पत्रकार उत्‍पीड़न मामला : कुमायूं के आयुक्‍त ने दिए जांच के आदेश

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: पत्रकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश : उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ जिल के मदकोट कस्बे में दैनिक जागरण के पत्रकार पवन बत्रा को खनन माफियाओं द्वारा धमकी दिए जाने के मामले में कुमायूं मंडल के आयुक्‍त ने पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मामले की जांच करवाने तथा पवन बत्रा को सुरक्षा सुनिश्चित करवाने का निर्देश दिया है. उन्‍होंने जांच के बाद राजस्‍व पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश भी दिया है.

उल्‍लेखनीय है कि मदकोट में दैनिक जागरण के पत्रकार पवन बत्रा ने सात सितम्बर को गोरी नदी में हो रहे अवैध खनन की खबर लिखी थी. खबर के अनुसार 15 सितम्बर तक राज्य में नदियों में खनन पर प्रतिबंध होता है, इसके बावजूद खनन का कार्य जारी था. इस खबर के बाद खनन व्यवसाय से जुडे़ प्रदीप रावत ने अन्य खनन माफियों के साथ पत्रकार के मदकोट स्थित प्रतिष्‍ठान पर धावा बोला तथा उनके साथ मारपीट की. प्रतिष्‍ठान में तोड़फोड़ की गई हुई तथा उनकी पत्नी को नग्न घुमाने की धमकी दी गयी. उनकी पत्‍नी को भी प्रताडि़त करने की कोशिश की गई.

इस मामले में पत्रकार पवन बत्रा ने सात सितम्बर, 2011 को राजस्व पुलिस में मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर उपजिलाधिकारी मुनस्यारी को दी, परन्‍तु अब तक मामला दर्ज नहीं किया गया है. पत्रकार को अगवा करने का भी प्रयास किया गया. इसके बाद उसने पुलिस को तहरीर दी, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अगवा करने का एफआईआर दर्ज करने की बजाय गाली-गलौच करने, धमकी देने जैसी सामान्य घटना दिखाते हुए इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 232, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया तथा जेल भेजा. इसके बाद भाजपा के तमाम लोग खनन माफियाओं को बचाने में सक्रिय हो गए तथा पत्रकार को भी खाप पंचायत के आधार पर पांच दिन में इलाका छोड़ने का फरमान जारी कर दिया गया.

एक पत्रकार के साथ होने वाले उत्‍पीड़न को देखते हुए श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने पूरे मामले में नाराजगी जताया तथा पत्रकार का उत्‍पीड़न रोके जाने की मांग की. इसके बाद यूनियन के महासचिव प्रयाग पाण्‍डेय के नेतृत्‍व में एक प्रतिनिधिमंडल कुमायूं मण्‍डल के आयुक्‍त से मिला तथा पूरे मामले की जानकारी दी. इसके बाद आयुक्‍त ने पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पूरे मामले की मजिस्‍ट्रेटी जांच कराने तथा पत्रकार पवन बत्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. उन्‍होंने यह भी निर्देश दिया है कि जांच के बाद राजस्‍व पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया जाए.


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