राहुल गांधी के अमेठी दौरे के दौरान पत्रकारों पर हमला, एक घायल

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राहुल गांधी का अमेठी दौरा कवर करना तीन न्‍यूज चैनलों के पत्रकारों को महंगा पड़ते-पड़ते बचा. रायबरेली से आजतक के पत्रकार शैलेंद्र सिंह, आईबीएन7 के महेंद्र प्रताप सिंह, इंडिया न्‍यूज के शिव प्रसाद यादव हुडंई आई टेन कार से राहुल का दौरा कवर करने के लिए अमेठी गए हुए थे. राहुल गांधी जब फुरसतगंज नहर कोठी के पास पहुंचे तो काफी संख्‍या में ग्रामीणों ने उनके काफिले को रोक लिया तथा अपनी परेशानी बताई.

ग्रामीणों की परेशानी सुनने के बाद राहुल आश्‍वासन देकर निकल गए. ये तीनों पत्रकार वहीं पर रुककर ग्रामीणों की बाइट ली तथा विजुअल बनाया. इसके बाद जब ये लोग जाने लगे तभी इनकी कार से एक बुजुर्ग साइकिल सवार को धक्‍का लग गया. हालांकि उन्‍हें ज्‍यादा चोटें नहीं आईं परन्‍तु ग्रामीणों ने इसकी गाड़ी घेर ली तथा अभद्रता करने लगे. पत्रकारों ने विरोध किया तो विवाद बढ़ गया. तब तक काफी संख्‍या में गांव वाले इकट्ठा हो गए तथा इन लोगों को मारने के लिए घेर लिया.

माहौल खराब होता देख ये लोग किसी तरह गाड़ी समेत वहां से निकले. इतने में गांव वालों ने उनकी गाड़ी पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे गाड़ी चला रहे आजतक के पत्रकार शैलेंद्र सिंह को पत्‍थर लग गया तथा उनका सिर फट गया. इन लोगों की कार भी क्षतिग्रस्‍त हो गई. यह कार आईबीएन7 के रिपोर्टर महेंद्र प्रताप सिंह की बताई जा रही है. गांव वालों ने उन्‍हें काफी दूर तक दौड़ाया. परन्‍तु किसी तरह ये लोग बचकर निकलने में कामयाब रहे. इन लोगों ने किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं कराया है.

इस संदर्भ में जब महेंद्र प्रताप सिंह से बात की गई तो उन्‍होंने कहा कि ये मामला कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी का था. हमलोग राहुल के काफिले के पीछे-पीछे चल रहे थे. कांग्रेसियों का एक गुट अन्‍ना के आड़ में पुराने लोगों का टिकट काटे जाने की मांग करने के लिए जगह-जगह अपने लोगों को फिट कर रखा था, जो राहुल से स्‍वच्‍छ छवि के प्रत्‍याशी को टिकट देने की मांग कर रहे थे. इन्‍हीं लोगों की भीड़ एक जगह इकट्ठी थी. राहुल गांधी का काफिला यहां नहीं रूका, पर जब तक हमलोगों की गाड़ी पहुंचती भीड़ का एक हिस्‍सा सड़क पर आ गया. इसी बीच किसी की साइकिल में हमारी कार हल्‍की टच हो गई. इन लोगों ने हमें भी राहुल गांधी के साथ का समझ लिया. इसी बीच किसी ने ड्राइविंग सीट वाले तरफ से पत्‍थर चला दिया, जिससे शैलेंद्र को चोट आ गई. इसके बाद किसी ने कोई बदतमीजी नहीं की. बाद में राहुल गांधी के साथ चल रही एम्‍बुलेंस के डाक्‍टरों ने शैलेंद्र को पट्टी बांधा. गाड़ी को ज्‍यादा नुकसान नहीं हुआ, इसलिए हमने एफआईआर दर्ज कराना भी उचित नहीं समझा.


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