पत्रकारों ने अजित पवार के खिलाफ मोर्चा खोला

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: उपमुख्‍यमंत्री के बयान से नाराज पत्रकारों का प्रदर्शन जारी : नांदेड़ की रैली में महाराष्‍ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा पत्रकारों पर की गई टिप्‍पणी के बाद पत्रकार नाराज हैं. अजित के खिलाफ पत्रकारों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. मीडिया को दादागिरी दिखाने के मामले को लेकर उनकी तीखी आलोचना हो रही है. विपक्षियों ने इस बयान को उनकी नाकामी छुपाने का हथियार बताया है.

अजित के रवैये से नाराज तमाम पत्रकार संगठनों ने सोमवार को मुंबई में बैठक बुलाई है. इसमें विरोध प्रदर्शन की रणनीति तय की जाएगी. गौरतलब है कि नांदेड़ में हुई रैली में एक किसान के सवाल से बौखलाए उपमुख्यमंत्री ने पत्रकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाया था तथा मीडिया पर पाबंदी लगाने की बात कही थी. रैली में पुलिस वालों ने कई पत्रकारों के साथ अभद्र व्‍यवहार किया. कुछ पत्रकारों की पिटाई भी की गई.

इस घटना के बाद अजित के खिलाफ पूरे राज्‍य के पत्रकारों का गुस्‍सा भड़क उठा. औरंगाबाद में पत्रकारों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया. आज मुंबई में पत्रकार विरोध प्रदर्शन की रणनीति तैयार करने वाले हैं. उपमुख्‍यमंत्री के बयान एवं रवैये पर भाजपा-शिवसेना ने आपत्ति जताते हुए जोरदार आलोचना की है. मंत्रालय एवं विधिमंडल वार्ताहार संघ के अध्‍यक्ष अनिकेत जोशी ने अजित पवार की निंदा की है. उन्‍होंने उनके बयान को गैर जिम्‍मेदाराना बताते हुए कहा कि इससे राज्‍य में पत्रकारिता के संबंध में गलत वातावरण बनेगा. पत्रकार हल्‍ला विरोधी कृति समिति के निमंत्रक एसएम देशमुख ने भी इस बयान की आलोचना की है.

अजित पवार के व्‍यवहार से पत्रकार काफी नाराज हैं. उन्‍होंने राज्‍यपाल, मुख्‍यमंत्री, राज्‍य सरकार के मंत्रियों तथा सभी पार्टी के अध्‍यक्षों को पत्र लिखकर रोष जताने का निर्णय लिया है. इसी के तहत पत्रकारों पर होने वाले हमले पर अंकुश के लिए बनाने जाने वाले कानून को भी अमल में लाने की मांग उठाए जाने की बात कही गई है. पत्रकारों ने मांग की है कि पवार उस किसान से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें.


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