बिहार के पत्रकार अरुण कुमार भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य चुने गए

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बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ( बी.डब्ल्यू.जे.यू) के हिस्से में एक महत्वपूर्ण खबर है. यूनियन के  महासचिव अरुण कुमार - जो इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन (आइ.जे.यू) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य और The Times Of India Newspaper Employees Union Patna के अध्यक्ष भी हैं - भारत सरकार द्वारा ग्यारहवीं भारतीय प्रेस परिषद् (प्रेस कौंसिल ऑफ़ इंडिया) के सदस्य बनाये गए हैं.

इस आशय की अधिसूचना भारत सरकार ने  विगत बुधवार  १५ जून २०११ को जारी की है.  हमारी यूनियन और  बिहार की पत्रकार  बिरादरी के लिए यह गौरवमयी उपलब्धि है. तीन विषयों (अंग्रेजी, हिंदी, इतिहास) से स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त श्री कुमार विगत पच्चीस वर्षों से अधिक समय से बिहार के पत्रकारिता जगत में सक्रिय रहे हैं. इन्होने रांची से प्रकाशित होने वाले अंग्रेजी साप्ताहिक न्यू रिपब्लिक से अपनी पत्रकारिता शुरू की और उदितवाणी जमशेदपुर, प्रभात खबर रांची, जनशक्ति पटना, नवभारत टाईम्स पटना होते हुए विगत फरवरी १९८८ से लगातार The Times Of  India पटना संस्करण से जुड़े हैं.

भारतीय प्रेस परिषद्  भारत सरकार द्वारा प्रेस की आज़ादी और गुणवत्ता तथा पत्रकारिता  के मानदंड बनाये रखने के लिए गठित एक अर्ध-न्यायिक संवैधानिक संस्था है. यह संवैधानिक संस्था विगत १६ नवम्बर १९६६ से कार्यरत है. नवगठित परिषद् भारतीय प्रेस परिषद् का  ग्यारहवां कार्यकाल होगा जिसकी अवधि अधिसूचना की  तारीख से अगले तीन साल तक की होगी.

ज्ञातव्य हो कि श्री कुमार से पूर्व  बिहार से मात्र दो पत्रकार इसके सदस्य रहे  हैं.  ज्योत्स्ना - के संपादक रहे शिबिन्द्र नारायण और सर्चलाइट के पत्रकार मेवालाल शास्त्री . नारायण भारतीय भाषाई अख़बारों के संपादक  के तौर पर परिषद् के सदस्य चुने गए थे जिनका कार्यकाल १४ अक्तूबर १९९१ से ९ अगस्त १९९२ तक रहा. श्री शास्त्री संपादकों के इतर श्रमजीवी पत्रकारों की श्रेणी में परिषद् के सदस्य चुने गए थे जिनका कार्यकाल  २८ फरवरी १९७९ से २७ फरवरी १९८२ तक रहा. उल्लेखनीय है कि श्री शास्त्री भी बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव रहे. बिहार के पत्रकारों की श्रेणी में श्री कुमार तीसरे बिहारी पत्रकार हैं जो भारतीय प्रेस परिषद् के सदस्य चुने गए हैं.

पत्रकारों की श्रेणी से अलग बिहार से भारतीय पत्रकार परिषद् के सदस्य होने वालों में कई राजनेताओं के नाम शामिल है. ये हैं प्रसिद्ध हिंदी लेखक और राज्य सभा सदस्य गंगा शरण सिंह, जार्ज फर्नांडिस, के. के. तिवारी, अजित कुमार मेहता, डी.पी.यादव, मशहूर अंग्रेजी पत्रकार संपादक एम्. जे. अकबर. यदि एकीकृत बिहार की बात की जाये तो इनमे एक नाम और भी जोड़ा जा सकता है वह है - यशवंत सिन्हा. ये सभी राज्य सभा के सभापति और लोक सभा के अध्यक्ष के प्रतिनिधि के तौर पर भारतीय प्रेस परिषद् के सदस्य रहे हैं.

यदि नॉन-रेसिडेंट बिहारियों को भी इस सूची में शामिल किया जाये तो तीन और पत्रकारों के नाम इसमें शामिल किये जा सकते हैं. ये हैं एस. एन सिन्हा, सुरेश अखौरी और घनश्याम पंकज जिन्होंने बिहार से बाहर दिल्ली में रहकर भारतीय प्रेस परिषद् की सदस्यता प्राप्त की. आइ.जे.यू के वर्त्तमान प्रेसिडेंट-एलेक्ट  श्री एस. एन. सिन्हा बिहार के मुजफ्फरपुर के हैं और अखौरी बक्सर के. दोनों ही आइ. जे. यू. से जुड़े रहे हैं.

आइ जे यू के सेक्रेटरी जेनरल के श्रीनिवास रेड्डी, नवनिर्वाचित प्रेसिडेंट-एलेक्ट, एस. एन. सिन्हा ( दोनों ही निवर्तमान १०वीं भारतीय प्रेस परिषद् के सदस्य भी हैं) , आइ जे यू के नवनिर्वाचित सेक्रेटरी जेनेरल -एलेक्ट डी. अमर, ११ वीं भारतीय प्रेस परिषद् के नवनिर्वाचित सदस्य एवं आइ. जे. यू के राष्ट्रीय सेक्रेटरी के. अमरनाथ, ने बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव के भारतीय प्रेस परिषद् में सदस्य निर्वाचित होने की बधाई दी है. 

अमर मोहन प्रसाद
पूर्व महासचिव
बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन
पटना

प्रेस-विज्ञप्ति


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