जागरण ने लुटेरा बताया, भुक्‍तभोगी ने नोटिस भेजा

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दैनिक जागरण, बदांयू में छपे एक खबर पर दैनिक जागरण को नोटिस भेजा गया है. अखबार में छपी खबर से आहत रोजगार सेवक संजीव कुमार सिंह ने संपादक एवं जिला प्रभारी को नोटिस भेजा है. नोटिस में उन्‍होंने आरोप लगाया है कि स्‍थानीय संवाददाता रोजगार सेवकों से पैसे की मांग करते रहते हैं. पैसे न देने पर ही उनके खिलाफ यह खबर छापी गई है.

बदांयू जिले के वजीरपुर में रोजगार सेवक संजीव कुमार सिंह के बारे में एक खबर प्रकाशित हुई है. जिसमें उन्‍हें असलहे के बल पर सचिव से 76 हजार रूपये लुटने का आरोपी बताया गया है. संजीव ने आरोप लगाया है कि उनके और सचिव के बीच विवाद था तथा उन्‍होंने झगड़े की तहरीर थाने में दी थी. परन्‍तु जागरण ने उन्‍हें लूट का आरोपी बना दिया. जिससे उनकी तथा उनके परिवार की प्रतिष्‍ठा धूमिल हुई है. उनकी शादी भी टूटने के कगार पर है. संजीव ने स्‍थानीय संवाददाता पर भी आरोप लगाया है कि उनके द्वारा अक्‍सर पैसे की मांग की जाती है. पैसे न देने पर ही उन्‍होंने गलत तथ्‍यों के आधार पर उनको लुटेरा बना दिया गया है.

संजीव ने दैनिक जागरण के संपादक को भेजे गए नोटिस में पन्‍द्रह दिनों के भीतर सही तथ्‍यों के साथ समाचार तथा खंडन छापने को कहा है. संजीव का कहना है कि इस घटना को जागरण के अलावा किसी और अखबार ने नहीं छापा, जबकि अगर मैंने लूट की घटना को अंजाम दिया होता तो सभी अखबार इस खबर को प्रमुखता से छापते. उन्‍होंने स्‍थानीय संवाददाता प्रवीण गुप्‍ता पर आरोप लगाया है कि वह 26 जनवरी को पन्‍द्रह सौ रूपये का चेक ले गया परन्‍तु छह सौ रूपये का विज्ञापन अखबार में छापा है.

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