सैकड़ों लोगों की नौकरी लेने वाले राहुल की नौकरी पीके ने ली

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अब तक सैकड़ों लोगों की नौकरी ले चुके महुआ के एचआर प्रमुख राहुल मिश्र भी अब महुआ में नहीं रहे। मालिक पीके तिवारी ने बहुत ही निर्ममता के साथ उन्‍हें इस्‍तीफा देने को कह दिया। और इसके बाद ही महुआ से उन्‍हें पूरी रुसवाई के साथ बाहर का रास्‍ता दिखा दिया गया। खबर तो यहां तक है कि उन्‍हें गेट से ही भीतर नहीं जाने दिया गया। दरबान ने कहा:- ऊपर से आदेश आया है, आप भीतर नहीं जा सकते।

राहुल मिश्र अब महुआ के एचआर हेड की कुर्सी से ही नहीं, पूरे संस्‍थान से निकाल बाहर कर दिये गये हैं। वे प्रज्ञा चैनल के जमाने से ही सेंचुरी कम्‍पनी के एचआर हेड का काम देख रहे थे। दो दिन पहले उन्‍हें सीधे पीके तिवारी ने अपने चैंबर में बुलाया और कहा कि अब उनकी जरूरत संस्‍थान को नहीं है। खबर है कि इस बात पर एकाएक सन्‍नाटे में आ गये राहुल मिश्र ने पीके तिवारी से पूछा भी कि आखिर उन्‍हें हटाये जाने का कारण तो बता दिया जाए। सूत्रों के अनुसार इस पर पीके तिवारी का जवाब था कि इसके पहले जितने भी लोगों को महुआ से निकाला गया है, क्‍या उन्‍हें निकाले जाने का कारण बताया गया है।

महुआ लांच होने के बाद से ही राहुल मिश्र की रणनीतिक गोटियां तब सटीक पड़ने लगी थीं, जब उन्‍हें महुआ के लिए लोगों की भर्ती का काम भी दे दिया गया था। हालांकि महुआ और महुआ न्‍यूज के लांच होने के दो ही समय बाद महुआ से वरिष्‍ठ पदों पर बैठे लोगों को निकाल बाहर करने या उन्‍हें बेइज्‍जत करने का दौर शुरू कर दिया गया था। इन कवायदों के पीछे राहुल मिश्र का ही हाथ बताया जा रहा था। लेकिन अंदरखाने की खबरों के अनुसार पीके तिवारी इस पूरे मामले में राहुल मिश्र के कंधे पर बंदूक रख कर वार कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार बदले घटनाक्रम में राहुल मिश्र को लगने लगा था कि अब वे शायद कंपनी के सीईओ के पद तक को हासिल कर सकते हैं। इसीलिए राघवेश अस्‍थाना जैसे लोगों के भी पर कतरे जाने शुरू कर दिये गये थे।

सम्‍पादकीय टीम में भी शीर्ष पदों पर भी राहुल के नाम की तलवार लटका दी गयी थी। पटना में ओपी को हटाये जाने के बाद, कहते हैं कि, उन्‍हें हटाने की सूचना तक स्‍थानीय अखबारों में छपवाने की सलाह भी राहुल मिश्र की ही थी। मुख्‍यालय से मृत्‍युजय ठाकुर, ओपी सिंह, सीबी तिवारी, लखनऊ से कुमार सौवीर, मुम्‍बई से संजय कुमार सिंह समेत दर्जनों वरिष्‍ठ लोगों को निकाल बाहर करने के साथ ही बिजनेस, एकाउंट्स और आपरेशन के भी वरिष्‍ठ लोगों को संस्‍थान से बाहर करने के चलते राहुल मिश्र इन सभी विभागों के लोगों के क्षोभ का शिकार होने लगे थे। और कल बुधवार को उन्‍हें भी आखिरकार बाहर का रास्‍ता देखने पर मजबूर कर ही दिया गया। वैसे, चर्चाओं के अनुसार राहुल मिश्र पर यह गाज गिरने का एक कारण सम्‍भवत:उनकी पत्‍नी द्वारा चलायी जा रही प्‍लेसमेंट एजेंसी भी रही है, जिसके कमीशन को लेकर कंपनी में खासी चर्चाएं कई महीनों से चल रही थीं।


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Comments (4)Add Comment
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written by santhosh ps, October 14, 2011
one by one
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written by sudhir, August 28, 2011
पीके तिवारी जी ने बहुत सही फैसला लिया है..महुआ को बरबाद होने से बचाने के लिए कई और वरिष्ठ लोगों को बाहर किया जाना जरूरी है। जिन लोगों ने महुआ को विशाल वृक्ष बनाने मेंअपना खून दिया उसका मजा काटने बाद में गंदे लोग पहुंच गए हैं...
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written by neeraj kumar, August 26, 2011
आज न कल तो इस चमचे को निकलना ही था.
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written by prashant kumaar, August 26, 2011
Nikalna Khuld Se Adam Ka Bahut Sunte The Lekin,
Bade Be- Aabru Hokar Tere Kuhce Se Nikle Hum.
Id Mubarak In Advance

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