प्रमोद रंजन 'फारवर्ड' मैग्जीन के संपादक हिंदी बनाए गए

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पत्रकार व युवा आलोचक प्रमोद रंजन ‘फारवर्ड’ के संपादक (हिंदी) बनाये गये हैं। नयी दिल्‍ली से पिछले दो वर्षों से प्रकाशित यह द्विभाषिक पत्रिका मुख्‍यत: पिछडे और दलित समुदाय को वैचारिक आधार देने के लिए समर्पित है। प्रमोद रंजन के आने के बाद हिंदी क्षेत्र में इस पत्रिका का आधार बढने की उम्‍मीद है। अभी तक इसमें ज्‍यादातर मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी गयी सामग्री का अनुवाद छपता रहा है। पत्रिका अपने लेखकों को काफी अच्‍छा पारिश्रमिक देती है। इस कारण भी हिंदी के लेखकों में इसका आकर्षण रहेगा।

गौरतलब है प्रमोद रंजन अमर उजाला और दैनिक भास्‍कर के हिमाचल संस्‍करण में लंबी पारी खेल चुके हैं। उन्‍होंने कुछ समय तक पटना के प्रभात खबर में भी काम किया है तथा पटना से प्रकाशित पत्रिका ‘जन विकल्‍प’ का संपादन किया है। प्रमोद अभी जेएनयू के भारतीय भाषा केंद्र से शोध कर रहे हैं। वर्ष 2009 में उन्‍होंने मीडिया के जातिवादी चरित्र पर ‘मीडिया में हिस्‍सेदारी’ नाम से चर्चित पुस्तिका लिखी थी, जिसके बाद दिवंगत प्रभाष जोशी ने उन्‍हें आड़े हाथों लिया था।


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Comments (6)Add Comment
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written by sumesh thakur, May 18, 2011
Bahut Bahut Badhai.....umeed hai ki ab patarkarita main naya adhayay judega..
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written by Vishal Mangalwadi, May 16, 2011
Congratulations Promod Ji - With an editor of your caliber, I would love to write in Hindi, but I have been too indisciplined to learn Hindi typing. Hope to make up for that deficiency under your guidance.

Vishal
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written by NEERAJ BHAI PATEL, May 16, 2011
‎'फॉरवर्ड प्रेस' पत्रिका के हिंदी संपादक बनने की बधाई .... samajik nyay k liye aap unhi age badte rahen yahi meri shubhkamna hai..........main social justice k liye hamesha apke sath hoon.....
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written by मुसाफिर बैठा , May 15, 2011
‎'फॉरवर्ड प्रेस' पत्रिका के हिंदी संपादक बनने की बधाई प्रमोद भाई.सामाजिक न्याय के विषयों को वैज्ञानिक दृष्टि से पड़ताल करती यह क्रन्तिकारी विचार की द्विभाषिक (हिंदी-अंग्रेजी) पत्रिका निकट भविष्य में अपनी अलग पहचान बनाने जा रही है, ऐसा मुझे लगता है. प्रमोद को निकट से जानता हूँ.अगर वे अपना मन और दृष्टि झोंक दें तो बेशक, पत्रिका वेगमय पेंगे भरेगी.
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written by Rjeeev Sharma , May 14, 2011
प्रमोद रंजन जी को बधाई. उम्मीद है उनके संपादन में धमाकेदार अंक आयेंगे. यह भी बताएं की पत्रिका हमें कहा से मिल सकती है.
- राजीव शर्मा
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written by amrik singh, May 14, 2011
bahut-bahut shubhkamnayen parmod bhai....amrik singh

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