पवार, देशमुख के बाद भुजबल भी पत्रकारों से खफा

E-mail Print PDF

: मीडिया को राज्‍य के विकास में बाधक बताया : महाराष्‍ट्र में अब नेताओं को मीडिया के चलते परेशानी होने लगी है. बिलासराव देशमुख और अजित पवार के बाद राज्‍य के सार्वजनिक निर्माण मंत्री छगन भुजबल भी मीडिया को विकास योजनाओं में बाधक बता डाला. मीडिया की कार्यशैली की जमकर खिल्‍ली उड़ाई. भुजबल ने कहा कि नई औद्योगिक परियोजनाओं पर सवाल उठाने वाली मीडिया के चलते उद्यो‍गपति अब महाराष्‍ट्र में परियोजनाएं लगाने से कतराने लगे हैं.

भुजबल मुंबई में सटर डे क्लब की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में यह बातें कहीं. उन्होंने कार्यक्रम में मीडिया को जमकर बुरा-भला कहा. भुजबल ने कहा कि हर खबर में बैठे-बैठे नुक्‍ताचीनी की जाती है. मामले को लेकर शंका और कुशंका पैदा की जाती है. राज्य में आने वाली परियोजनाओं पर तरह-तरह के सवाल खड़े किए जाते हैं. मीडिया के इसी प्रकार के जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप के कारण उद्योग लगाने की इच्छा रखने वाले उद्योगपति  अब महाराष्ट्र में किसी भी परियोजना को लाने से कतराने लगे हैं. जिसका प्रदेश के विकास पर खराब असर पड़ रहा है.

पिछले दिनों मीडिया में अपनी आलोचना होने पर विलासराव देशमुख ने भी मीडिया पर हमला बोला था. अपने गृह जनपद लातूर में आयोजित कार्यक्रम में देशमुख ने कहा था कि नेताओं को नीचा दिखाने के लिए टीवी चैनल के लोग अपने दफ्तरों में समूह चर्चा आयोजित करते हैं, और रात में जमकर शराब पीते हैं. उन्‍होंने कहा था कि किसी कुंए की गहराई किनारे बैठकर नहीं नापी जा सकती, उसके लिए कुंए के तल में उतरना पड़ता है.

इसके पहले महाराष्‍ट्र के उपमुख्‍यमंत्री औरा राकांपा नेता अजित पवार ने भी पत्रकारों को मारने-पीटने तथा पाबंदी लगाने की बात कही थी. जिसके लिए उनके चाचा और केन्‍द्रीय मंत्री शरद पवार ने माफी मांगी थी. इसके पहले शरद पवार भी प्‍याज निर्यात के मामले पर मीडिया के खिलाफ मोर्चा खोला था.


AddThis