शर्मनाक : अपने छायाकार के साथ हुई मारपीट को ही नहीं छापा जागरण ने

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: बीपी गौतम ने जिलाधिकारी से की जागरण ब्‍यूरोचीफ के फर्जी कागजात की शिकायत : बदायूं में पत्रकारों व वकीलों के बीच चल रहे विवाद में दो दिन पहले दैनिक जागरण के छायाकार कुलदीप शर्मा को वकीलों ने फोटो खींचते समय जमकर पीटा था। कुलदीप का कैमरा भी छीन लिया गया था। इस प्रकरण में थाना सिविल लाइंस में वकीलों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया था।

मुकदमा लिखाने को लेकर पत्रकार बीपी गौतम व एसएसपी नवनीत राणा के बीच जमकर कहासुनी भी हो गयी थी, जबकि जागरण के ब्यूरो चीफ इस मामले की लीपापोती करने में जुटे हुए थे। पर सबसे ज्‍यादा चौंकाने वाली बात यह है कि जागरण अपने छायाकार के साथ भी नहीं खड़ा है। अन्‍य अखबारों ने जहां छायाकार के साथ हुए घटना की खबर को विस्‍तार से प्रकाशित किया वहीं दैनिक जागरण में इस प्रकरण से संबधित कोई खबर प्रकाशित नहीं की। अब इसका कारण क्‍या है वे जागरण वाले ही जाने पर इसको लेकर पूरे बदायूं में इस अखबार की जमकर छीछालेदर हो रही है।

तमाम आरोप भी ब्‍यूरोचीफ मेधावृत्‍त मिश्रा पर मढ़े जा रहे हैं। हालांकि अमर उजाला ने भी इस खबर का प्रकाशन नहीं किया है परन्‍तु हिंदुस्‍तान, खुसरो मेल और अमर प्रभात ने विस्‍तार से छायाकार से मारपीट की खबर लगाई है। खबर है कि अपने साथ अखबार प्रबंधन के रवैये से छायाकार कुलदीप शर्मा भी खासे आहत हैं। बदायूं के अन्‍य पत्रकारों ने भी दैनिक जागरण कर्मियों के साथ किसी तरह की घटना होने पर साथ न देने का निर्णय‍ लिया है। पूरे शहर में जागरण अखबार के रवैये को लेकर चर्चा हो रही है।

दूसरी तरफ पत्रकार बीपी गौतम ने जागरण के ब्यूरो चीफ मेधावृत मिश्रा की जिलाधिकारी व जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र देकर फर्जी कागजातों के आधार पर नौकरी करने की शिकायत की है तथा कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्‍होंने आरोप लगाया है कि मेधावृत मिश्रा ने गुरुकुल विश्व विद्यालय वृंदावन के नाम से फर्जी कागज तैयार कर विज्ञानंद वैदिक रामनरायन इंटर कॉलेज, बदायूं में प्रवक्ता पद की नौकरी हथिया ली है।

बीपी गौतम ने उनकी नियुक्ति प्रक्रिया भी पूरी तरह फर्जी बताते हुए कहा है कि द्वादश श्रेणी से लेकर अंत तक के कागज पूरी तरह फर्जी हैं, जिनका कहीं कोई रिकार्ड नहीं है, इसीलिए मेधावृत मिश्रा जागरण में वेतन रहित काम करते हुए नौकरी बचाये हुए हैं। उन्होंने जागरण प्रबंधन को पत्र भेज कर ऐसे शातिर व्यक्ति को संस्थान से निकाले की भी मांग की है। बीपी गौतम ने शिकायत के साथ शपथ पत्र भी दिया है।


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