प्रद्युम्न तिवारी का लखनऊ से नोएडा तबादला

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अमर उजाला, लखनऊ से खबर है कि वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ प्रद्युम्न तिवारी का तबादला नोएडा कर दिया गया है. प्रद्युम्न संपादक पंचोली के ताजा शिकार हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक तिवारी की पंचोली से शुरू से ही नहीं पट रही थी. बाद में तिवारी ने खुद को नए माहौल में एडजस्ट किया लेकिन पंचोली उनको लेकर मन ही मन खुन्नस पाले हुए थे. प्रद्युम्न तिवारी की वरिष्ठता और निष्ठा के कारण पंचोली उनका कुछ बिगाड़ नहीं पा रहे थे पर अब उन्हें मौका मिला तो एक झटके में तबादला करा दिया.

सूत्रों के मुताबिक प्रद्युम्न तिवारी का तबादला बेहद बेरुखी के साथ किया गया. उन्हें एक दिन अचानक बता दिया गया कि वे अब नोएडा आफिस को रिपोर्ट करें. प्रद्युम्न तिवारी फिलहाल अवकाश पर चले गए हैं. भड़ास4मीडिया ने उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया तो उनके मोबाइल पर घंटी जाती रही, उन्होंने फोन पिक नहीं किया. उधर, संपादक पंचोली ने भी भड़ास4मीडिया की तरफ से किए गए फोन को नहीं उठाया. बताया जा रहा कि प्रद्युम्न तिवारी का पूरी तरह निपटाने की तैयारी है. इसीलिए पहले चरण में उनका तबादला किया गया है और बाद में उन्हें संस्थान छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया जाएगा.


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Comments (3)Add Comment
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written by Jay Pandey, June 21, 2011
Ye achcha nahi hua ye to Kalam ke Taqat ki Tauheen hai..aur agar aap koi waki achcha kam karna chahte hai to Apnre Durachari Crime riporter ko haaiye...
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written by rk tiwari, June 21, 2011
अमर उजाला लखनऊ में सम्पादक अपनी गुंडागर्दी चला रहे है प्रद्युम्न तिवारी अमर उजाला के साथ ईमानदारी के साथ दो दसक से ज्यादा समय से काम कर रहे है पंचोली ने अपने राजस्थानी रिपोर्टरों को लाभ दिलाने के लिए प्रद्युम्न तिवारी को हटाने के लिए मुतरेजा को और राजुल माहेश्वरी सेट करके नोयडा तबादला किया है
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written by Pechan Kaun, June 20, 2011
Sashi Sekhar ki chaplusi ke karan pradumam amar ujala barellily se lko aye the. Dhere Dhere unho ne waha apni paith bana li thi. Yaha tak ki Mulayam se apne liye sarkari awas bhi awantit kara liya tha. Pradyuman Lko chood kar asani se jane wale nahi hai. Unka ek chela bhi AU Lko mai hai. Jo pradyuman sath le kar aye the. Pradyuman se waha ka koi staff khus nahi rahta tha, kyo ki we rajniti ke siva kuch nahi karte the. Maujuda Sampadak ne jo kiya hai wo achha hai. Na kewal waha kam karne walo kw liye balki sansthan ke liye bhi.

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