उत्‍तराखंड में डीएलए के प्रभारी बने सुभाष गुप्‍ता

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देहरादून के वरिष्ठ पत्रकार प्रोफेसर सुभाष गुप्ता एक बार फिर सक्रिय पत्रकारिता से जुड़ गए। प्रोफेसर सुभाष गुप्ता ने उत्तराखंड राज्य प्रभारी के रूप में दैनिक डीएलए ज्वाइन कर लिया है। अमर उजाला के संस्थापक परिवार से जुड़े इस दैनिक ने सुभाष गुप्ता को उत्तराखंड में डीएलए को जमाने की जिम्मेदारी सौपी है। डीएलए ने नवरात्र के पहले दिन ये बड़ा कदम उठाने के साथ उत्तराखंड में अखबार के प्रसार की व्यवस्था आरम्भ कर दी है।

वर्ष 1985 में अमर उजाला बरेली के साथ कैरियर की शुरुआत करने वाले सुभाष गुप्ता को देहरादून में अमर उजाला को स्थापित करने और इसकी प्रसार संख्या 360 से बढ़ाकर 28,000 तक पहुंचाने के लिए याद किया जाता है। वे अमर उजाला में 18 वर्ष रहने के बाद सहारा टीवी, वॉयस ऑफ इंडिया और फिर ज़ी न्यूज के राज्य प्रभारी के रूप में सात साल सेवा कर चुके हैं। खोजपूर्ण पत्रकारिता में रूचि रखने वाले सुभाष गुप्ता उत्तराखंड में शराब घोटाले, दवा स्कैम, लाश घोटाले जैसे कई बड़े घोटालों का पर्दाफाश कर चुके हैं।

प्रोफेसर गुप्ता ने पिछले साल सक्रिय पत्रकारिता से विदाई लेकर ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में पत्रकारिता व एनीमेशन के विभागाध्यक्ष का कार्यभार संभाल लिया था। प्रोफेसर गुप्ता दूरदर्शन पर आग़ाज़ के नाम से एक कार्यक्रम भी देते हैं। सम्पर्क करने पर प्रोफेसर गुप्ता ने कहा कि वह डीएलए की जिम्‍मेदारी संभालने के साथ विश्वविद्यालय को भी कुछ समय देते रहेंगे।


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Comments (9)Add Comment
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written by praveen, haridwar, October 01, 2011
subhas ji. aap bhi kamal ke dukane kholne ke ustad hain. deewali bhi hai aur chunav bhi. dono hathon se malai batoro. manmohan bhatt aur shiv ji ko lat marne ke bad agla shikar kaun hai. ghansala ko aise hi log to chahiye
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written by muzammil, September 30, 2011
bahut bahut shubkamnaye sir,
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written by smily barthwal, September 30, 2011
Subhash ji baat karne me bahut sanyam rakhtey hain aur shaleen hain..lekin mauke ka faayda uthana koi unse seekhey,, sahara me kai ghaplon ka aarop laga,,ain time per khanduri se apne rishton ka faayda utthakar voice of india ko rajya sarkar ka vigyapan dekar bechare shiv joshi ko laat padwa ddi, uske baad ucchal kar zee me chaley gaye wahan lambhi shikayton aur apni daal na galtey dekh patli gali se nikal aur nishank ke sath graphic era ke chairman ghansala ki liasioning karane me madadgar bann ne ke inaam swaroop graphic era me naukari paane ke naam per graphic era ke sare liasioning ke dhandhey sambhal liye,aur abb baari hai DLA ki jo ki chunao me maal kaatne ke liye liya gaya hai sath me ghansala ki liasioning aur dalali sambhalne ke liye university ko bhi kuch samay detey rahengey...dhyan ho ki dehradun me badhiya property jodne wallon me ek subhash gupta bhi hain..waise ye bahut milansaar aur apne hunar me maahir hain..jaihing jai uttarakhand
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written by faisal khan, September 29, 2011
subhash ji ko chhote bhai ka salam,aur phir bade bhai ko DLA ki zimmedari milne par dili mubarakbad,subhash bhai ummeed karta hoon ki jis tarah se apka shandar patrkarita ka itihas raha hai wahi safar aage bhi jari rahega,kabhi bhi apke shandar safar mai koi dikkat ya pareshani na aaye inhi duaon ke sath,,apka m faisal khan(channel one news.saharanpur)9412230786
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written by Santosh Verma, September 28, 2011
badhaee ho bhai
navratri ki khushi soguni ho gayee.
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written by raja, September 28, 2011
एक बात समझ में नहीं आ रही आगरा ,में तो डी ल ए का बहुत बुरा हाल है । सिर्फ होली दीवाली की शुभकामनाओ के अलावा डी ल ए में कोई विज्ञापन नाम की कोई चिड़िया नहीं नज़र आती उसके बाद भी भययु जी और उनका लड़का हेमंत आनंद बड़ी बड़ी बात करते है।सबसे पहले झाँसी संस्करण की लौंचिंग के समय हेमंत आनंद ने कहा था की हमारे ग्रुप के आगरा संस्करण का दो लाख का प्रसार है लेकिन मुझे नहीं लगता की केवल कमर्शियल कोमेर्शियल चलने वाले डी ल ए का प्रसार पूरे समूह का ही दो पेटी होगा।
उन्होने लौंचिंग के समय ही पूरी उत्तप्रदेश में छाने की बात काही थी लेकिन उसके बाबजूद भी आजतक चार ही संस्करण है। भययु जी की बात यही नहीं खतम होती भययु जी अपने यहाँ के पत्रकारों को केवल 6000 रुपया मासिक पगार पर रखते है जबकि उनके आगरा कार्यालय में उनकी मेमसाहिबा बैठती है।
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written by chandan bangari, September 28, 2011
badhayi subhash je. umeed hai aap uttrakhand ke jansaronkaron ki aawaj ko nye madhayam se purjor dhang se uthayenge. issi umeed ke sath.
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written by vijay vardhan, September 28, 2011
ठेर सारी शुभकामनाएं।
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written by ज्योति, September 28, 2011
बधाई सुभाष जी, उत्तराखंड को भी इस वक्त कुछ ऐसी ही जरूरत थी। मेरा विश्वास है कि आपने जिस तरह अमर उजाला और फिर सहारा टी वी को आम आदमी के भरोसे से जोड़ा और खबरें खोदकर निकालने की एक अविस्मरणीय परम्परा को बहुत आगे बढ़ाया .... उसकी आज ओर ज्यादा आवश्यकता प्रतीत होती है.... आप डी एल ए को भी उसी मुकाम पर पहुंचाएंगे... मुझे जैसे बहुत सारे लोगों की ये शुभकामना है

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