''बारह साल की सेवा का यही सिला है तो मेरा इस्‍तीफा स्‍वीकार करें''

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: हिंदुस्‍तान की नौकरी के चलते हो गई मेरे पुत्र की हत्‍या : हिंदुस्‍तान, श्रावस्‍ती के ब्‍यूरोचीफ कुमार पंकज ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे बारह साल से हिंदुस्‍तान, लखनऊ को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे थे. सन 2000 में उन्‍हें श्रावस्‍ती का जिला संवाददाता बनाया गया था तथा 2009 में उन्‍हें श्रावस्‍ती का प्रभारी बना दिया गया.  कुमार पंकज ने अपना इस्‍तीफा रुद्रशिव मिश्रा को श्रावस्‍ती का नया प्रभारी बनाए जाने के बाद दिया है.

बीस सालों से पत्रकारिता में सक्रिय कुमार पंकज को जब रुद्रशिव को रिपोर्ट करने का फरमान सुनाया गया तो उन्‍होंने संस्‍थान को ही अलविदा कह दिया. रुद्रशिव को 17 अगस्‍त को न्‍यूज एडिटर जगदीश जोशी ने श्रावस्‍ती के प्रभारी के रूप में कार्यभार ग्रहण कराया. जगदीश जोशी चार दिनों तक श्रावस्‍ती में रूक कर प्रसार व्‍यवस्‍था को भी संभाला. इसके बाद ही कुमार पंकज ने कार्यकारी संपादक नवीन जोशी को अपना इस्‍तीफा भेज दिया. साथ ही इसकी प्रतिलिपि प्रमुख संपादक शशि शेखर एवं मालकिन शोभना भरतिया को भी भेज दिया. कुमार पंकज हिंदुस्‍तान से पहले स्‍वतंत्र भारत एवं बहराइच टाइम्‍स को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.


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Comments (2)Add Comment
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written by shiv balak goswami, September 03, 2011
Sharavasti mein jo danik hindustan ne pankaj kumar ka istifa suvikar karke manavta ka gala ghot diya.Pankaj kumar ne apne 12 varshiye bache ko kurban kar diya danik hindustan ki vajy se .Usi danik... ne dudh ki makhi ki tarha se fake diya.kisi ke sath jarurat se jada wafadari karne se gadari hi milti hai.
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written by Aliya khan, September 01, 2011
Shashi Shekhar ji ko badhai aik aur murga katne ki...! are kumar pankaj ji aapne akhbar No.1 pe pahunchaya voh to theek hai par ab kya uski jeevan bhar pension kat te rahoge? aakhir uchchadhikariyon ko bhi to apne murge fit karne hote hain jo samay par baang de sakein. Shayad aap samay par kukdoo kun nahin kar paye honge. Jay hind!

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Last Updated ( Wednesday, 31 August 2011 14:33 )