उपेंद्र राय वाकई ग्‍लोबल हो गए!

E-mail Print PDF

सहारा में उपेंद्र राय का कद वाकई बढ़ा दिया गया है. सूत्रों का कहना है कि उपेंद्र राय सचमुच में ग्‍लोबल हो गए हैं. वे अब सहारा मीडिया का साम्राज्‍य फैलाने के लिए विदेशों में संभावनाओं की तलाश करेंगे. वे अब नोएडा की बजाय लंदन में बैठेंगे तथा वहीं से सारा कामकाज संभालेंगे. बताया जा रहा है कि उपेंद्र के नेतृत्‍व में सहारा के ग्‍लोबल एक्‍सपेंशन की शुरुआत इंग्‍लैंड से होगी. भारत में सहारा मीडिया का प्रभार संभालने वाले स्‍वतंत्र मिश्रा उपेंद्र राय को रिपोर्ट करेंगे.

सूत्रों का कहना है कि सहारा प्रबंधन उपेंद्र राय एवं स्‍वतंत्र मिश्रा की क्षमता तथा इनके पास ग्रुप की कई अहम जानकारियां होने के चलते दोनों को अपने दूर करना नहीं चाहता है. इसके चलते ही यह बीच का रास्‍ता निकाला गया है. स्‍वतंत्र मिश्रा अब सहारा मीडिया को भारत में हैंडिल करेंगे. उपेंद्र राय के करीबियों का कहना है कि वे अब सहारा मीडिया को ग्‍लोबल बनाने की कोशिश में जुटेंगे. वे 48 देशों में मीडिया से जुड़ी तमाम संभावनाओं को खंगालेंगे. किस मीडिया ग्रुप से कहां टाइअप हो सकता है, इसको देखने का जिम्‍मा उपेंद्र राय को सौंपा गया है. वे विदेश के दूसरे मीडिया माध्‍यमों से कंटेंट शेयरिंग से लेकर एड, निवेश आदि की संभावना तलाशेंगे.

उपेंद्र राय के सहारे सहारा ग्रुप अपने ग्‍लोबलाइज करने की कोशिशों में जुटा हुआ है. इसकी शुरुआत इंग्‍लैंड से होगी. उपेंद्र राय अब लंदन में बैठकर सहारा को ग्‍लोबल बनाएंगे. भारत में सहारा ग्रुप पर उनका भले ही सीधा हस्‍तक्षेप न रहे परन्‍तु यहां की भी रिपोर्ट उपेंद्र राय को दी जाएगी. यानी स्‍वतंत्र मिश्रा यहां की रिपोर्ट लंदन में बैठे उपेंद्र राय तक पहुंचाएंगे. सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों घटित हुए घटनाक्रम के बाद प्रबंधन ने अपने दोनों दिग्‍गजों को दो जगहों पर करके फिलहाल अपने लिए किसी बड़े खतरे की संभावना को टाल दिया है. क्‍योंकि माना जा रहा है कि इन दोनों के पास सहारा ग्रुप की अहम जानकारियां हैं, जिनके बाहर आने पर ग्रुप की परेशानियां बढ़ सकती हैं.

सहारा ने इस नए घटनाक्रम के बाद एक तीर से दो शिकार किया है. एक तरफ उपेंद्र राय को भारत में सहारा मीडिया से मुक्‍त करके यह दिखाने का प्रयास किया है कि अब उपेंद्र उनका यहां से कोई मतलब नहीं रहेगा. पिछले दिनों हुए विवाद के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी गई है.  दूसरा अपने कई अहम राज जानने वाले स्‍वतंत्र मिश्रा को प्रभार देकर उनकी क्षमताओं का सदुपयोग करने की रणनीति बनाई है. हालांकि इसके कई अर्थ लगाए जा रहे हैं. सभी लोग अपने अपने तरीके से इस बदलाव का आकलन कर रहे हैं. कोई इसे स्‍वतंत्र मिश्रा की मजबूती के रूप में देख रहा है तो कोई उपेंद्र राय की तरक्‍की के रूप में. पर वास्‍तव में सहारा ने दोनों का कद बढ़ाया है या किसी का घटाया है वो प्रबंधन ही बता सकता है.

