सहारा समय के अजय शर्मा का जयपुर से बेंगलोर ट्रांसफर

E-mail Print PDF

सहारा में राजस्थान के पत्रकार अजय शर्मा को बीते एक साल में ताबड़तोड़ प्रमोशन मिला. पर अब लगता है कि शर्मा जी के उलटे दिन शुरू हो गये हैं. अजय शर्मा को सहारा ने पहले जयपुर हेड बनाया, फिर नार्थ हेड का तमगा भी दिया. पर अब पता चल रहा है कि सहारा के एचआर ने उनका बेंगलोर तबादले का फरमान फैक्स के जरिये थमा दिया है. शर्मा को सात दिन के भीतर बेंगलोर में डयूटी ज्वाइन करने का आदेश मिला है. कुछ लोगों का कहना है कि उपेंद्र राय के करीबी रहे अजय शर्मा के तबादले में उपेंद्र राय की सहमति है जबकि कुछ अन्य लोगों का कहना है कि उपेंद्र राय की स्थिति सहारा में थोड़ी कमजोर हुई है और उनके कुछ खास लोगों को इधर-उधर किया जा रहा है. हालांकि इस संभावना से भी लोग इनकार नहीं कर रहे हैं कि बेंगलोर ज्वायनिग के बाद अजय की देर सबेर जयपुर वापसी हो सकती है.


AddThis
Comments (8)Add Comment
...
written by KAMLESH, June 28, 2011
सहारा एनसीआर हरियाणा राजस्थान के सम्पादक,राजस्थान अजय शर्मा का जयपुर से बंगलुरू तबादला कर दिया गया, भड़ास4मीडिया के ज़रिए ये ख़बर पढ़कर बड़ा दुख हुआ. जिस व्यक्ति ने राजस्थान में सहारा न्यूज़ चैनल का नाम बनाया, उसे जन-जन की आवाज़ बनाया, लोगों में पहचान बनाई उसे कर्नाटक भेजा जा रहा है. दक्षिण भारत के ऐसे प्रदेश जहां की मूल भाषा कन्नड़ है. अजय शर्मा मूलत: जयपुर के रहने वाले हैं, उनका पूरा पत्रकारिय अनुभव जयपुर की धरती से जुड़ा है, उन्हें राजस्थान में पत्रकारिता करते-करते मुद्दत हो गया है.. यहां की ब्यूरोक्रेसी, राजनीति और पुलिस-प्रशासन में जिस स्तर की उनकी पकड़ है, उसे देखते हुए अजय शर्मा को बंगलुरू भेजा जाना सरासर सहारा प्रबंधन की बचकानी हरकत है.
राजस्थान में अगर बात टीआरपी रेटिंग्स की करें, तो ऐसे वक्त पर उनकी बदली की जा रही है, जब सहारा यहां अपने चरम पर है..

टैम की रेटिंग्स के मुताबिक़ 23वें हफ्ते में कम्बाइन्ड एनसीआर राजस्थान की टीआरपी 7.0 रही,जबकि प्रतिस्पर्द्धी चैनल ईटीवी राजस्थान की टीआरपी महज़ 5.5 ही रही..
इसी तरह 24वें हफ्ते में सहारा एनसीआर राजस्थान की टीआरपी 9.2 जबकि ईटीवी राजस्थान की टीआरपी 5.2 रही.
जबकि 25वें सप्ताह में सहारा एनसीआर राजस्थान की टीआरपी 6.2 और ईटीवी की 6.3 रही..

अब आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि किस क्षमता की परफ़ॉर्मेंस देकर अजय शर्मा जयपुर की धरती छोड़कर कल बंगलुरू के लिए उड़ान भरने जा रहे हैं...सहारा प्रबंधन में क्या अक्कल नहीं है, कि एक राजस्थानी से कर्नाटक में काम करवाया जाएगा..तो खाक टीआरपी आएगी...ये तो सहारा का अत्याचार है,जिस आदमी ने सहरा की बुलंदियों के लिए अपनी दिन-रात कुर्बान कर दी..उसे इसका फल इस तरह दिया जा रहा है...

सहारा प्रणाम, सहारा का एक पूर्व पत्रकार









...
written by lalit, June 26, 2011
अजय शर्मा के राजस्थान से जाने पर..यहां सहारा एनसीआर का बंटाधार होना तय है, जिस तरह उन्होंने खबरों का प्रस्तुतिकरण किया है, सही और सटीक रिपोर्टिंग की है.प्रदेशभर में उनकी सराहना होती है..और सहारा ने अजय शर्मा की वजह से ही दर्शक जुटाए हैं. उनके यहां से चले जाने के बाद सहारा राजस्थान कौन देखेगा..
...
written by anuraag raizada, June 24, 2011
its true that mr. ajay sharma ji is very rigid about news and reporting matters. but this rigidness helps team to produce good and Quality product. he is very good and helping person. this is my personal experience.now hope for best.
...
written by abhijit, June 24, 2011
jis shaks ne sahara ko rajasthan me bulandiyon par pahuchaya aur trp ratings ko badaya use rajasthan ke bahar bhejna galat kadam hai. jin reporters ne ajay sharma ke hunar or tazurbe ke dum par apna career banaya wo shayad apni aukat bhool gaye hain par hum dua karenge ki unki wapasi ho.
...
written by Deepak Sharma, June 24, 2011
अजय शर्मा के राजस्थान से जाने पर..यहां सहारा एनसीआर का बंटाधार होना तय है, जिस तरह उन्होंने खबरों का प्रस्तुतिकरण किया है, सही और सटीक रिपोर्टिंग की है.प्रदेशभर में उनकी सराहना होती है..और सहारा ने अजय शर्मा की वजह से ही दर्शक जुटाए हैं. उनके यहां से चले जाने के बाद सहारा राजस्थान कौन देखेगा..भगवान सहारा प्रबंधन को सद् बुद्धि दे..

