ये है बुलंदशहर में मायाराज प्रायोजित जाम में फंसी दलित महिला के मौत के दृश्य

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स्वर्गीय गीताकभी किसी मां को बिना वजह थाने में बिठा दिया जाता है, क्योंकि ये यूपी है और यहां क्रिमिनल गवरनेंस है, कभी किसी मां की पुलिस-प्रशासन द्वारा लगाए गए जाम में मौत हो जाती है, क्योंकि ये यूपी है और यहां अंसवेदनशीलों का राजपाठ है. बुलंदशहर की घटना लोमहर्षक है. अफसरों का रेला, फौजफाटा लेकिन सब काठ के पुतले. किसी में दिल नहीं जो एंबुलेंस में बैठे मरीज व उसके परिजनों की गुहार को सुने.

इसी कारण गीता चल बसी. गीता उस वक्त सड़क पर थी जब माया सड़क पर प्रकट होने वाली थीं. उनका बुलंदशहर में दौरा था. पुलिस-प्रशासन ने सब चाक-चौबंद रखने के चक्कर में मुष्यता और संवेदनशीलता को भी लाकअप में बंद कर रखा था ताकि परिंदा तक पर न मार सके और उनकी माया मैडम की सुरक्षा में तनिक न दाएं-बाएं हो. बड़े पद पर बैठी एक दलित की बेटी के सुरक्षा चक्कर में उनके अफसरों ने दलित की एक दूसरी बेटी को सड़क पर तिल-तिल कर मार डाला. इससे संबंधित खबर आप पढ़ चुके हैं, अब देखें वीडियो. इस वीडियो को देखने के बाद भी यूपी के बड़े अफसरों का कुछ नहीं होगा क्योंकि यूपी में सस्पेंड सिर्फ थानेदार या दरोगा होता है, आईपीएस तो भगवान के यहां से राजपाठ करने के लिए आए हैं, सो लखनऊ से लेकर बुलंदशहर गाजीपुर तक के जिले-जिले में तैनात होकर ये आईपीएस अफसर राज कर रहे हैं.

....वीडियो देखने के लिए नीचे दिए जा रहे शीर्षक या तस्वीर पर क्लिक करें....

मायाराज में एक गीता का मरना


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