नाइटशेड मीडिया से नहीं मिली मेरी सेलरी

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पटना में संचालित नाइटशेड मीडिया प्रोडक्‍शन पर राकेश कुमार ने आरोप लगाया है कि उनसे काम कराकर उनकी सेलरी नहीं दी गई है. राकेश कुमार का कहना है कि उन्‍होंने ट्रेनी वीडियो एडिटर के रूप में रखा गया था तथा बड़े-बड़े सपने दिखाए गए थे. हमे बताया गया था कि हम पड़ताल नाम से एक कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं, जिसे हमार टीवी पर दिखाया जाएगा.

राकेश ने आरोप लगाया है कि इसके बाद उन्‍हें नीतीश कुमार और सुशील मोदी के कार्यक्रमों में वीडियो फुटेज लाने के लिए भेजा जाने लगा. मैं बेहतर के उम्‍मीद में यहां काम करता रहा इसके बाद जब हम ने मेहनताना मांगा तो आज कल शुरू हो गया. इसके बाद हमने नौकरी छोड़ दी फिर भी हमारा पैसा नहीं दिया गया.  उन्‍होंने आरोप लगाया कि प्रोडक्‍शन हाउस के मालिक उन्‍हें दौड़ाने लगे.

इस संदर्भ में जब नाइटशेड मीडिया एवं प्रोडक्‍शन के संचालक प्रभात रंजन से बात की गई तो उन्‍होंने इस पूरी सूचना को गलत बताते हुए कहा कि राकेश बिल्‍कुल फ्रेशर थे, उनके हमने उनको इस आधार पर काम पर रखा था कि वो तीन महीना काम करके दिखाएं,  इस दौरान उनको मानदेय दिया जाएगा. अगर काम संतोषजनक रहा तो उन्‍हें नौकरी पर रख लिया जाएगा. उन्‍होंने शुरुआत के दिनों में बेहतर काम किया उसका पेमेंट उन्‍हें किया गया, परन्‍तु बाद में उनका आउटपुट शून्‍य हो गया. कार्यालय में उन्‍होंने बदतमीजी की, चाभी पटक दिया. मुझे फोन पर धमकी दी गई, अपशब्‍द बोले गए. दो महीने में मीडिया हाउस बंद कराने की चेतावनी दी गई. उन्‍हें अब भी मैंने काम पर वापस आने को कह रखा है, जबकि वो आफिस के कई छोटे मोटे सामान भी अपने साथ ले गए हैं.


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