-दीपक शर्मा
...
written by amit sharma, June 24, 2011
अजय को बधाई हो, बंगलौर प्रमोशन करके भेजा जा रहा है.
...
written by KAMLESH MEENA, June 24, 2011
सहारा की किस्मत फूटी है..जो अजय शर्मा जी जैसे नेक दिल पत्रकार को राजस्थान से हटाकर बैंगलोर भेजा जा रहा है...हालांकि खबर है कि उन्हें वहां दक्षिण भारतीय क्षेत्र में हेड बनाकर भेजा जा रहा है...ये तो अजय शर्मा का पदोन्नति के साथ ट्रांसफर है..
लेकिन क्या सहारा एचआर की मत मारी गई, कि अच्छे खासे चलते चैनल को फिर से गर्त में ले जाना चाहता है...पिछले एक साल में राजस्थान में अपनी तेज़तर्रार रिपोर्टिंग और पत्रकारीय समझ के ज़रिए अजय शर्मा ने जो एक के बाद एक प्रमोशन और मुकाम हासिल किए...जो सराहनीय हैं... दरअसल, वो अपनी पूरी टीम को खींचकर रखते हैं..और ख़बर के मामले में कहीं भी ढिलाई नहीं बरतते...ऐसे में ख़बरों के लिए जीने वाले आदमी से कुछ लोगों को परेशानी ज़रूर होती है...और नाकारा लोग जो पत्रकारिता में कुछ कर नहीं पाए हैं..दूसरों की पदोन्नति और खुशहाली से ईर्ष्या करने लग जाते हैं..

ये बात किसी से छिपी नहीं है कि स्टार न्यूज़ से सहारा में आते ही, उपेन्द्र रॉय ने अजय शर्मा को राजस्थान का ब्यूरो चीफ़ बनाया...लेकिन राजस्थान में ईटीवी जैसे चैनल की मोनोपॉली को ख़त्म करने में जो भूमिका अजय शर्मा की रही..वो इस राज्य में टीवी चैनलों में पत्रकारिता ज़िन्दा रखने के लिए बेहद ज़रूरी थी...

भीतरखाने की ख़बर है कि उपेन्द्र रॉय को भी साइडलाइन में लाने की तैयारी कर ली गई है..उन्हें एकाउंट्स,मार्केटिंग
जैसे किसी विभाग में भेजा जा सकता है..ऐसे में ख़बरों से हटाते ही, वो खुद-ब-खुद सहारा छोड़ देंगे....यही कूटनीतिक पॉलिसी सहारा की रही है...

लेकिन अजय शर्मा को राजस्थान से हटाकर बैंगलोर भेजना सहारा के लिए अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा ही साबित होता..जमा जमाया काम और सहारा का नाम दोनों की गत बिगड़ जाएगी...एक बार फिर सहारा में स्ट्रिंगर और रिपोर्टर पुराने वाले ढीले तेवरों पर आ जाएंगे...जिन्हें सिर्फ मासिक सैलेरी से मतलब होता है...सरकारी नौकरी की तरह काम करने वाले सहारा के पत्रकारों को जिस तरह अजय शर्मा ने कस रखा है...वो कोई और कर पाएगा मुश्किल लगता है..

ख़बर है कि सहारा में ज़ैदी, हरियाणा से भंवर पुष्पेन्द्र,दिल्ली से मीना शर्मा वापस जयपुर आने की ताक में हैं...और एक बार फिर सहारा की चंडाल चौकड़ी के सम्पर्क में हैं...दरअसल, सभी अजय शर्मा से कोफ्त खाते हैं...और उनके ख़िलाफ़ लॉबिंग के चलते जयपुर से हटा दिए गए थे....

लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि अब जयपुर से सहारा राजस्थान की कमान कौन सम्भालेगा...भीतरी ख़बर ये है, कि राजस्थान की सत्तारूढ़ पार्टी का एक नेता, एक बिज़नेसमैन इन दिनों नोएडा में सहारा के चक्कर लगा रहे हैं...और फ्रेंचाइज़ी या सहारा राजस्थान का ठेका लेने की फ़िराक में हैं..बताया जा रहा है कि ईटीवी के कातिल भी गुपचुप इनके सम्पर्क में हैं...







...
written by shudanshu mathur kota , June 23, 2011
ये स्टिंगरो को इंसान नहीं समझते है और उन से जनाब बड़ी बत्तमीजी से बात करते है .. लोगो के दम पर प्रमोशन पाने वाले ये साहिब अपनी ओकात भूल गए थे ...........इन की ओकात तो सचिवालय के चपरासी बता देगे की साहिब जी कहा कहा जा कर मुह मारते रहते है ............अचा हुआ जो एच आर ने इन्हे वापिस ओकात में ला दिया .....बहुत जयपुर का पानी पी लिया अब बैंगलोर का भी स्वाद ले लो ..........पंडित जी ...........अब पता चलेगा की स्टिंगर क्या होते है ............वो आप का नाडा खोल देगे ............फुक सरक जाएगी आप की .............बैंगलोर जाना ही पड़ेगा ....क्योंकि और कोई चारा भी तो नहीं ......

Write comment

busy
Last Updated ( Thursday, 23 June 2011 15:05 )