वरिष्‍ठ पत्रकार शंभू सिंह का लखनऊ में निधन

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लखनऊ से एक खबर आ रही है कि दैनिक जागरण, हिंदुस्तान और गांडीव के पुराने साथी रहे शंभू सिंह का रविवार की शाम को पीजीआई में निधन हो गया। वे पचपन साल के थे। वे अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री का भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। उन्हें एक पखवाड़ा पहले ब्रेन हेमरेज हुआ था और उसके बाद पीजीआई लखनऊ में भर्ती किया गया। तबीयत उनकी वाराणसी स्थित आवास पर ही खराब हुई थी।

उन्हें वाराणसी के एपेक्स अस्पताल में भर्ती किया गया था। वे न्यूरो सर्जन आलोक ओझा के अधीन चिकित्साधीन रहे और पता चला कि बांयीं ओर लकवा का असर हो गया था। आंख पूरी तरह खुल नहीं रही थी और बायां अंग काम नहीं कर रहा था। डा. ओझा ने आपरेशन की सलाह दी पर घरवालों को यह सुझाव पसंद नहीं आया। उन्हें सेकेंड ओपिनियन के लिए पीजीआई लखनऊ में ले जाया गया था। पीजीआई के डाक्टरों की चिकित्सा के बावजूद उनकी आंख पूरी तरह खुल नहीं रही थी।

उनके बड़े बेटे संजय ने एक बार बताया था कि पीजीआई के डाक्टरों ने कह दिया है कि फिलहाल आपरेशन की दरकार नहीं है और दवा से ही वे ठीक कर देंगे। पर ऐसा नहीं हुआ और कम उम्र में ही वे हमें सदा सदा के लिए छोड़कर चले गए। शंभू सिंह ने पत्रकारिता दैनिक जागरण बनारस से शुरु की। तत्पश्चात आज, गांडीव, हिंदुस्तान, भारत दूत, काशीवार्ता में वरिष्ठ पदों पर काम किया। शंभू सिंह इन दिनों आगरा में कल्पतरु से जु़ड़ गए थे। वे क्राइम मामलों के विशेषज्ञ माने जाते रहे हैं।

काशी पत्रकार संघ के महामंत्री कृष्णदेव राय ने शंभू सिंह के निधन की पुष्टि करते हुए शोक व्यक्त किया है। काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष योगेश गुप्त पप्पू ने भी शंभू सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। संघ के महामंत्री ने बताया कि पीजीआई से शव लेकर परिवारवाले वाराणसी के लिए रवाना हो गए हैं। अंत्येष्टि आज होगी। साभार : पूर्वांचलदीप


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