कांपैक्‍ट से प्रियरंजन की छुट्टी, कार्यालय में घुसने पर रोक!

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कांपैक्‍ट, मेरठ के संपादकीय प्रभारी प्रियरंजन के बारे में खबर है कि उनकी सेवा खतम कर दी गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रबंधन ने अब उनके कार्यालय में घुसने पर रोक लगा दी है. दो दिन पहले उन्‍हें गेट पर रोक दिया गया था. यह सारी कार्रवाई एमडी राजुल माहेश्‍वरी के निर्देशन में किया गया है. प्रियरंजन पिछले 23 सालों से अमर उजाला समूह से जुड़े हुए थे.

कांपैक्‍ट ने पिछले दिनों एक कवि सम्‍मेलन में उत्‍तराखण्‍ड के सीएम निशंक से जुड़ी एक खबर छापी थी, जिसमें कार्यक्रम में उनके शिरकत करने तथा लोगों को संबोधित करने का‍ जिक्र था. जबकि वास्‍तविकता यह थी कि उस कार्यक्रम में निशंक आए ही नहीं थे. रिपोर्टर बिना मौके पर गए ही अंदाजे से यह खबर फाइल कर दी थी. इस खबर के बार कांपैक्‍ट की काफी छीछालेदर हुई थी.

इसकी सूचना नोएडा कारपोरेट कार्यालय तथा एमडी राजुल माहेश्‍वरी के पास भी पहुंची. उन्‍होंने प्रियरंजन को तलब किया तथा उनकी सेवाओं को देखते हुए स्‍वेच्‍छा व सम्‍मान के साथ इस्‍तीफा देने का फरमान सुना दिया. बताया जा रहा है कि प्रियरंजन ने मामला सलट जाने की उम्‍मीद में इस्‍तीफा नहीं दिया, जिसके बाद उन्‍हें कार्यालय जाने से रोक दिया गया.

इस संदर्भ में जब प्रियरंजन से बात की गई तो उन्‍होंने अभी इस्‍तीफा देने की बात से इनकार किया, साथ ही कहा कि अब इन परिस्थितियों में यहां काम कर पाना संभव नहीं है. जल्‍द ही वे अपना अगला कदम उठाने जा रहे हैं. इस संदर्भ में जानकारी के लिए जब अमर उजाला के संपादक यशवंत व्‍यास को फोन किया गया तो उन्‍होंने मोबाइल पिक नहीं किया.


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Last Updated ( Wednesday, 20 July 2011 18:10 )