीन है और गलत है। आपको अवगत कराना है कि दिनांक 22.06.2011 को प्रातः 11 बजे रुड़की के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के संवाददाता अपने सूत्र के इस सूचना पर कि खाद्य निगम रुड़की से सरकारी कोटे का गेहूं, चावल, चीनी आदि राशन की दुकान पर जाने की बजाए राशन माफियाओं के यहां ले जाया जाना है।

हालांकि ऐसा पिछले लम्बे समय से चला आ रहा था,  लेकिन उक्त तारीख को इलेक्‍ट्रानिक मीडिया के संस्थानों के 6 संवाददाता इस मामले को कवरेज करने के लिए खाद्य निगम के गोदाम पहुंचते हैं। और यह पाते हैं कि वहां से 4 मिनी ट्रक अटल खाद्य योजना का माल लेकर निकल पडे़,  हम उनका पीछा करते हुए चलते रहे, अंत में यह मिनी ट्रक ब्लाक रुड़की के अन्ततपुर नन्हेडा गांव के एक गोदाम में प्रवेश करता है। और गरीबों के उस राशन को उस जगह पर उतारना शुरू कर दिया जाता है। पर इसी बीच गांव के कुछ दबंग लोग जिनमें राशन माफिया राजकुमार और उसके अन्य परिजन व कुछ साथी कवरेज कर रहे इन मीडिया कर्मियों पर टूट पडे़ और उन्होंने सरिये, लाठी, डन्डों व हॉकी आदि से पिटाई कर डाली व कैमरे छीन लिए,  जिसके बाद जैसे तैसे मीडियाकर्मी अपनी जान बचा कर जंगलों की तरफ भागे।

इसी बीच एक मीडियाकर्मी वीरेन्द्र चौधरी को गम्भीर चोटें आईं, जिसके बाद एक मीडियाकर्मी ने एसपी देहात को फोन किया। उसके बाद पुलिस बल ने वहां पहुंच कर मीडियाकर्मियों को बड़ी मुश्किल से इन लोगों से बचा कर थाना भगवानपुर ले आई। पर इस प्रधान राजकुमार की दबंगई तब जाहिर होती है जब यह थाना परिसर में ही मीडियाकर्मियों से कहता है कि तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते क्योंकि मैं हर अधिकारी और पुलिस को हर महीने भारी रकम देता हूं। गम्भीर हालत होने पर जब वीरेन्द्र चौधरी को रुड़की सिविल हॉस्पिटल में लाया गया तो उन्हें देखने प्रतिपक्ष नेता हरक सिंह रावत अस्पताल पहुंचे।  इसी बीच यह ग्राम प्रधान पुलिसकर्मियों और हरक सिंह रावत के सामने ही फिर धमकी देता है कि तुम सब लोगों को झूठे मुकदमे में फसा दूंगा। इन सब बातों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह प्रधान माफिया तो है ही,  साथ ही सत्ता में भी भारी पैठ रखता है।

मीडियाकर्मियों के थाना भगवानपुर में तहरीर देने के बाद भी यह दबंग राजकुमार खुलेआम थाने में घूम रहा है। जबकि थानाध्‍यक्ष ने उल्टे ही पत्रकारों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर लिया।  ऐसा प्रतीत होता है कि चौथा स्तम्भ माने जाने वाले मीडियाकर्मियों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। क्योंकि सूचना देने के बावजूद सम्बन्धित अधिकारियों ने ना ही अटल खाद्यान्‍न योजना के माल को जब्त किया और ना ही पुलिस ने उक्त आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। आप से अनुरोध है कि मामले को संज्ञान में लेकर हमलोगों की मदद की जाए। हाल ही की घटनाओं ने दिखाया है कि देश में माफियाराज व्‍याप्‍त है तथा पत्रकारों इनके निशाने पर हैं। मीडियाकर्मियों को कहीं सुरक्षा नहीं हैं। इसी का परिणाम है कि मीडियाकर्मी विरेन्द्र चौधरी अभी भी यशलोक हॉस्पीटल रूडकी में एडमिट हैं। न्‍याय न मिलने की दशा में हम धरना-प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

अरशद हुसैन

पीडि़त पत्रकार


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