वैसे भी सहारा के पिछले रिकार्डों को देखते हुए कुछ भी कहना मुश्किल है. सहारा कब किसका किस तरह से कैसे किसलिए इस्‍तेमाल कर ले कहा नहीं जा सकता है. यहां कभी शिखर पर रहने वाला व्‍यक्ति शून्‍य में पहुंचा दिया जाता है तो अगले ही पर फर्श पर पड़े व्‍यक्ति को अर्श पर पहुंचा दिया जाता है. ये ग्रुप किस अपने के साथ दगाबाजी कर दे कुछ कहा नहीं जा सकता. माना जा रहा है कि सेबी के आदेशों से परेशान ग्रुप अपनी किरकिरी से बचने के लिए दोनों लोगों को तरीके से सलटाकर साधने की कोशिश की है. अब आगे वो किसे और खुश करेगा और किसे नाराज किसी को पता नहीं है.


AddThis
Comments (15)Add Comment
...
written by pankaj piyush, July 08, 2011
sahara ne upendra ka tabala kar ek teer se kai nishane sadhe hai..yesha nahe ki upendra kajor ho gaye.jaise.. swatantra mishra aur govid dikchit aa gaye yaise hii kabhe upendra bhi aa sakte hai. yah sahara hai.. dastwin se jhad-ponchkar logon ko nikalta hai..in logno par ye kahawat fit baithatee hai "100-100 joota khab tamasha goosh ke dekhb"... ye kaleshwar aur namwar singh too hai nahi.aur ho bhi nahi sakte..jish akhbar ka sampadak bhree meting me kahe " yahna itne bade-bade log mawjood hai ki boltee hooye pair kapta hai" too yese logo aur ummed bhe kaya kee ja saktee hai..thuoo..thuoo/ shahitya me thuk kar chatana beebhtsh rash hai too.yese adhikariyoo ke liye srengar rash smilies/smiley.gifsmilies/wink.gifsmilies/cheesy.gifsmilies/grin.gifsmilies/angry.gifsmilies/sad.gifsmilies/shocked.gifsmilies/tongue.gifsmilies/kiss.gifsmilies/cry.gif
...
written by ashwini kumar, July 05, 2011
आप आवाज़ उठाएंगे तो कुछ लोग तीर चलाएंगे ही...
चाहे जिस दौर का मसीहा हो कुछ लोग शूली पर चढ़ाएंगे ही...

ठीक इसी तर्ज पर उपेंद्रजी के विरोधी इनकी आलोचना कर रहे हैं...लेकिन आलोचकों को ये नहीं भूलना चाहिए ...जिस उम्र में कई लोग ठीक से पत्रकारिता का कहकहा नहीं सीख पाते हैं ठीक उसी उम्र में इन्होंने सहारा जैसे बड़े मीडिया घराने की ना सिर्फ बागडोर संभाली बल्कि तेज़ी से अपनी चमक बिखरने में भी कामयाब हो रहे हैं...आरोप-प्रत्यारोप तो लगते हीं हैं...लेकिन जहां तक उपेंद्रजी की बात है ...इन्होंने स्टार न्यूज में ही वो सब किया जो मुंबई पत्रकारिता के बड़े से बड़े शूरमा नहीं कर पाए...कई बड़ी स्टोरी ब्रैक कर इन्होंने मुंबई से लेकर देश में अपनी चमक बिखेर दी...जिसका परिणाम रहा कि इन्हें सहारा में काम करने का अवसर मिला...आज ये सहारा से जुड़े हैं ...यकीनन कुशाग्र बुद्धि और खबर को लेकर बैचेनी के साथ मार्केटिंग की जो पकड़ इनमें है...एक साथ कम ही पत्रकारों में होती है....ऐसे में सहारा ही नहीं ये जिससे भी जुड़ेंगे वहां नाम करेंगे ...दुनियावालों को जलना हो तो जले...

अश्विनी शर्मा,मुंबई

...
written by pehlwan, July 04, 2011
congrats............. Upendra ji
sare alochko ko thanks , apke lagatar badate kad ne in logo ka jinna hram kar diya hai, jivan mein kuch na kar pane wale log bhadass pe apni behuda jalan nikal kar ye dikhate hai ki ye mahan patrakar hai.
"u supported by nature" sadbhudhi rakhne wwale logo ko pata hai ki app ek great personalty hain we all r wid u.& god is with u...inn aalochko ke uper hansi aa rahi hai...hahahahahahaha......kya ghatia tarika hai...apna nam chupakar ghatiyayi kartey hai ye log...shame on them.....regards....ur,s ......./.

