कोतवाल ने पत्रकार को रिवाल्‍वर लेकर दौड़ाया

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: यूपी के शाहजहांपुर में हुई घटना से पत्रकारों में रोष : उत्‍तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद की पुवायां कोतवाली में अपने बारे में खबरें छपने से क्षुब्‍ध कोतवाल ने पत्रकार को रिवाल्‍वर लेकर दौड़ा लिया। उसने पत्रकार को 147वां शिकार बनाने की धमकी भी दी। यह वाकया लखनउ से प्रकाशित स्‍वतंत्र भारत के पत्रकार रामलड़ैते तिवारी के साथ हुआ। कोतवाल बीके सिंह के आने के बाद से पुवायां में अपराध चरम पर है।

हालात यहां तक बिगड़ गए हैं कि कसबे में ही लूट और डकैती की घटनाएं होने लगीं। कोतवाल ने पत्रकारों को बुलाकर इन मामलों को नहीं छापने को कहा। उन्‍हें ओबलाइज करने की बात भी कोतवाली में बैठे दलालों ने कर ली। दो पत्रकार रुपए लेकर चुप बैठ भी गए। रामलडैते ने डकैती और लूट के मामलों को हाईलाइट करने के साथ ही दलालों के खिलाफ भी खबरें छापी तो कोतवाल बौखला उठे। उन्‍होंने श्री तिवारी के कोतवाली में घुसने पर रोक लगा दी और झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी भी दी।

पत्रकार ने मामले की शिकायत एसपी को रजिस्‍टर्ड पत्र भेजकर की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। खबरों का प्रकाशन जारी रहा तो 24 अगस्‍त को कोतवाल ने समाचार संकलन करने कोतवाली गए रामलडैते को रिवाल्‍वर लेकर दौड़ा लिया। कोतवाल ने कहा कि वह 146 इनकाउंटर कर चुका है। 147वां नंबर इसी पत्रकार का है। सूत्र बताते हैं कि जल्‍द ही रिटायर होने वाले इस कोतवाल ने सपा से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर ली है। जब से उन्‍हें टिकट का आश्‍वासन मिला है वह दोनो हाथों से रुपए पीटने में लग गए हैं। इस कारण उन्‍हें अपने खिलाफ छपने वाली कोई भी खबर गंवारा नहीं है।

मामले ने तूल पकड़ा तो सांसद मिथलेश कुमार ने घटना की निंदा करते हुए मामले को उच्‍च अधिकारियों तक ले जाने की बात कही। पुवायां से बसपा विधायक धीरेंद्र प्रसाद ने एसपी से मिलकर पुवायां थाने को भ्रष्‍टाचार का अड्डा बताते हुए कोतवाल की कार्यशैली की आलोचना की। भारत परिषद, किसान यूनियन, बार एसोशिएसन, कई पत्रकार संगठन भी कोतवाल के विरोध में उठ खड़े हुए हैं, लेकिन कोतवाल के खिलाफ अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

शाहजहांपुर से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


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