नवभारत, नागपुर से अभिमनोज का नाता टूटा

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नवभारत, नागपुर से अभिमनोज ने इस्‍तीफा दे दिया है. प्रबंधन द्वारा सर्कुलेशन में जिम्‍मेदारी दिए जाने के बाद उन्‍होंने काम करने से मना कर दिया. एक महीने पहले ही अभिमनोज को मुंबई से नागपुर भेजा गया था. मुंबई में वे नवभारत के आरई थे. नागपुर में उन्‍हें सेंट्रल डेस्‍क का इंचार्ज बनाकर भेजा गया. काम से संतुष्‍ट नहीं हो पाने के बाद प्रबंधन ने इन्‍हें सर्कुलेशन की जिम्‍मेदारी सौंप दी. जिसके बाद इन्‍होंने संस्‍थान को अलविदा कह दिया. अभिमनोज इसके पहले नवभारत, जबलपुर को भी अपनी सेवा दे चुके हैं.


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Comments (3)Add Comment
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written by prakashkumar, September 12, 2011
aadarniy babuji ki punayatihhi per vichar mantha ka prayas srahniy hai
ssth hi yeh bhi yaad rahe ki babuji ko kisi bhi karmachari ka paisa khya jay ye manjoor nahi tha
babuji ke beto or poto ne imandar logo ka 34&34 mahine ka vetan khane ka kam kar ke unki aatma ko taklis phuchai hai
iswar kare in ko babuji ki punyathithi per samag aa jai or logo ka imandari ka paisa babuji ki punya tithi per de de yahi unhe sachi sradanjali hogi
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written by basant, July 17, 2011
abhi manoj ko kai akhbar striger bhi nahai rakhega..pata nahi navbharat walo ne kaise itne dino tak inhe jhela kyoki inko kewal rajniti karne ke alava kuch bhi nai aata. ye to khabar likhne ko kaun kahe heding bhi nahi laga sakta.....yeh navbharat me rahte to jarur akhbar band ho jata
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written by vishnu kant shukla, July 13, 2011
नवभारत जल्दी ही बंद होने वाला है। प्रबंधन में इस किस्म के लोग हैं जिन्हें अखबार चलाने का सहूर नहीं। विनोद बाबू ने राजपाट अपने बेटे को दे दिया है। वह जीएम के अनुसार चलता है। इस हालत में अखबार कैसे सर्वाइव करेगा। एक भी बंदा वहां रूकने की बात छोड़ें, काम करना नहीं चाहता। संजय मिश्रा जैसा सत्ता का दलाल जब तक वहां रहेगा, इस अखबार का भला होने से रहा। अभि मनोज ने जो किया, अच्छा किया। हालांकि वह पहले भी यह कदम उठा सकते थे।

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