...
written by सहारा परिवार, July 03, 2011
उपेंद्र राय के जाने से हम सारे सहारा मीडिया के लोग बहुत खुश हैं। वह एक रोग था, जो चला गया। उपेंद्र राय पत्रकार नहीं एक नौकर हैं। अपने गांव, मुंबई और दिल्ली में जहां भी नौकरी की, वहां कुछ भी नहीं कर पाया। सहारा में वह कुछ भी बन गया पर औकात वही रही। छोटा आदमी कहीं भी पहुंच जाए, बड़ा नहीं बन सकता, वह बड़े पद को भी छोटा करके रहता है। किसी ने सही लिखा है कि नए पद पर जाकर उपेंद्र राय क्या घंटा बजाएगा ?
...
written by M k Rai, July 03, 2011
बधाई हो सहारा श्री को . अंत में उपेन्द्र राय को लत मर कर उसकी औकात बता ही दिया
एस लवंडे को पत्रकारिता का A बी c डी नहीं आता कब तक दलाली क्र के पत्रकार बना रहेगा

भ्रष्टाचार का राज है नही तो नीरा रेडिया का यह दलाल जेल के अन्दर होता
आज नीरा रडिय भी बहार है और उपेन्द्र भी बरखा दूत भी
यदि पत्रकारिता का साख बचाना है खुद मीडिया के लोगो को आगे आकर ऐसे दलालों को मीडिया से बहार का रास्ता दिखाना पड़ेगा
यह तो Ghazipur जैसे एतहासिक जनपद के कलंक का टीका है
...
written by सहारा प्रणाम, July 02, 2011
उपेंदर बेऔकात ही था तथा बेऔकात ही रहेगा। किसी ने बिल्कुल सही कमेंट किया है कि उपेंद्र को कितने भी बड़े पद पर बिठाया जाए, उस पद की औकात ही कम हो जाएगी, लेकिन उपेंदर की औकात नहीं बढ़ेगी।।
...
written by jay ho. nirbhay ho, July 02, 2011
Manoj tomar ko badhai. ab bajo sahnai
...
written by jay ho. nirbhay ho, July 02, 2011
aab trea kaya hoga rajendra
...
written by jay ho. nirbhay ho, July 02, 2011
jay ho. nirbhay ho, jai sahara lal ki
...
written by anurag bajpai unnao, July 02, 2011
sahara be sahara karney mahsoor hai
...
written by mini sharma, July 02, 2011
Yeh Sahara hai...na jane kab kiska sahara ban jaye aur naa jane kab kisko besahara kar de..........
...
written by सहारा प्रणाम, July 01, 2011
सहारा मीडिया से उपेद्र राय का जाना सिर्फ सहारा ही नहीं बल्कि पूरे देश के मीडिया के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। क्योंकि इस पत्रकार ने अपने कर्मों से देश की पत्रकारों का जो सिर नीचे किया है उससे भारत में चौथे स्तंभ की विश्वसनीयता में जो कमी आई है उसकी भरपाई करना मुश्किल है। अपनी कॉरपोरेट, राजनीति में पहुंच के जरिए उपेंद्र राय ने मीडिया में जितनी गंद मचाई है उसकी भरपाई असंभव है।

लेकिन सहाराश्री देर आए दुरुस्त आए की तर्ज पर बेहतरीन फैसला किया है। उम्मीद है कि स्वतंत्र मिश्रा अपने अनुभव और बेहतरीन प्रशासन के जरिए सहारा मीडिया को बुलंदियों तक पहुंचाएंगे और उपेंद्र के दलालों यूपी के चैनल हेड राजेश कौशिक जो कि स्टार न्यूज में सिर्फ स्ट्रिंगर था, एमपी के चैनल हेड मनोज मनु, बिहार के चैनल हेड प्रबुद्ध राज, नेशनल के रजनीकांत, राष्ट्रीय सहारा कानपुर के यूनिट हेड रमेश अवस्थी, लखनऊ के राजेंद्र द्विवेदी, वाराणसी के अमर सिंह को उनकी औकात पर लाते हुए जल्द ही सहारा से निकाल बाहर करेंगे। और सहारा के मीडियाकर्मियों को उनका आत्मसम्मान वापस दिलाएंगे।-- नोएडा से एक सहारा कर्मी

