दरकने लगा राय राज : विजय राय की जगह संजय पाठक देखेंगे कोआर्डिनेशन

E-mail Print PDF

जैसी उम्मीद की जा रही थी ठीक बिल्कुल वैसा ही सहारा मीडिया में इन दिनों चल रहा है.  जब से उपेंद्र राय को बिना काम के बड़े पद पर बैठाकर नये हेड के रूप में स्वतंत्र मिश्रा की ताजपोशी की गई है, तब से एक एक करके उपेंद्र राय के करीबियो और उनके खासमखासों के पत्ते काटे जा रहे हैं.  इस बार गाज गिरी है उपेंद्र राय के मौसरे भाई विजय राय पर. उनसे कोआर्डिनेशन का काम लेकर संजय पाठक को सौंप दिया गया है.

उपेंद्र राय के दौर में विजय राय कितने प्रभावी हुआ करते थे, यह बात आम लोगों को पता नहीं होगी, लेकिन सहारा में काम करने वाले इसे अच्‍छी तरह जानते हैं. इस बात को आम मीडिया वालों को बताना बेहद जरूरी है,  इस लिये इस बात का उल्लेख यहां पर किया जा रहा है. विजय राय की उपेंद्र राय के दौर में ऐसी तूती बोलती थी कि बिना उनकी मर्जी के एक पत्‍ता नहीं हिलता था. इनके जिम्‍मे एसएनबी और कोआर्डिनेशन दोनों का जिम्‍मा था.

विजय राय अब एसएनबी हेड तो बने रहेंगे परन्‍तु कोआर्डिनेशन का काम इनसे ले लिया गया है. टीवी और प्रिंट के बीच कोआर्डिनेशन का काम  संजय पाठक संभालेंगे. सजय इसके पहले गोरखपुर में थे.  इस संबंध में बीती रात देश भर की सभी सहारा यूनिटों और टीवी आफिसों में संजय पाठक की तैनाती और ताजपोशी का आदेशनुमा फैक्स पहुंच गया है. संजय पाठक इससे पहले स्वतंत्र मिश्रा के पीए के तौर पर काम काज देख रहे थे. मीडिया की बारीकियों को खासा ज्ञान रखने वाले संजय पाठक से एक नये परिवर्तन की उम्मीद की जा रही है. इस आदेश के आते ही सभी अखबार और टीवी ब्यूरो आफिसों मे इस तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं कि अब अगला निशाना आखिरकार कौन होगा?


AddThis
Comments (6)Add Comment
...
written by RAMESH, July 26, 2011
अभी भी सहारा में उपेंद्र राय के लाए बहुत दलाल घुम रहे है। जिनमें राजेश कोशिक और प्रभुद राज का नाम लिया जा रहा है। राजेश कोशिश लगातार कह रहा है...उसने यूपी चैनल को नंबर वन बनाए रखा है। लेकिन स्वतंत्र जी को यह नहीं भूलना चाहिए की सहारा यूपी शुरु से लगभग चार साल तक नंबर वन रहा है....वह भी आजतक,स्टार न्यूज़ जैसे राष्ट्रीय चैनल से आगे निकलकर...आज सहारा यूपी साधना और जी न्यूज़ के साथ तुलना कर नंबर वन होने का दावा कर रहा हैं...इससे साफ हो जाता हैं की राजेश कोशिक सीधे-सीधे सहारा प्रशासन को धोखा दे रहा है। इस बात की सहारा प्रशासन को निश्चित तौर पर जांच करनी चाहिए....क्योंकि आखिर यह व्यक्ति भी तो हैं...तो उपेंद्र राय का दलाला ही.....।
...
written by nikhil, July 23, 2011
sahara ke patna unit me bhi rai bandhu ke ek khamkhas hain,jinka dimag kafi kharab ho gaya tha. lekin aajkal ye kafi nervous chal rahe hain ki pata nahi inka kya hoga. upendra bhaiya aur vijay bhaiya ka nam lekar ye sabkao naukrai se nikalwane aur resign lene ki dhamki dete phirte the.ab pata nahi,ye kya sochkar santosh kar rahe hain.
nikhil
...
written by ravi kumar, July 22, 2011
कोई फर्क नहीं है भाई य़शवंत जी।पहले राय बंधुओं का रुतबा था,अब मिश्र बंधुओं का होगा।वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता।फिर सहारा जैसे घटिया दर्जे की संस्था...यहां किसी की कोई इज्जत नहीं है।सुब्रत राय तो वैसे भी सैडिस्ट इंसान है।वो किसी को परेशान देखकर सिगरेट का कश लगाना पसंद करता है।राय-वाय ये तो मच्छर हैं।इतने कुकर्म किए हैं इन्होंने की भगवान के यहां जवाब तो देना ही पड़ेगा..
...
written by Ajoy Basu, July 22, 2011
Aagla nishana aab Sanjay Pathak aur Swatantra Mishra...dono hi honge...Sahara ka itihaas yehi calculation deta hain...
...
written by dileep, July 22, 2011
इन राय बंधुओं का दिमाग़ इतना ख़राब हो गया था कि ये लोग सहारा को अपनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी समझने लगे थे....वो तुलसी बाबा कह गए हैं....क्षुत्र नदी भर चलि इतराई. जस थोरे धन खल बौराई...
तो ये तुच्छ लोग ऐसे ही हो गए थे....अपने साथ के पत्रकारों को जिनसे हमेशा ये विजय राय जी फ़ोन करके राय सलाह लेते थे, ख़बर लेते थे, बड़ा पद पाने के बाद उनके फ़ोन उठाने से भी ये गुरेज़ करते थे. क्योंकि ये लोग इनके ज्ञान और जुगाड़ दोनों की गहराई जानते थे. हालांकि अब तो इन लोगों ने लूट खसोट करके न जाने कितनी संपत्ति बना ली है कोई नहीं जानता...अपनी मैगज़ीन ये लोग चला ही रहे हैं..हो सकता है आने वाले दिनों में अखबार या चैनल भी खोल लें तो कोई आश्चर्य नहीं....
लेकिन इतना तो हुआ ही कि जैसी करनी वैसी भरनी..
...
written by Ashok .delhi, July 22, 2011
Pathak ji ko shubhkamnaye. ek imandar vyakti ki kadra hu hai. Sath hi Sahara se dusre giddha ko hata diya gaya. Lekin Pathak bhai janch parakh kar nirnaya lijiyega. Aisa na ho ki Upendra Rai ke baithaye log aapke karib ho jaye. Baat aur nirnaya karne se pahle pata kar le ki kahi Rai bandhuyon ki kripa se pad to nahi mila. Har unit me giddho ne aapna aadmi bidha rakha hai. Chahe second man ho ya deputy editior. Isliye syahi me range gidron se sawdhan. Rakesh Shukla bhi bhumihar hai kise pata hai.

Write comment

busy
Last Updated ( Friday, 22 July 2011 16:14 )