लोकमत के ब्‍यूरोचीफ विनोद शाही का इस्‍तीफा, दीपेश नवज्‍योति से जुड़े

E-mail Print PDF

यूपी में लोकमत हांफने लगा है. सेलरी को लेकर अफरातफरी है. खबर है कि गोरखपुर ब्‍यूरो भी बंद होने के कगार पर पहुंच चुका है. सात लोगों के स्‍टाफ में से चार लोगों ने पहले ही सेलरी ना मिलने के चलते छोड़ दिया था. अब गोरखपुर के ब्‍यूरोचीफ विनोद शाही ने भी अपना इस्‍तीफा सौंप दिया है. विनोद अपना तथा सहकर्मियों का वेतन न मिलने से नाराज थे. प्रबंधन इन लोगों को पत्रकार से ज्‍यादा मार्केटियर बनाना चाहता था.

 

जब गोरखपुर में लोकमत का ब्‍यूरो खुला तो दो पेज खबरें यहां से बनकर जाती थीं, अब पेज बनना मुश्किल हो गया है. किसी तरह यहां वहां का ईंट जोड़कर भानुमती का कुनबा तैयार किया जा रहा है. दो तीन लोगों के सहारे अखबार का काम खींचा जा रहा है. ब्‍यूरोचीफ के रूप में लोकमत ज्‍वाइन करने वाले विनोद शाही पिछले बीस सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय है. इन्‍होंने राष्‍ट्रीय सहारा, हिंदुस्‍तान, जागरण, आज को भी लम्‍बे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं.

नई दुनिया, जबलपुर से दीपेश तिवारी ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर सब एडिटर थे. उन्‍होंने अपनी नई पारी दैनिक नवज्‍योति के साथ राजस्‍थान में शुरू की है. उन्‍हें एडिटोरियल हेड बनाया गया है. दीपेश की गिनती तेजतर्रार पत्रकारों में की जाती थी. वे पिछले सात सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं.


AddThis
Last Updated ( Wednesday, 21 September 2011 08:56 )