सीएनईबी से अनुरंजन झा का इस्‍तीफा, रजनीश कुमार बने नए हेड

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अनुरंजन झासीएनईबी से खबर है कि सीओओ अनुरंजन झा ने इस्‍तीफा दे दिया है. प्रबंधन से कुछ मुद्दों पर मतभेद होने के बाद उन्‍होंने इस्‍तीफा दिया है. आईबीएन7 से आए रजनीश कुमार को चैनल का नया न्‍यूज डारेक्‍टर बनाया गया है. रजनीश आईबीएन7 में एक्‍जीक्‍यूटिव प्रोड्यूसर थे. चैनल की जिम्‍मेदारी अब रजनीश कुमार के जिम्‍मे रहेगी.

आज शाम चेयरमैन कम सीईओ अमरदीप सारान ने सभी विभागों के एचओडी से  रजनीश कुमार का परिचय न्‍यूज डायरेक्‍टर के रूप में कराया तथा कहा कि अनुरंजन के स्‍थान पर रजनीश ही अब न्‍यूज और अन्‍य जिम्‍मेदारियां संभालेंगे. उन्‍होंने अनुरंजन झा के इस्‍तीफे की भी सूचना भी दिया. रजनीश कुमार हाल फिलहाल आईबीएन7 में ईपी थे. रजनीश की गिनती अच्‍छे कंटेंट के जानकारों में होती हैं. इसके पहले वे स्‍टार न्‍यूज, सहारा, न्‍यूज एक्‍स के साथ भी जुड़े रहे हैं.

सीईओ अमरदीप सारान ने सहयोगियों से कहा कि यह बदलाव प्रोफेशनल है. अनुरंजन ने अच्‍छे माहौल में रिजाइन किया है तथा चैनल के उज्‍ज्‍वल भविष्‍य की कामना की है. अनुरंजन में अच्‍छे तरीके से चैनल को चलाया परन्‍तु प्रोफेशनल जरूरतों के चलते हमें कुछ अच्‍छे-बुरे निर्णय लेने पड़ते हैं. किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है, रजनीश कुमार चैनल को और ऊंचाई देंगे. माना जा रहा है कि चैनल को राजनीतिक एप्रोच देने के लिए रजनीश कुमार को लाया गया है.

सीएनईबी और सीओओ अनुरंजन झा के रिश्‍तों को लेकर काफी समय से कयास लगाया जा रहा था. राहुल देव के समय में जब अनुरंजन झा को लाया गया था तो इन्‍हें चैनल की आर्थिक स्थितियों को मजबूत करने की जिम्‍मेदारी सौंपी गई थी. अनुरंजन ने कंपनी को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए काफी सब्‍ज बाग भी दिखाए थे. कंपनी के साथ इनका एक साल का करार था. बताया जा रहा है कि जितना भरोसा अनुरंजन ने दिलाया था किसी पर खरे नहीं उतरे. इस बीच चैनल के एडिटर इन चीफ राहुल देव ने भी चैनल के अंदर की परिस्थितियों और इगो टकराव के चलते चैनल को अलविदा कह दिया था.

इसके बाद अनुरंजन को सीएनईबी प्रबंधन ने फ्री हैण्‍ड दे दिया. अनुरंजन ने अपने कई खास लोगों को चैनल से जोड़ा. इसके बावजूद चैनल की टीआरपी में सुधार नहीं हुआ. चैनल ज्‍वाइन करते समय बेहतर कंटेंट देने और अर्थ जुटाने के मामले में भी अनुरंजन बड़बोले ही साबित हुए. जिसके बाद प्रबंधन ने नए रास्‍तों की तलाश शुरू कर दी थी. सीएनईबी प्रबंधन ने अनुरंजन से तीस लाख रुपये सालाना पर करार भी इसी लिए किया था कि उन्‍होंने चैनल को आर्थिक मोर्चे पर मजबूत करने का वादा किया था, परन्‍तु वे अपने वादा पर खरा उतरने में सफल नहीं रहे.

अनुरंजन ने किशोर मालवीय को सलाहकार संपादक के रूप में सीएनईबी से जोड़ा था. इसलिए चर्चा थी कि अनुरंजन के जाने के बाद किशोर मालवीय भी इस्‍तीफा देंगे परन्‍तु किशोर मालवीय अभी भी सीएनईबी के सदस्‍य बने हुए हैं. किशोर मालवीय से जब इस संदर्भ में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि मैंने इस्‍तीफा नहीं दिया है, मैं कल भी कार्यालय जाऊंगा. उन्‍होंने इस्‍तीफा देने की बात से इनकार कर दिया. माना जा रहा है कि बदली परिस्थितियों में चीजों को परख लेने के बाद ही किशोर मालवीय आगे की रणनीति तय करेंगे. फिलहाल अनुरंजन अकेले सीएनईबी से विदा हुए हैं.

इस संदर्भ में पूछे जाने पर अनुरंजन झा ने अपने इस्‍तीफे की पुष्टि की. उन्‍होंने कहा कि  इस्‍तीफा देने का फैसला क्विक लिया. इसका कोई व्‍यक्तिगत कारण नहीं बल्कि प्रोफेशनल कारण है. कुछ चीजों पर प्रबंधन से सहमति नहीं बन पाई जिसके चलते मैं ने यह निर्णय लिया. कुछ निर्णयों पर प्रबंधन ने मुझे विश्‍वास में नहीं लिया, जिसके चलते मुझे संस्‍थान को अलविदा कहने का निर्णय लेना पड़ा. उन्‍होंने भावी योजनाओं के बारे में बताया कि एक बड़े प्रोजेक्‍ट में लगा हुआ हूं, बहुत जल्‍द इसे लेकर आउंगा, फिलहाल तो छुट्टी मनाने का इरादा है.

वैसे अनुरंजन के जाने की कयास तभी से लगने शुरू हो गए थे, जब उनके सबसे विश्‍वसनीय और प्रिय राकेश योगी की सीएनईबी से छुट्टी कर दी गई थी. तभी से माना जाने लगा था कि अब अनुरंजन झा की स्थिति सीएनईबी में कमजोर हो चुकी है. जिस तरह की परिस्थितियों में अनुरंजन के आने के बाद राहुल देव को जाना पड़ा था, ठीक वैसी ही परिस्थितियों में अनुरंजन की विदाई हुई. इसलिए कहा जा सकता है कि दुनिया गोल है घूम‍ फिरकर हर किसी को एक दिन अपने मूल स्‍थान पर आना ही पड़ता है.


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Last Updated ( Saturday, 16 July 2011 21:23 )