उपेंद्र राय का गुर्गा रमेश अवस्थी सस्पेंड, अमर फिर कानपुर पर काबिज

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सहारा मीडिया के नये हेड स्वतंत्र मिश्रा इन दिनों उपेंद्र राय के करीबी लोगों के लिये डाकू गब्बर सिंह की तरह हो गये हैं. वे उपेंद्र राय के दौर में उनके लिये काम करने वाले हर आदमी से पूछ रहे हैं कि बता, कब तक करेगा उपेंद्र राय के लिये काम. उपेंद्र राय को सहारा मीडिया का ग्लोबल हेड बनाकर जबसे गोल कर दिया गया है, तबसे सहारा मीडिया के भारत नामक देश में काम करने वाले उपेंद्र राय के करीबियों को भी गोल करके ग्लोबल कर दिया जा रहा है.

इस बार निपटाये गये हैं उपेंद्र राय के विश्वासपात्र पर सहारा मीडिया के नुमाइंदों के हिटलर की माफिक रमेश अवस्थी.  सहारा मीडिया के नये हेड स्वतंत्र मिश्रा ने आज दोपहर बाद नोएडा में की गई संक्षिप्त बैठक के बाद रमेश अवस्थी को सस्पेंड कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक रमेश को कंपनी से पूरी तरह से बाहर का रास्ता यानि बर्खास्त करने के लिये कुछ विशेषज्ञों से राय ली जा रही है.

रमेश अवस्थी से कुपित सहारा मीडिया के नुमांइदे इस खबर के प्रसन्न हैं और पार्टी करने के मूड में हैं. रमेश अवस्थी कानपुर यूनिट के अभी तक ना सिर्फ यूनिट हेड हुआ करते थे बल्कि उपेंद्र राय के निजी कार्य भी करने का काम करते थे. निजी कार्य करने के एवज मे रमेश अवस्थी को उपेंद्र राय ने कुछ स्पेशल पावर दे रखी थी. यह स्पेशल पावर यह थी कि टीवी की मेन बाडी नोयडा में काम करने से देश के किसी भी हिस्से में काम करने वाले के काम में हस्तक्षेप करना और मनमाने ढंग से उससे उगाही करवाना.

रमेश अवस्थी की जगह आये हैं. अमर सिंह. अमर को उपेंद्र राय के आने के बाद निपटा दिया गया था. अमर सिंह को जिस ढंग से विदा किया गया था, यह बात किसी को भी पंसद नहीं आई थी. जैसे ही उपेंद्र राय गोल ग्लोबल हुये, वैसे ही रमेश अवस्थी के भी गोल होने का अंदेशा जताया जाने लगा था, और हुआ भी वही.  इससे पहले रमेश अवस्थी के रिश्ते के साले कानपुर ब्यूरो के टीवी प्रमुख आदित्य को कानपुर से हटा कर देहरादून भेज दिया गया था.

सूत्रों का कहना है कि भडास4मीडिया के मुकाबले एक बेबसाइट को जन्म दिया गया था, भडास2मीडिया नाम से, जिसको रमेश अवस्थी अपने गुर्गों के जरिये कानपुर से संचालित कराता था. उपेंद्र राय के गोल होते ही इस वेबसाइट को संचालित करने वाला रमेश अवस्थी से अपना भुगतान पाने के लिये लगा हुआ है. पर रमेश अवस्थी ने इस बेबसाइट को संचालित करने के एवज में करीब 5 लाख का मामूली-सा बंदरबाट कर लिया. इसकी भी जानकारी स्वतंत्र मिश्रा को है, ऐसी चर्चा है. इस बात की भी जांच की जा रही है कि इस बेबसाइट को संचालित करने का मकसद क्या था?


