पत्नी की हत्या के आरोप से सुहेब इलियासी मुक्त

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'इंडियाज मोस्ट वांटेड' फेम सुहेब इलियासी को देर से ही सही, कोर्ट से न्याय मिला. उन पर लगाए गए अपनी पत्नी की हत्या के आरोपों को कोर्ट ने खारिज कर दिया. सुहेब इलियासी ने अंजू सिंह से प्रेम विवाह किया था. सिंह से इलियासी बनी अंजू 'इंडियाज मोस्ट वांटेड' की टीम में थीं. देश के कुख्यात माफियाओं-नेताओं की पोल खोलने वाले इस शो ने सुहेब को रातोंरात मशहूर कर दिया. पर पत्नी अंजू इलियासी की मौत से सब कुछ बिखरने लगा.

अंजू की मौत को हत्या कहकर प्रचारित किया गया पर जांच-पड़ताल से इस बात की पुष्टि हुई कि अंजू ने सुसाइड किया. अंजू की मौत के बाद सुहेब के सामने संकट की शुरुआत तब हुई जब बेटी आलिया की परवरिश को लेकर विवाद छिड़ा. अंजू की बहन रश्मि जो कनाडा में रहती हैं, ने दावा किया कि आलिया उनके साथ रहेगी. सुहेब आलिया को अपने पास रखना चाहते थे क्योंकि पिता होने के कारण वे बेटी की जरूरतों-इच्छाओं को ज्यादा अच्छे से समझते हैं और दूसरों से बेहतर परवरिश कर सकते हैं. इस विवाद का निपटारा सुप्रीम कोर्ट के जरिए हुआ जिसने आलिया को सुहेब के सानिध्य में रहने को मंजूरी दी.

इसी बीच रश्मि ने सुहेब पर देहज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का आरोप लगा दिया और पुलिस केस फाइल कर दिया. हालांकि अंजू के पिता केपी सिंह जो विख्यात साइंटिस्ट हैं और आईआईटी, कानपुर के विभागाध्यक्ष रहे हैं, अपने दामाद सुहेब को निर्दोष मानते हैं. यहां तक कि अंजू के भाई प्रशांत सिंह भी अपने बहनोई पर शक नहीं करते. लेकिन अंजू की बहन रश्मि सुहेब को हर मोड़ पर फंसाने और परेशान करने में जुटी रहीं. अंजू द्वारा सुसाइड किए जाने की  घटना 10 जनवरी 2000 को हुई. अंजू की बहन रश्मि सिंह ने 16 मार्च 2000 को सुहेब इलियासी पर अंजू की हत्या करने का आरोप लगाया. पुलिस ने सुहेब के खिलाफ दहेज प्रताड़ना एवं दहेज हत्या का मामला दर्ज कर लिया था. पर अब अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय गर्ग की अदालत ने अंजू इलियासी की मौत के मामले में आरोपी सुहेब इलियासी को हत्या के आरोपों से बरी कर दिया है. उन्होंने अंजू की मां व बहन के लगाए गए आरोपों में कोई दम नहीं पाया. अदालती फैसले के बारे में दो अंग्रेजी अखबारों में छपी खबर इस प्रकार है--


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