चौकी इंचार्ज ने की स्‍टार व जी न्‍यूज के पत्रकारों से मारपीट

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माया के राज में अब पुलिस वाले सिर पर चढ़कर मूतने लगे हैं. अभी बृजलाल के डीजीपी बनाए जाने की सेटिंग को एक दिन भी नहीं बीता कि उन्‍नाव में एक चौकी इंचार्ज ने दो पत्रकारों से गाली-ग्‍लौज तथा मारपीट किया. पीडि़त पत्रकार जब कार्रवाई की मांग करने लगे तो आरोपी दरोगा को दलित बताकर पुलिस ने  कार्रवाई करने से पल्‍ला झाड़ लिया. इसको लेकर पत्रकारों में नाराजगी है. सांसद बृजेश पाठक के हस्‍तक्षेप के बाद भी आरोपी चौकी इंचार्ज के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

जानकारी के अनुसार जी न्‍यूज के रिपोर्टर प्रसून शुक्‍ला एवं स्‍टार न्‍यूज के रिपोर्टर आशीष गौड़ ईद के नमाज की कवरेज करके लौट रहे थे, तभी रास्‍ते में एक जगह पुलिस ने बैरकेटिंग लगाई थी. नमाज खतम होने के बाद इस बैरकेटिंग को खोल दिया गया था. जब ये दोनों पत्रकार वहां पहुंचे तो ललऊखेड़ा का चौकी इंचार्ज राम सुंदर वहां खड़ा था. बैरकेटिंग खुला देखकर जब पत्रकारों ने अपनी मोटरसाइकिल ले जाने लगे तो राम सुंदर ने अपशब्‍दों का प्रयोग करते हुए कहा कि साले कमीनों यहां कहां घुस रहे हो.

इस पर जब पत्रकारों ने सभ्‍य तरीके से बात करने को कहा तो दारोगा ने पत्रकारों को तमाचा जड़ दिया तथा गालियां बकनी शुरू कर दी. अपने सहयोगियों से भी दोनों लोगों को पीटने को कहा परन्‍तु इनको पहचानने वाले दूसरे पुलिसकर्मियों ने बीच बचाव किया. सरेआम बिना कारण पीटे जाने से नाराज प्रसून और आशीष वहीं सड़क पर बैठ गए. इसकी जानकारी किसी प्रकार सांसद बृजेश पाठक को हुई. उन्‍होंने एसपी से बात की तथा आरोपी चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की बात कही.

दोनों पत्रकार मारपीट की घटना का रिपोर्ट लिखवाना चाहा तो पुलिस वालों ने यह कह कर रिपोर्ट नहीं लिखने की सलाह दी कि दारोगा भी क्रास रिपोर्ट लिखवाना चाह रहा है कि वह दलित है तथा उसके साथ भी मारपीट हुई है. दोनों पत्रकारों पर दलित उत्‍पीड़न एक्‍ट लगाने का डर एवं दबाव बनाकर मामला लिखने से इनकार कर दिया गया. सांसद बृजेश पाठक के हस्‍तक्षेप के बाद भी अभी तक आरोपी दारोगा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. हालांकि उसको लाइन हाजिर किए जाने की अफवाहें जरूर उड़ रही हैं, परन्‍तु अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है.

इस संदर्भ में पूछ जाने पर प्रसून शुक्‍ला ने बताया कि दारोगा से उनकी ना तो कोई व्‍यक्तिगत दुश्‍मनी थी और ना ही कोई दुराव था. दो दिन पहले उनके क्षेत्र में एक लाख रुपये की लूट हुई थी, इसी घटना की रिपोर्ट बनाकर मैं ने अपने चैनल पर चलवाई थी, हो सकता है चौकी इंचार्ज इसी बात से हमलोगों से नाराज रहे हों.  तभी तो बिना कारण, बिना बात उन्‍होंने बदतमीजी की.

आशीष गौड़ ने भी कहा कि बिना किसी कारण के राम सुंदर ने हमलोगों के साथ बदतमीजी एवं मारपीट की, जबकि हमलोग कोई ऐसा काम नहीं कर रहे थे, जिससे उनको तथा उनके कानून व्‍यवस्‍था को कोई ठेस पहुंचे. वैसे इस घटना से जिले के पत्रकार काफी नाराज हैं उनका कहना है कि अब दलित होना किसी के साथ कुछ भी गलत करने और बचने का लाइसेंस हो गया है. उन्‍होंने आरोपी दारोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इस संदर्भ में जब राम सुंदर का पक्ष जानने के लिए कॉल किया गया तो उन्‍होंने रिसीव नहीं किया.


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