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Comments (6)Add Comment
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written by विक्रम सिंह , July 27, 2011
जसवंत भाई सहारा मीडिया में इस समय उठा पटक का भारी दौर चल रहा है इसी क्रम में कल कानपुर के यूनिट हैड रमेश अवस्थी ने जिस तरह से ज्वाइन किया कौतुहल का विषय बना रहा स्वतंत्र मिश्रा के चमचे स्वतंत्र मिश्रा के निर्देश पर पूरे नॉएडा कैम्पस में दो दिन से प्रचार करने में लगे हुए थे कि उपेन्द्र राय के लेफ्टिनेंट के रूप में जानने वाले रमेश अवस्थी सोमवार को नॉएडा कार्यालय में ज्वाइन कर रहे हैं उनको बोर्ड रूम में बैठाया जायेगा। सोमवार को सत्ता परिवर्तन का पूरा नजारा देखते बनता था । कभी सहारा मीडिया में अपनी तेज तर्रारी और गुंडई कि हनक वाले रमेश अवस्थी अब नॉएडा में आकार क्या करेंगे यह कौतुहल का विषय था। परन्तु रमेश अवस्थी ने कब ज्वाइन किया और कब चले गए इसकी किसी को भी भनक नहीं लगी इस बात को लेकर पूरे नॉएडा कैम्पस में जबरदस्त चर्चा रही। लोगों का मानना है कि जिस तरीके से रमेश अवस्थी और स्वतंत्र मिश्रा दोनों लोग व्यक्तिगत स्तर से एक दूसरे की घेरावंदी कर रहे हैं जिसके परिणाम भविष्य में काफी गंभीर हो सकते हैं अंततः बदनामी सहारा की ही होगी क्यों कि सहारा के अलावा दोनों की प्रष्ठभूमि माफिया के रूप में जानी जाती है औउर दोनों ने करोडो की अकूत सम्पदा अर्जित की है ।
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written by rahul, July 25, 2011
jaswant bhai ramesh awasthi ke baare mei jo kuch prachaar kiya ja raha hai hakket dusri hai ramesh awasthi kuch dino se sanstha ke karyo mei kaffi aa gaye the..swatantra mishra ramesh awasthi ko apna ek matra competetor maan rahe hai woh jante hai ki yadi satta change hui toh ramesh awasthi ek badi power ke roop mei aayenge ramesh awasthi ko company ke senior vishwas patra ke roop mei hamsha dekhte hai.. swatantra mishra ka riffle ki dukkano ka bhanda phod bhi ramesh awasthi ne kiya tha.unhe pata hai yadi ramesh awasthi kanpur mei unit head rahenge toh unka kanpur aur unnao mei faile brahstachaar ki pool khul jayegi...ramesh awasthi apne mei ek takkatbar insaan ke roop mei pehchane jaate hain isliye ramesh awasthi ko hatane ke liye swatantra mishra ne apne vishwas wale logon se farzi complaint kara kar aur unhe lakho rupaya dekar abhiyan cheda hai..
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written by devesh, July 25, 2011
यशवंत जी,रमेश अवस्थी के कारनामो की जानकारी करनी हो तो आगरा आयें .यहाँ के कई विभागों में अवस्थी की तूती बोलती थी .यहाँ के विकास प्राधिकरण की तो ईंट ईंट अवस्थी के नाम की पहिचानती है . आखिर टी. एन. सिंह और शशि कान्त शर्मा (दोनों तत्कालीन उपाध्यक्ष ,आगरा विकास प्राधिकरण) के समय में खुद तो आगरा में संपत्ति बनायीं ही , औरों को भी संपत्ति दिलवाने में दलाली खायी !पूरे काकस का नेत्रत्व रमेश अवस्थी के हाथ में होता था और काकस के सदस्य और हिस्सेदार थे दो नामचीन राष्ट्रीय चेंनलों के स्ट्रिंगर और एक प्रोपर्टी डीलर . दबदबा इतना कि विकास प्राधिकरण कार्यालय को ही इस काकस का कार्यालय बताया जाने लगा था ! ताजमहल के पूर्वी द्वार को जाने वाले मुख्य मार्ग पर प्राधिकरण से एक शानदार भवन आवंटित करा कर अपनी धौंस के बूते टूटा हुआ दर्शाते हुए उसमें ब्याज तो माफ़ करायी ही ,प्राधिकरण से अतिरिक्त लगभग 9 लाख रुपये खर्च करा भवन को प्राधिकरण के खर्चे पर ही आवासीय भवन को होटल में तब्दील करवा डाला . यहाँ कई ठेकेदारों के ठेकों में भी रमेश अवस्थी कि पत्ती होती थी जिसकी कमान इनके जाने के बाद इनके चेले मनोज यादव के हाथ में आ गई . प्राधिकरण कर्मियों और स्थानीय पत्रकारों के अतिरिक्त भी इन तथ्यों के कई गवाह आगरा में मौजूद हैं !
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written by Lokesh Kumar Keshri, July 23, 2011
Kuch bhi ho ye sub company ke hit mein nahi hai. Pawer mila hai to company ke sath sath nichle astar ke Reporters ke bhi bare mein sochein. Jinke badaulat sahara media hause ka parcham lahrata hai. Ab tak unchei padaon per baithe loge sirf apni future our kurshi ki chinta karte hain. our sahara sri ke santiment se khele rahte hain. please jise dali per baithe hain ushi ko katne ka koshise na karein. Hum chote reporters ka bhi future sahara se hi juda hai.
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written by ravi kumar, July 23, 2011
भाई यशवंत जी..जिस सहारा की बुनियाद ही जूठ,फरेब और जालसाजी पर ही टिकी हुई है उस संस्थान को रमेश अवस्थियों,विजय रायों और उपेन्द्र राय जैसों की ही जरूरत पड़ती है।रमेश अवस्थी जब सहारा के यूपी चैनल में ब्यूरो चीफ थे,तब उन्होंने क्या कारस्तानी की, बताने की जरूरत नहीं है।सहारा चैनल की असलियत है कि वहां नॉन जर्नलिस्टों की जरूरत है।ईमानदार आदमी सहारा में हमेशा परेशान रहता है और रहेगा।सहारा समय जैसे चैनलों में कभी राज लोगों का राज रहेगा,कभी मिश्र लोगों की जमात का।क्या यहां कोई ईमानदार वर्कर सर्वाइव कर सकता है..
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written by Anil, July 23, 2011
Ye to hona hi thha, paap ka ghada jarur bharta hae, aur ramesh awasthi k paap ka ghada bhi bhar gaya.. Sab ramesh piditon ko badhai.

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Last Updated ( Saturday, 23 July 2011 15:14 )