दंतेवाड़ा में साथी पत्रकारों ने शकील की पिटाई की

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जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा के बस स्टैण्ड परिसर में दिन दहाड़े सैकड़ों लोगों के भीड़ के बीच पत्रकार शकील अहमद की पिटाई उनके ही कुछ साथी पत्रकारों ने कर दिया। मामला थाने तक पहुंचा। देर शाम प्रेस क्लब के बैठक में मारने व मार खाने वाले पत्रकारों के बीच समझौता करा क्लब के पदाधिकारियों ने मामले का पटाक्षेप किया।

वाकया 28 जनवरी की सुबह 11 बजे की है। दंतेवाड़ा शहर में विभिन्न दैनिक अखबारों के करीब 8 प्रतिनिधियों ने अपने साथी पत्रकार शकील अहमद की धुनाई कर दी। पत्रकार साथी इस बात से नाराज थे कि नेशनल लुक के पत्रकार शकील अहमद हमेशा अन्य पत्रकार साथियों के साथ बदतमीजीपूर्वक पेश आते थे तथा वह हमेशा अपने जूनियर व सीनियर का ख्याल किए बिना बेवक्त कुछ भी अनाप-शनाप भाषा का प्रयोग कर सामने वाले को आहत कर देते थे।

बीते 26 जनवरी को कलेक्टर आर प्रसन्ना ने समस्त पत्रकारों को डिनर पर आमंत्रित किया था। पत्रकार शकील अहमद को डिनर हेतु आमंत्रण नहीं भेजा गया था, इस बात से वह पीआरओ साहब से नाराज थे। 27 जनवरी को पत्रकार शकील अहमद ने जिला जनसंपर्क कार्यालय पहुंच जनसंपर्क अधिकारी से पत्रकारों की लिस्ट दिखाने को कहा। लिस्ट दिखाए जाने पर शकील अहमद ने उसमें कुछ पत्रकारों के नाम के आगे आबलिक कर दूसरे पत्रकारों का नाम लिख दिया। यह बात बाकी पत्रकारों को नागवार गुजरी।

उसी शाम शकील अहमद ने अपनी सारी सीमाएं तोड़ते हुए देशबंधु के ब्यूरो-चीफ यशवंत यादव को फोन पर जान से मारने की धमकी दे डाली। इस बात से भी बाकी जूनियर पत्रकार साथी काफी नाराज हुए। पत्रकार साथियों ने शकील अहमद को समझाने की काफी कोशिश भी की। लेकिन शकील अहमद अपनी बदतमीजी व उलुल-जुलूल हरकतों को छोडऩे कतई तैयार नहीं थे। उद्वेलित पत्रकारों ने एक राय होकर 28 तारीख की सुबह 11 बजे बस स्टैण्ड परिसर में मौका पाते ही पत्रकार शकील अहमद की पकड़कर पिटाई कर डाली। मारपीट के बाद पत्रकारों ने थाने पहुंच पूरी स्थिति का हवाला देते हुए प्राथमिकी रिपोर्ट भी दर्ज कराई।

मारपीट की खबर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों को लगते ही स्थानीय रेस्ट हाउस में आपात बैठक बुलाई गई। जहां प्रेस क्लब दंतेवाड़ा के अध्यक्ष बिनोद सिंह ने दोनों पक्षों को समझाते हुए कहा कि आपस में झगड़ा से कोई फायदा नहीं। इसका फायदा तीसरे को होगा। पत्रकारों की स्थिति दक्षिण बस्तर में पहले से ही काफी खराब दौर से गुजर रही है। ऐसे में हम सबको एकजुट होकर रहना बेहद जरूरी है। समझाइश के बाद दोनों पक्ष समझौता के लिए राजी हो गए। और इस तरह मामले को खत्म किया गया।


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