23 साल बाद वरिष्ठ पत्रकार एएल प्रजापति करेंगे वापसी

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: संजय कुमार सिंह के बाद एक और जनसत्ताई नया इंडिया से जुड़े : अजीत द्विवेदी के कार्यकारी संपादक बनाए जाने की चर्चा : नई दिल्ली । वरिष्ठ पत्रकार एएल प्रजापति ने 23 साल बाद एक बार फिर हिंदी दैनिक में वापसी की है। इस बार उन्होंने अपनी पारी प्रख्यात पत्रकार हरिशंकर व्यास के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित होने जा रहे हिंदी दैनिक नया इंडिया से शुरू की है।

इससे पहले वे हिंदी पत्रकारिता को नई दिशा देने वाले हिंदी दैनिक जनसत्ता से 1983 में उप-संपादक के रूप में जुड़े थे। 1988 में वे इससे अलग हो गए और नई पारी इंडिया टुडे ग्रुप से शुरू की। कोलकाता के प्रतिष्ठित संत जेवियर कॉलेज से विज्ञान में स्नातक एएल प्रजापति इंडिया टुडे समूह से 2009 तक जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने साप्ताहिक इंडिया टुडे में एसोसिएट कॉपी एडिटर और प्रतिनियुक्ति पर आज तक में कॉपी डेस्क एडिटर (2000-2004) के रूप में अपनी सेवा दी। इसके अलावा उन्होंने साप्ताहिक धर्मयुग, रविवार, सन्मार्ग और हिंदुस्तान के माध्यम से भी अपनी प्रतिभा का जौहर बिखेरा है।

उन्होंने कई किताबों का अनुवाद भी किया है। इनमें उद्योगपति एवं मीडियाकर्मी राघव बहल की किताब सुपर पॉवर और लेखिका कामिनी मथाई की पुस्तक एआर रहमानः संगीत का जादूगर भी शामिल है। बताया जा रहा है कि जनसत्ता में वरिष्ठ पद पर कार्य कर चुके हरिशंकर व्यास नया इंडिया के माध्यम से पत्रकारिता जगत में एक नया आयाम स्थापित करने जा रहे हैं, जो दशकों से खाली पड़ा है। इसलिए उन्होंने जनसत्ता टीम के वरिष्ठ पत्रकारों एएल प्रजापति और संजय कुमार सिंह को अपनी नई टीम का हिस्सा बनाया है। ईटीवी पर प्रसारित सेंट्रल हॉल कार्यक्रम व्यास जी की बेबाक टिप्पणी के लिए भी जाना जाता है।

संजय सिंह बीते कई सालों से अनुवाद और स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं। उन्हें मीडिया और संवेदनशील मुद्दों पर बेबाक टिप्पणी और लेखन करने के लिए जाना जाता है। सूत्रों की मानें तो दोनों पत्रकारों को अखबार के महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दी जा सकती है। फिलहाल दोनों वरिष्ठ पत्रकार इन दिनों योजना के तहत टीम के नए साथियों की प्रतिभा का मूल्यांकन कर उन्हें प्रशिक्षित कर रहे हैं। इन दोनों वरिष्ठ पत्रकारों के अलावा नया इंडिया की टीम में एक अन्य महत्वपूर्ण नाम पत्रकार अजीत दिवेदी का है। सूत्रों की मानें तो इनका भी संबंध जनसत्ता से रहा है और उन्हें अखबार का कार्यकारी संपादक बनाया जा सकता है। फिलहाल वे टीम के सदस्यों की नियुक्ति में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं।


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Comments (1)Add Comment
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written by dinesh prajapati, August 15, 2011
apki patrakarita mai vasi achi khabar hai, lekin uske pahle mera liye yah achi khabar hai ki aap etane samay tak patrakarita se jude hai. apko badhai.

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Last Updated ( Sunday, 14 August 2011 13:14 )