नोट-इस कॉमेंट को जरूर छापिएगा...सहारा ने चैनल करने वाले ज्यादातर लोगों के दिल की आवाज है। उपेंद्र राय को हटाने की खबर के बाद सहारा के न्यूज़ रुम में जो खुशी का माहौल था उसका शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।
...
written by सहारा प्रणाम, July 01, 2011
उपेंदरवा को पूरी दुनिया में सहारा के मीडिया का सबसे बड़ा आदमी बना दिया। वाह रे उपेंदर, तुम कुछ भी बन जाओ, तपुम्हारी औकात कभी नहीं बढ़ सकतती। तुम तो हिंदुस्तान में मीडिया के किसी भी आदमी के पास जितना बड़ा पद नहीं है, उससे भी बहुत बड़े पद पर बैठ गए। ये सहारी भी इसी तरह से आदमी को ऊंचा उठाकर पटकते हैं। जिंदगी में दुनिया भर के सहारा ग्बेलोबल मीडिया का काम मिल गया। फिर जब यहां से निकलोगे, तो आगे देश और संसार में तो तुम्कहोरे योग्हींय कोई पद होगा नहीं, फिर शायद स्वर्ग के किसी चैनल में नौकरी तलाशोगे ? कुल मिलाकर तुम्हारे इस नए पद का मतलब यही है कि चुप रहो, नौकरी करो और तनखा लेते रहो। और अपने पृष्ठभूमि पर जोरदार लात पड़ने का इंतजार करो। उपेंदरवा की इस नई जिम्मेदारी को सही स्वरूप मे देखा जाए तो मतलब साफ है कि भैया बोरिया बिस्तर बांध लो...। सहारा में तुमने बहुत माल कमा लिया, अब कहीं रिपोर्टर - प्रोड्यूसर बनकर अपनी असली औकात में फिर से आ जाओ। सहाराश्री ने भोले भाव में तुमको जो कुछ दे दिया, तुम उसके लायक ही नहीं थे, यह तो तुम भी जानते ही थे। जितने दिन मजे मार लिये, तुम्हारी किस्मत थी। बिल्ली के भाग का छींका रोज नहीं टूटता, और हर चैनल में भी नहीं टूटता, यह भी समझ लो भैया। आ गए ना औकात पर...। ग्लोबल मीडिया की जिम्मेदारी का मतलब है... वैसा ही है जैसे किसी को समुद्र के बीच खड़े जहाज पर भेजकर कहा जाए कि सालभर तक यहां की लहरों की गिनती करके उनकी रिपोर्टिंग करते रहो। जहां कुछ है ही नहीं, वहां क्या खाक करोगे। सहाराश्री के दिमाग की भी दाद देनी पड़ेगी... ऐसी जगह ले् जाकर मारते हैं, जहां पानी भी नहीं मिलता है। ग्लोबल मीडिया में क्या बाबाजी का घंटा बजाओगे ?
...
written by kumarsingh, July 01, 2011
इस ख़बर के आने से यह साफ हो गया हैं की उपेंद्र राय को सहारा ने फरार कर दिया है। क्योंकि इस महीने कोर्ट में उपेंद्र राय को सहारा और नीरा राडिया मामले पर जबाब देना था। यह भी निश्चित था कि उपेंद्र राय सलाखों के पीछे होते...इसी के चलते उन्हें भारत से ही फरार कर दिया गया है। पुरा मीडीया जगत जानता हैं कि जिस पत्रकार को हिंदी पत्रकारिता की परिभाष ही नहीं मालूम हो...वह विदेश में क्या पत्राकिरता करेगें....।
अब सवाल यह हैं कि उपेंद्र राय के साथ सहारा में आए तमाम दलाल कब और कैसे खुद की खिसकने की जुगत में लगते है....जय हो सुब्रत जी और सहारा की.....।
...
written by Anil Pande, July 01, 2011
ARE BHAI !

Bahut Saare Indian Patrakar Videshon Me Kaam Karte Rahe Hain.

Write comment

busy