कासगंज में हिंदुस्‍तान की हालत खराब, बिना सेलरी दिए स्ट्रिंगर को हटाया गया

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कासगंज में हिंदुस्‍तान के हालात खराब हैं. बीते दिनों पटियाली में ट्रेन हादसे की खबर में कुछ गल्तियां होने के बाद प्रबंधन ने यहां का प्रभार देख रहे स्ट्रिंगर अवधेश द‍ीक्षित समेत सभी को हटा दिया था. इसके बाद किसी तरह एक महीने तक कासगंज में इधर-उधर से खबरें लेकर काम चलाया गया. इसके बाद पीलीभीत से बुलाकर संजय अग्रवाल का प्रभार दे दिया गया है. उन्‍हीं के नेतृत्‍व में कासगंज कार्यालय का संचालन हो रहा है.

कासगंज कार्यालय का सुपरविजन एटा के ब्‍यूरोचीफ अनुज शर्मा कर रहे हैं. संजय के बाद अश्‍वनी कुमार तथा अभिषेक की नियुक्तियां क्रमश: स्ट्रिंगर तथा फोटोग्राफर के पद पर हुई. परन्‍तु इन लोगों ने सेलरी नहीं मिलने के बाद काम छोड़ दिया. इसके बाद चेतन यादव को स्ट्रिंगर बनाकर लाया गया. चेतन भी दो महीने तक कासगंज में अखबार का काम देखते रहे परन्‍तु उन्‍हें सेलरी नहीं मिली. उन्‍होंने जब अपने सेलरी की मांग की तो उन्‍हें हटा दिया गया.

चेतन ने आरोप लगाया कि प्रभार देख रहे संजय अग्रवाल ने उन्‍हें बेवकूफ बनाया तथा उनका नाम आगरा कार्यालय नहीं भेजा. पिछले एक महीने से लगातार टाल मटोल किया जा रहा था. मुझे बेवकूफ बनाकर काम कराया जा रहा था. उनका नाम कासगंज के संवाददाता के रूप में दर्ज नहीं हुआ जबकि वो आगरा यूनिट से एक दिन का प्रशिक्षण लेकर आए थे. मेरा दो माह का वेतन लगभग आठ हजार रुपये बनता है, जो मुझे नहीं मिला है. सेलरी मांगने के बाद मुझपर तमाम तरह के आरोप लगाए गए तथा हटा दिया गया. अब दूसरे अखबारों के लोगों से खबरें लेकर काम चलाया जा रहा है.

इस संदर्भ में जब कासगंज प्रभारी संजय अग्रवाल से बात की गई तो उन्‍होंने कहा कि चेतन ने डेढ़ महीने अखबार के लिए काम किया. उन्‍होंने ईमानदारी से काम किया. उन्‍हें सेलरी मांगने के चलते नहीं बल्कि अनुशासनहीनता के चलते हटाया गया है. कार्यालय में देर से आने तथा बात न सुनने के चलते यह कार्रवाई की गई है. मांगे जाने के बावजूद उन्‍होंने अपना पेनकार्ड नम्‍बर उपलब्‍ध नहीं कराया जिसके चलते उनकी सेलरी उन्‍हें नहीं दी जा सकी.


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