हाई कोर्ट ने फर्जी पत्रकारों की याचिका खारिज की

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फर्जी पत्रकार बनकर एक व्‍यक्ति से रकम वसूलने की कोशिश करने के मामले में दो युवकों को हाई कोर्ट ने कोई राहत देने से इनकार कर दिया है. दोनों युवकों ने कोर्ट में याचिका देकर अपने खिलाफ मामला रद्द करने की अपील की थी. परन्‍तु कोर्ट ने दोनों युवकों के अपराध को समाज के खिलाफ बताते हुए याचिका खारिज कर दी.

कृष्‍णा नगर थाना में शिकायतकर्ता सुरेंद्र पाल ने 29 अप्रैल 2009 को इन दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया था कि इलाके में रहने वाले दो व्‍यक्ति अपने को पत्रकार बता कर उसके भवन निर्माण को रोक रहे हैं. निर्माण कराने के एवज में उसे 50 हजार रुपये मांग रहे हैं. और धमकी दे रहे हैं कि उन्‍हें पैसे नहीं मिले तो वे एमसीडी की अधिकारियों से शिकायत करके निर्माण कार्य ठप करा देंगे. इसके बाद पुलिस ने इन दोनों लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया. आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है.

इस मामले में दोनों आरोपियों ने हाई कोर्ट में यह कह कर मामला रद्द करने की याचिका दी थी कि उनका शिकायतकर्ता से समझौता हो चुका है. इस याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षों में समझौते के बाद अदालत प्राथमिकी को रद्द कर सकती है, परन्‍तु यह देखना जरूरी होता है कि कहीं अपराध समाज के खिलाफ तो नहीं था, और अदालत को लगता है कि यह अपराध समाज के खिलाफ है. इसलिए ये याचिका खारिज की जाती है.


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