हरि जोशी बने डीएलए, मेरठ के संपादक

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मिड डे अखबार डीएलए के प्रबंधन ने मेरठ संस्‍करण के प्रबंधन व संपादन का दायित्‍व हरि जोशी को सौंपा है। डीएलए समाचार पत्र समूह के निदेशक हेमंत आनंद व कनिका आनंद के साथ मेरठ डीएलए कार्यालय पहुंचकर हरि शंकर जोशी ने कार्यभार संभाल लिया और सभी विभागों की बैठक कर संभावनाओं पर चर्चा कर पत्र की संभावित विस्‍तार योजनाओं की जानकारी दी। डीएलए के संपादकीय प्रभारी सुनील छइंया के इस्‍तीफा देने के बाद से यह पद खाली चल रहा था।

हरि जोशी करीब तीन दशक से पत्रकारिता में हैं और उन्‍होंने अपने कैरियर की शुरुआत स्‍वतंत्र पत्रकारिता से की थी और आज भी वह अपने को स्‍वतंत्र पत्रकार ही मानते हैं। इसलिए उन्‍होंने डीएलए का कार्यभार ग्रहण करने से पहले ही यह स्‍पष्‍ट कर दिया कि वह पूर्व की तरह टेलीविजन और दूसरे प्रांत के अखबारों के लिए रचनात्‍मक लेखन करते रहेंगे। वैसे हरि ने अपने पत्रकारिता जीवन की विधिवत शुरुआत अमर उजाला के आगरा संस्‍करण से 1981 में की थी और उसके एक साल बाद वह अमेरिकन बॉडकास्टिंग कंपनी के दिल्‍ली ब्‍यूरो में न्‍यूज कैमरापर्सन के तौर पर कार्यरत रहे। उन्‍होंने इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्‍या और उसके बाद दिल्‍ली में हुए दंगे, भोपाल गैस कांड और आम चुनाव कवर किया।

हरि जोशी ने पंजाब के आतंकवाद को भी नजदीक से देखा और कैमरे में कैद किया। अमृतसर में हुए ऑपरेशन सर्च के दौरान उन्‍हें स्‍वर्ण मंदिर में घुसकर कवरेज करते हुए आईबी ने हिरासत में लेकर स्‍थानीय पुलिस को सौंप दिया था और वीडियो नष्‍ट करने के बाद तब छोड़ा था जब मीडिया ने इसकी निंदा करते हुए हंगामा किया था। इसके अलावा हरि समाचार पत्रिका माया से भी जुड़े लेकिन फिर दिसंबर 1986 में अमर उजाला के तत्‍कालीन प्रधान संपादक स्‍व. अनिल अग्रवाल अमर उजाला की मेरठ लॉचिंग के लिए विशेष तौर पर मेरठ लाए थे। मेरठ अमर उजाला की कोर टीम में शामिल रहे हरि जोशी ने मेरठ मे 1987 में हुए खौफनाक दंगे की रिपोर्टिंग मानवीय संवेदनाओं के साथ की और मलियाना कांड उन्‍हीं की बदौलत सबसे पहले अमर उजाला के माध्‍यम से सामने आया।

टिकैत के किसान आंदोलन को करीब से देखने और कवर करने वाले हरि जोशी ने अमर उजाला के फीचर एडीटर, न्‍यूज कॉर्डिनेटर और फोटो एडीटर ग्रुप जैसे दायित्‍वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। अमर उजाला से 15 अगस्‍त 2005 को स्‍वतंत्र होने के बाद से अब तक हरि मुख्‍य तौर पर सीएनबीसी आवाज से संबद्ध थे और टेलीविजन व समाचार पत्रों के लिए स्‍वतंत्र लेखन व पत्रकारिता कर रहे थे, जो अब भी उन्‍होंने जारी रखने का फैसला किया है।


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Comments (20)Add Comment
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written by chandra kant gupta, September 29, 2011
Anubhavi vayaktion ka naam bahut dino bad hi sahi naam padhne main too aaya aap ka ashirvad sab ke sath rahta hai hi aap ki photo pahchan ke sath vayakti ko pahchantey ki sakhti hain itna hi nahin chotoen se pyar hi aap ki sakti hai aur unki madad karna aap ki pahchan aap se shikhana chaiye aaj ki nayi pidhi ko
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written by rajeev dadhich, August 23, 2011
शुभकामनाएं नई पारी के लिए

