अरुण सहलोत ने संपादक रविन्‍द्र जैन को हटाया

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राज एक्‍सप्रेस में मध्‍य प्रदेश सरकार के खिलाफ, सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ खबरें लिखने की कीमत संपादक रविन्‍द्र जैन को चुकानी पड़ गई है. सरकार की आंख की किरकिरी बन चुके रविन्‍द्र जैन पर दबाव बनवाने के लिए सरकार ने पहले राज एक्‍सप्रेस के मालिक और सीएमडी अरुण सहलोत के शापिंग मॉल को निशाना बनाया. इसके बाद दबाव में आए अरुण सहलोत ने संपादक रविन्‍द्र जैन को अखबार से एक झटके में अलग कर अपनी हताशा का परिचय भी दे दिया.

राज एक्‍सप्रेस के भोलाल, ग्‍वालियर, इंदौर और जबलपुर एडिशनों के पेज नम्‍बर तीन पर एक खबर छापकर रविन्‍द्र जैन को पद का दुरुपयोग करने के कारण तत्‍काल प्रभाव से हटाए जाने की जानकारी राज ग्रुप के सीएमडी अरुण सहलोत के हवाले से दी गई है. इससे साफ है कि सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आग उगलने वाले संपादक की बलि लाला जी ने ले ली है. मध्‍य प्रदेश सरकार भी अपने मिशन में कामयाब दिख रही है, जो एंटी खबरें छपने से रविन्‍द्र जैन से बुरी तरह नाराज थी.

खबर

माना जा रहा है कि अरुण सहलोत मॉल गिरने के बाद बुरी तरह बौखलाए और घबराए हुए हैं. रविन्‍द्र जैन के संपादकत्‍व में खबरों की ताप से मध्‍य प्रदेश सरकार बुरी तरह झुलसी हुई थी. इसी के चलते मॉल को निशाना बनाया गया. सरकार के खिलाफ आग उगलने वाले संपादकों-पत्रकारों को निपटाने का लंबा इतिहास रहा है. कहा जा रहा है कि मॉल तोड़े जाने से घबराए अरुण सहलोत ने भी सरकार के इशारे पर रविन्‍द्र जैन की बलि चढ़ा दिया है.


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Last Updated ( Thursday, 12 May 2011 09:42 )