आजमगढ़ के पत्रकार पर अपहरण का मामला दर्ज

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आजमगढ़ के एक व्‍यापारी ने आजमगढ़ विकास संघर्ष समिति के अध्‍यक्ष तथा वॉयस ऑफ लखनऊ के ब्‍यूरोचीफ एसके सत्‍येन समेत चार लोगों पर अहलहे की नोंक पर अपहरण कर मारने-पीटने और जानमाल की धमकी देने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है.

शहर कोतवाली पुलिस में दिए गए तहरीर में सदावर्ती मुहल्‍ला निवासी दिनेश बरनवाल ने कहा है कि उनकी वीडियोकान डीटीएच कंपनी की ऑफिस पुरानी कोतवाली के पास है. वे अपनी आफिस बंद करने के बाद गुरुवार की रात को नौ बजे अपने भाई के साथ मोटरसाइकिल से घर वापस जा रहे थे. इसी दौरान अठवरियां मैदान के पास एसके सत्येन, पप्पू यादव, पंकज और नितिन ने उनका अपहरण कर लिया. अपहरण करने के बाद चारों उसे अपनी गाड़ी में बैठाकर हरबंशपुर क्षेत्र स्थित अपने अहाते में ले गए. वहां पर उसे मारा-पीटा गया. जान से मारने की धमकी दी गई. पुलिस ने दिनेश की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस ने एक आरोपी पंकज को गिरफ्तार भी कर लिया है.

दूसरी तरफ विकास समिति के महासचिव पप्‍पू यादव ने आरोप लगाया है कि कोतवाली पुलिस ने समि‍ति के अध्‍यक्ष समेत चार लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाया है. उन्‍होंने कहा कि पुलिस ने बगैर किसी जांच के तहरीर पर जबर्दस्‍त जल्‍दबाजी दिखाते हुए मुकदमा कायम कर लिया. उन्‍होंने कहा है कि अगर दिनेश का अपहरण किया गया होता तो वह कोतवाली कैसे पहुंचता.

इधर, जो बात सामने आई है, वह है व्‍यापारिक विवाद. पत्रकार एसके सत्‍येन का वोडाफोन तथा वीडियोकान का व्‍यवसाय है. इसी मामले में दोनों के बीच कुछ विवाद था, जिसके बाद यह रिपोर्ट लिखाई गई है. सबसे ज्‍यादा हास्‍यास्‍पद स्थिति पुलिस की बन गई है. सही मामलों की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने वाली पुलिस इस मामले में जितनी तेजी दिखाई है, उससे लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं.


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