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written by abhi, July 06, 2011
संजय पाठक जी, शायद आपको अभी सही जानकारी नहीं है कि सुनील छइयां जी के मार्ग पर हरि जोशी चले थे न कि हरि जोशी के। यदि आपको सही जानकारी नहीं है तो आपको इस तरह का कमेंट नहीं करना चाहिए था। मुझे लगता है कि आपको जानकारी अभाव है। मैं आपकों बताना चाहूंगा कि सुनील छइयां ने मुरादाबाद से अपनी शुरूआत की थी और बाद में उन्हें खुद अतुल जी मेरठ लेकर आए। मेरठ में मलियाना कांड हो या 86 का दंगा जो कवरेज सुनील छइयां जी ने उसकी आज भी तारीफ होती है। हरि जोशी ने तब तक अपनी शुरूआत भी नहीं की थी और आप कह रहे है कि सुनील छइयां जी हरि जोशी के मार्ग पर चले। ऐसा कमेंट करके आपने अपनी अज्ञानता का परिचय दिया है। रही बात हरि जोशी जी को तो उन्होंने भी काफी नाम कमाया है, परन्तु जो नाम सुनील छइयां ने कमाया वह किसी ने नहीं कमाया। डीएलए प्रबंधन की बात करें तो प्रबंधन पूरी तरह से कंफ्यूज है, उन्हें नहीं पता की मेरठ के पाठक क्या चाहते है। संपादक बदल देने से अखबार के पाठक नहीं बढ़ते, अखबार का कुल सरकुलेशन 3 हजार के आसपास है, जिसमें मात्र 1200 मेरठ सिटी में और बाकी देहात व कस्बों में है। जहां पर डीएलए की महज रद्दी बनती है। ऐसे में हरि जोशी के सामने सरकुलेशन बढ़ाने की चुनौती है, मैं उम्मीद करता है कि वह मेरठ में डीएलए को बढ़ावा दें। लेकिन मुझे लगता नहीं कि वह कुछ खास कर पायेंगे। मेरठ में डीएलए की स्थिति बेहद खराब है।
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written by डॉ.मनोज रस्तोगी,मुरादाबाद , July 05, 2011
संजय जी ,शायद आपको जानकारी नहीं है जिस समय (1981)हरि जी ने विधिवत शुरुआत की थी उस समय सुनील जी की गिनती चर्चित फोटोग्राफरों मे होती थी तो हरि जी के मार्ग को अपनाने का सवाल ही नहीं उठता.कहीं आप उल्टा तो नहीं लिख गए??????????????
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written by PRAVER SHARMA, July 05, 2011
मेरे बड़े भाई व् मेरे पडोसी हरि जोशी जी को हार्दिक शुभ कामनाये.....
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written by mukesh goel, July 05, 2011
शुभकामनाएं नई पारी के लिए
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written by amit malik, July 05, 2011
for ravi gangwar

are bhai tumhe DLA ki jyada fikr karne ki jarurat kya hai jab band hoga tab tum bhi tali bja dena par ye tali bajegi nhi so jyada tenson mat lo
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written by ashwanipratap , July 05, 2011
प्रभात सिंह ने A mar ujala Bareiily ko khbron me piche photo me age ker diya hai. हरी शंकर जोशी DLA meerut ko photo Paper bana deinge. Ajay Bhaiyo je DLA ko No one Bana hai to Bareilly ke bare mei socho. Bareilly mei apka intjar hai.
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written by javed, July 05, 2011
bahut bahut badhai
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written by Sunil Choudhary, July 05, 2011
Joshi Jo ko Sunil Choudhary, Bhupendra Sharma Behsuma ki or se bahut-bahut Badhai
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written by ABCDE, July 05, 2011
Chhayian Ji Haridwar main Hain Aajkal
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written by nkdiwan shelly, July 05, 2011
Shubhaagman par Bahut Bahut shubh kamnaayein...........Sir
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written by dinesh joshi, July 04, 2011
joshi ji ko meri or se badhai. aaj patrakarita mai aap jaise logo ke sakht jarurat hai. baki kya kahu. fir se badhai. dinesh joshi ddn
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written by sanjay pathak, dehradun., July 04, 2011
हरी शंकर जोशी ने जिस तरह फोटो journlist को एक नया रास्ता दिखाया,, वोह काबिले तारीफ़ है. उनके बाद सुनील छैयां और फिर प्रभात सिंह ने उस मार्ग को अपनाया. यह सभी बाद में संपादक की कुर्सी तक पहुंचे. जोशी के फोटो कई बार देखने, फिर फोटो न्यूज़ देखने का मौका मिला. उनको भैयु जी की टीम में शामिल होने की बधाई. साथ में अगर किसी को पता हो तो बताये कि छैयां कहाँ है?
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written by amaranand, July 04, 2011
hari ji ko bahut bahut badhai.

amar anand
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written by amaranand, July 04, 2011
bahut bahut badhai

amar anand
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written by हर्यश्‍व सिंह 'सज्‍जन', July 04, 2011
जोशी सर को बधाई और शुभकामनाएं नई पारी के लिए। डीएलए के लिए देर आए दुरुस्‍त आए।
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written by ravi gangwar, July 04, 2011
DLA meerut ko ek din band hi hona hai ,too ajay ji meerut unit par itna kharcha kyo kar raha hai .
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written by Aashish Maheshwari, July 04, 2011
Joshi sir mere pita ke samaan hai,unhone mera aur mere jaise yuvao ka hamesha hi margdarshan aur madad ki hai,wo ek jujharoo patrakar aur ache insaan hai,unki nai paari ko dheron shubhkaamnaye........maze ki baat ye hai ki mai mauka milne par unse adhikaar purvak lad bhi leta hoo par wo bura nahi maante....
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written by अनाम भाई, July 04, 2011
पंडित हरिशंकर जोशी को बधाई। शायद वो देश के सबसे पुराने इलेक्ट्रॉ़निक मीडिया पत्रकार हैं। जितने शानदार लेखक उतने ही उम्दा फोटोग्राफर। धर्मयुग जैसी पत्रिका में उनके फोटो पहले पेज पर छपा करते थे। मैं तो उनको किसान आंदोलन के ज़माने से जानता हूं जब महेंद्र सिंह टिकैत कोई भी बयान देने से पहले, कोई इंटरव्यू देने से पहले कहते थे, भाई जोशी ने बुलाओ। मैं उनकी मेरठ ना छोड़ने की जिद और लो प्रोफाइल रहने की मंशा को आज तक नहीं समझ पाया हूं। बहरहाल अब डीएलए का स्वर्णिम काल आ गया है।

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