पत्रकार के उत्‍पीड़न पर प्रेस परिषद गंभीर

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: सुल्‍तानपुर के पत्रकार आसिफ से समाचारों की कटिंग एवं शिकायती पत्र मांगा गया :  भारतीय प्रेस परिषद ने सुल्‍तानपुर के पत्रकार आसिफ बेग को पुलिस द्वारा फर्जी मामले में फंसाकर जेल भेजने को गंभीरता से लिया है. आसिफ की शिकायत के बाद प्रेस परिषद ने उनसे खबरों एवं शिकायत की प्रतियां मांगी हैं. आसिफ को पुलिस ने उस समय जेल भेज दिया गया था, जब इन्‍होंने राष्‍ट्रीय सहारा के लिए काम करते हुए 2008 को सेक्‍स रैकेट संबंधित खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था.

आसिफ इस समय डेली न्‍यूज एक्टिविस्‍ट को अपनी सेवाएं दे रहे हैं. आसिफ 24 अप्रैल 2008 को राष्‍ट्रीय सहारा के लिए सेक्‍स रैकेट के बारे में एक खबर लिखी थी. इसके पहले भी वो काफी खबरें लिखी थीं. जिससे कोतवाल बीआर प्रेमी इनसे काफी नाराज चल रहे थे तथा कई बार अपरोध तरीके से धमकाया भी था. इस मामले में देवमती नामक महिला ने आसिफ पर मुकदमा दर्ज कराया. जिस पर कार्रवाई करते हुए कोतवाल ने 2009 में आसिफ पर गैंगेस्‍टर एक्‍ट लगाकर जेल भेज दिया.

आसिफ ने अपने साथ हुए नाइंसाफी के खिलाफ प्रेस परिषद को शिकायती पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी थी. प्रेस प्ररिषद ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उनसे समाचारों की कटिंग, तत्‍कालीन पुलिस अधीक्षक डीसी मिश्रा से की गई शिकायत की प्रतियों को मांगा है. प्रेस परिषद से इसे जल्‍द से जल्‍द उपलब्‍ध कराने को कहा है ताकि पूरे मामले की सच्‍चाई जांची जा सके.

आसिफ ने बताया कि खबर छपने के बाद ही सेक्‍स रैकेट से जुड़े लोगों ने जान से मारने तथा सबक सिखाने की धमकी दी थी. मेरी कई खबरों से कोतवाल पहले से ही मुझसे काफी नाराज चल रहे थे. बीआर प्रेमी ने मुझसे कहा था बहुत खबरें छाप रहे हैं आप समझिएगा. एक खबर के प्रकाशित होने के बाद मुझ पर पैसा मांगने का आरोप लगाकर फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज कर लिया गया और मुझे गैंगेस्‍टर लगाकर जेल भेज दिया गया. मुझे तथा मेरे परिवार को तमाम तरीकों से परेशान किया गया. आसिफ ने बताया कि अब भी उन्‍हें धमकी दी जा रही है.


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