अंतत: उपेंद्र राय पर गिरी गाज, स्‍वतंत्र मिश्रा को सहारा मीडिया का प्रभार

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: अपडेट : सहारा से बड़ी खबर आ रही है कि उपेंद्र राय की जगह स्‍वतंत्र मिश्रा को सहारा मीडिया का हेड बना दिया गया है. अब से वो सहारा मीडिया का पूरा कामकाज देखेंगे. उपेंद्र राय को सहारा मीडिया के ग्‍लोबल मीडिया का हेड बना दिया गया है. माना जा रहा है कि प्रबंधन अब उपेंद्र राय को साइड लाइन करने की कोशिश में जुट गया है. इसी के तहत उन्‍हें नए सृजित पद का मुखिया बनाया गया है, जहां करने के लिए कुछ भी नहीं है. गोविंद दीक्षित को पूरे नोएडा कार्यालय का प्रभार सौंपे जाने की भी चर्चा है.

सहारा ग्रुप की माया भी अजब है. कुछ दिन पहले जिस स्‍वतंत्र मिश्रा को सस्‍पेंड करते हुए कार्यालय में आने पर पाबंदी लगा दी गई थी, उन्‍हें सहारा के पूरे मीडिया का प्रभार सौंप दिया गया है. स्‍वतंत्र मिश्रा के सस्‍पेंशन के बाद माना जा रहा था कि उपेंद्र राय एंड कंपनी अब सहारा में सबसे मजबूत होगई है, परन्‍तु स्‍वतंत्र मिश्रा ने जबर्दस्‍त वापसी करते हुए उपेंद्र राय को न सिर्फ तरीके से किनारे करवाया है, बल्कि खुद को मजबूत भी कर लिया है.  अभी तक जो काम उपेंद्र राय देखते थे, वो काम अब स्‍वतंत्र मिश्र संभालेंगे.

इधर,  प्रबंधन ने उपेंद्र राय को एक झटके से बाहर न करते हुए नए कारपोरेट पॉलिसी के तहत बिना काम के बड़ा पद थमा दिया है. माना जा रहा है कि प्रबंधन अब उपेंद्र राय से मुक्ति पाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा दिया है. उपेंद्र राय को जिस कथित बड़े पद पर भेजा गया है, वहां करने के लिए कुछ खास नहीं है. सहारा में सबसे मजबूत माने जा रहे उपेंद्र राय के कमजोर होने की कहानी उस समय ही चर्चा में आ गई थी, जब उनके खासमखास माने जाने वाले सहारा के नार्थ हेड अजय शर्मा को बंगलुरू भेज दिया गया था. उपेंद्र राय चाह कर भी इस आदेश को रुकवा नहीं पाए थे.

सहारा समूह का जिस तरह का इतिहास रहा है,  उसको देखते हुए किसी का भी सहारा में लम्‍बे समय तक टिक पाना मुश्किल है. उपेंद्र राय को लेकर इसके पहले यह खबर भी आई थी कि प्रबंधन ने उनका डिमोशन करते हुए सहारा श्री के एमसीसी यानी मैनेंजिंग वर्कर्स कारपोरेट कोर से सम्‍बद्ध कर दिया है. इस एमसीसी में सहाराश्री के प्रबंधन से जुड़े कोर कमेटी के लोग सदस्‍य होते हैं. एमसीसी का मुख्‍यालय लखनऊ में है.  दिल्‍ली, मुंबई और लखनऊ में इसके कैम्‍प कार्यालय भी हैं.

सूत्रों का कहना है कि सहारा प्रबंधन उपेंद्र राय को बाहर का रास्‍ता दिखाकर नाराज नहीं करना चाहता. इसलिए उन्‍हें ऐसे बड़े पद पर बिठाया गया है, जहां करने के लिए कोई काम न हो. सहारा के कई राज जानने वाले उपेंद्र राय को प्रबंधन एक झटके में हटाना प्रबंधन के लिए सुविधाजनक नहीं है. लिहाजा उन्‍हें ग्‍लोबल मीडिया का हेड बना दिया गया है. इसके पीछे माना जा रहा है कि विनीत मित्‍तल मामले को जिस तरह से हैंडिल किया गया, उससे सहारा प्रबंधन खुश नहीं था. साथ ही कई मामलों में विवादित हो जाने के बाद सहारा प्रबंधन उपेंद्र से छुटकारा पाना चाहता है.

सूत्रों का कहना है कि उपेंद्र राय का नाम 2जी स्कैम मामले में जांच प्रभावित करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी राजेश्वर सिंह को रिश्वत देने, नीरा राडिया से बात करने और 2जी प्रकरण में नाम आने के बाद प्रबंधन उपेंद्र राय से ज्‍यादा खुश नहीं था. लगातार उपेंद्र राय को लेकर तमाम चर्चाएं चल रही थीं. कई लोगों को रन आउट कराने वाले उपेंद्र राय से जुड़े विवादों को सहारा प्रबंधन अपनी सरदर्दी नहीं बनाना चाहता है. सूत्रों का कहना है अपने ही कई परेशानियों से जूझ रहा सहारा ग्रुप उपेंद्र के पक्ष में खड़ा होने की स्थिति में नहीं था, जिसके चलते उन्‍हें बड़े पद का लालीपाप पकड़ा दिया गया, जिसमें मिठास नहीं है.

इधर, गोविंद दीक्षित को पूरे नोएडा का प्रभार सौंपे जाने की चर्चा है. इस खबर की पूरी तरह पुष्टि नहीं हो पाई है. पर अंदरखाने इसकी तेज चर्चा है. बताया जा रहा है कि स्‍वतंत्र मिश्रा के हाथ में प्रभार आने के बाद आने वाले कुछ समय में उलटफेर देखने को मिल सकता है. उपेंद्र राय के नजदीकी लोगों को निपटाया भी जा सकता है. हालांकि सहारा मीडिया का ट्रैक रिकार्ड देखते हुए कुछ भी अनुमान लगा पाना मुश्किल है. पता नहीं कल किसका विकेट गिर जाए और कौन छक्‍का मार दे.

ये खबर सूत्रों से मिली जानकारियों के आधार पर है. खबर पक्‍की है पर इसमें कुछ तथ्‍य अपूर्ण या गलत हो सकते हैं. जिस किसी को इस बारे में अपनी बात कहनी हो या भड़ास को जानकारी देनी हो वो अपनी बात नीचे कमेंट बाक्‍स में या This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it के जरिए कह सकता है.


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Last Updated ( Friday, 01 July 2011 17:16 )