डीजीपी ने जांच होने तक पत्रकार की गिरफ्तारी पर लगाई रोक

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भोपाल : उज्‍जैन के पत्रकार पवन उपाध्याय के खिलाफ शासकीय चिकित्सक डा. संतोष कोतकर द्वारा पुलिस से मिलकर झूठा प्रकरण दर्ज कराने के संबध में वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा के नेतृत्व में पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के डीजीपी एसके राउत एवं अतिरिक्ति संचालक जनसंपर्क रज्जू राय से मुलाकात की व इस मामले में अधिकारी द्वय को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

इस पर श्री राउत ने तत्काल आईजी उज्जैन को दूरभाष पर निर्देशित किया कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाये। जांच की रिपोर्ट आने तक पत्रकार पवन उपाध्याय की गिरफ्तारी नहीं करने के निर्देश दिये। प्रदेश अध्यक्ष शारदा ने मध्यप्रदेश शासन के गृह (पुलिस) के आदेश दिनांक 06 जनवरी 2010 का हवाला देते हुए बताया कि किसी भी पत्रकार के विरूद्ध अपराध के पंजीयन के बाद चालान लिये जाने के पूर्व प्रकरणों में उपलब्ध साक्ष्य की समीक्षा पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा की जायेगी। समीक्षा में यह सुनिश्चित कर लिया जाये की संबधित पत्रकार/मीडिया के व्यक्ति को दुर्भावना वश या तकनीकी किस्म के प्रकरण स्थापित कर परेशान तो नहीं कर रहै है।

इस आदेश का हवाला भी पुलिस महानिदेशक एसके राउत ने अपने कनिष्‍ठ सहयोगियों को दिया। उन्‍होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्‍वस्‍त किया कि पत्रकार पवन उपाध्‍याय के मामले की जांच निष्‍पक्षतापूर्वक की जाएगी. प्रतिनिधिमंडल में शारदा के साथ पत्रकार आनंदकुमार, जगदीश प्रसाद शर्मा, पुरूषोत्तम चौबे समेत कई और लोग भी शामिल रहे।


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