शरद देंगे अमर उजाला से इस्‍तीफा, जयशंकर बने हिंदुस्‍तान के प्रभारी, जगमहेंद्र की नई पारी

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अमर उजाला, बरेली से खबर आ रही है कि सिटी डेस्‍क इंचार्ज शरद यादव जल्‍द ही संस्‍थान को बाय करने वाले हैं. उनके बारे में खबर है कि वे अपनी नई पारी जल्‍द शुरू होने जा रहे हिंदुस्‍तान, अलीगढ़ के साथ करने वाले हैं. उन्‍हें डीएनई बनाया जा रहा है. शरद कुछ समय पूर्व अलीगढ़ से ही शरद का तबादला बरेली किया गया था.

हिंदुस्तान, सासाराम का प्रभारी जयशंकर बिहारी को बनाए जाने की खबर है. जयशंकर इससे पहले बिहारी खबर अखबार में कार्यरत थे.

दैनिक भास्कर, पानीपत में कार्यरत रिपोर्टर जगमहेंद्र सरोहा ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अमर उजाला, पानीपत ज्वाइन किया है. वे अमर उजाला में सब एडिटर / रिपोर्टर के पद पर आए हैं.


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Comments (3)Add Comment
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written by Anshu , September 22, 2011
हो गया बेड़ा गर्क हिंदुस्तान अलीगढ़ का. आमां जिस शरद यादव को डीएनई बनाने की सोच रहे हैं उनके साथ कोई काम कैसे कर पाएगा. असल में पावर मिलने के बाद ये पगला जाते हैं. ऐसे में साथियों के लिए भारी मुश्किल होने वाली है. एक बार अलीगढ़ अमर-उजाला में रहते भी इनको पावर मिला था. पगला गए थे. संभाले नहीं संभल रहे थे. आखिर वक्त बदला और इनका पर कतरा गया. रात को 9 बजे जब पन्ना छोड़ना होता है इनके बाल खड़े होने लगते हैं. एक के बाद एक कई गोलियां घोट जाते हैं. बाम निकाल लेते हैं.
इनके अधीन काम करने वालों को शुभकामनाएं.
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written by dhanish sharma, September 22, 2011
ya bhi apna talant hai ki ghus dakar apna kaam karva liya isma koi galat baat nai hai...or ghus kaha nai chalti hai or aajkal ya baat vo kaha jisna jeevan main kabi bhi kisi ko rishvat na di ho..main sirf written by breaking uh cumment kar rha hu.main janta bhi nai inma sa kisi ko...lakin hamam main sabhi nanga hain..
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written by breaking, September 22, 2011
खबर ये नहीं कि जयशंकर को प्रभारी बनाया गया है.. बल्कि खबर ये है कि क्या हिंदुस्तान को अच्छे पत्रकारों की परख नहीं रही.... एक टुच्चा अखबार के स्ट्रिंगर को सासाराम जैसे जिले का प्रभारी बनाना तो यही दर्शाता है... आंकड़े बताते हैं कि जयशंकर के आने के ना सिर्फ हिंदुस्तान के सर्कुलेशन में 1200 की कमी आई है बल्कि... पेज भी महाचौपट हो गया है... अगर कोई तीन साल के अनुभव पर ब्यूरो प्रभारी बना दिया जाता है तो कार्यालय के अनुभवी कर्मचारियों में असंतोष और आक्रोश होना लाजिमी है... कहा तो ये भी जा रहा है जयशंकर ने संपादक को एक लाख रुपये का घूस देकर पंद्रह हजार महीने की नौकरी हासिल की है...

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Last Updated ( Thursday, 22 September 2011 10:08 )