बाइकर्स गैंग ने दो पत्रकारों को लूटा

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बाइकर्स गैंग को पुलिस का खौफ नहीं है। इस गैंग को बस शिकार चाहिए। रात के अंधेरे में पुलिस सड़कों पर दिखे न दिखे, लुटेरे जरूर दिखते हैं। बाइकर्स गैंग ने वारदातों से शहर में दहशत फैला दी है। होटल मालिक, पुलिस मुलाजिम और पत्रकार तक इस गैंग का शिकार बन चुके हैं। बाइकर्स गैंग ने सोमवार रात को दो अलग-अलग स्थानों पर पत्रकारों को अपना निशाना बना दिया।

सोमवार रात साढ़े बारह से एक बजे के बीच के बाद बाइक सवार पत्रकार प्रवीण पर्व को रेलवे कालोनी के पास तीन बाइक पर सवार छह लुटेरों ने घेर लिया। लाडोवाली रोड का रेलवे फाटक पार करते ही एक बाइक पर सवार दो लुटेरों ने बिल्कुल समांतर स्पीड से बाइक रोकने की कोशिश की। उनके हाथ में लंबी कटार थी, मुंह ढंका था और उम्र 20 से 30 साल के के बीच थी। एक बाइक पर सवार दो अन्य लुटेरे कुछ आगे पहुंच गए। इस बीच एक और बाइक आ गई। तीनों बाइक सवारों ने हेड व बैक लाइट बंद कर रखी थी। बाइक भगाने की कोशिश की गई तो लुटेरों ने लोहे की लंबी कटार मारने को हवा में उठा ली। टूटी सड़क और वृक्ष आने पर ब्रेक लगाते ही प्रवीण को लुटेरों ने घेर लिया।

लुटेरों ने आपस में कोई बात नहीं की, सिर्फ एक-दूसरे को इशारे किए। बाइक की नंबर प्लेट छोटी व अक्षर बारीक होने के कारण पढ़े नहीं गए। इतने में लुटेरों ने दोनों जेबों से मोबाइल फोन और पेंट के पीछे की जेब से बटुआ निकाल लिया। लुटेरों ने जेब से पेन भी निकाल लिया। इस बीच वह तेजधार हथियार दिखा कर डरा रहे थे कि एक थ्री व्हीलर की हेडलाइट चमकी, जिसे देख लुटेरे भाग गए। होटल कमल पैलेस के बाहर तैनात पुलिस के जवानों से मदद की गुहार लगाई गई तो उन्होंने वीआईपी ड्यूटी का हवाला दे पल्ला झाड़ा।

बीएमसी चौक में पीसीआर को वायरलेस की गई, लेकिन घटना को आधा घंटा बीत चुका था। इसके बाद थाना नई बारादरी की पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने बयान लेने के बाद पत्रकार को सुरक्षित घर पहुंचाया। इसी तरह टीवी सेंटर के पास लुटेरों ने कपिल तनेजा नामक एक पत्रकार को निशाना बना दिया। तीन बाइक पर सवार छह लुटेरों ने उन्हें टीवी सेंटर के पास घेर लिया और मोबाइल फोन और नकदी छीन ली। दोनों घटनाओं में एक ही बाइकर्स गैंग होने की आशंका है। साभार : जागरण


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