पीपुल्‍स समाचार, इंदौर के स्‍थानीय संपादक प्रवीण खारीवाल का इस्‍तीफा

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इंदौर। पीपुल्‍स समाचार, इंदौर के स्‍थानीय संपादक प्रवीण खारीवाल ने गुरुवार को अपने पद से त्‍याग पत्र दे दिया. खारीवाल ने 13 माह पूर्व विशेष संवाददाता के रूप में पीपुल्‍स समाचार ज्‍वाइन किया था. कुछ समय समय बाद विकास मिश्र के स्‍थान पर खारीवाल को स्‍थानीय संपादक बना दिया गया था.

गुरुवार को संपादक एनके सिंह ने इंदौर संस्‍करण में हाल ही में की गई कुछ नियुक्तियों पर एतराज जताते हुए खारीवाल को पद से तत्काल हटाने के निर्देश दिए. पीपुल्‍स समाचार, इंदौर से पिछले दो महीनों में 6 रिपोर्टर और सब एडिटर दैनिक भास्‍कर, पत्रिका और दबंग दुनिया में चले गए. उनके स्‍थान पर स्‍थानीय संपादक ने नई नियुक्तियां की थी. अपने त्‍याग पत्र के संबंध में खारीवाल ने कहा कि एनके सिंह जैसे कथित वरिष्‍ठ संपादक आतंक और भय के सहारे अपना काम चलाते हैं. दुर्भाग्‍य है कि मोटी-मोटी तनख्‍वाह लेने वाले ऐसे संपादक खुद तो कुछ नहीं करते, उल्‍टा दूसरों में दोष ढूंढा करते हैं. खारीवाल ने कहा कि वे एनके सिंह की कारगुजारियों को उजागर करेंगे ताकि पीपुल्‍स समाचार प्रबंधन सोचे कि उन्‍होंने सही पद पर गलत व्‍यक्ति का चुनाव कर लिया है.

हाल ही में अवधेश बजाज के स्‍थान पर संपादक के पद पर एनके सिंह के आने के बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि इंदौर, भोपाल, ग्‍वालियर व जबलपुर में फेरबदल होगा. संपादक सिंह ने सबसे पहले जबलपुर संपादक गीत दीक्षित और जितेंद्र रिछारिया को निशाना बनाया. अब जबलपुर में अभिमनोज स्‍थानीय संपादक हैं. जबलपुर के बाद संपादक सिंह ने भोपाल के स्‍थानीय संपादक सुशील शर्मा को अपदस्‍थ करने की कोशिश की. भोपाल के लिए ओम प्रकाश सिंह, अजीत सिंह, राधेश्‍याम धामू आदि से बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन सेलरी पर आकर बात अटक गई. मनमाफिक वेतन नहीं मिलने पर धामू ने स्‍थानीय संपादक के बजाय सेंट्रल डेस्‍क और न्‍यूज रूम इंचार्ज के रूप में ज्‍वाइन किया. पीपुल्‍स समाचार पत्र में अब भोपाल और ग्‍वालियर के स्‍थानीय संपादक पद पर तलवार लटकी हुई है.

सन 1987 से खेल हलचल पत्रिका से अपने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत करने वाले प्रवीण खारीवाल ने अब तक असली दुनिया, लोक स्‍वामी, चौथा संसार, चेतना सांध्‍य, राज एक्‍सप्रेस, डीजी न्‍यूज में विभिन्‍न पदों पर कार्य किया है. पीपुल्‍स समाचार ज्‍वाइन करने से पहले खारीवाल राज एक्‍सप्रेस में स्‍थानीय संपादक रह चुके हैं. खारीवाल दो कार्यकाल से इंदौर प्रेस क्‍लब के अध्‍यक्ष भी हैं.


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Comments (4)Add Comment
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written by Pankaj Swami, October 17, 2011
Peoples ki doobti naiyya ko ab sirf ek hi aadmi bacha sakta hai aur wo hai AWDHESH BAJAJ. Inke jane ke baad se jo Peoples Samachar ka jo bura dour shuru hua hai usey rok paana ab NK jaise logo ke bas ki baat nahi rahi
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written by X peoples...., October 11, 2011
tit for tet.....
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written by rajendra tiwari, jabalpur, October 08, 2011
vakai yah thik nahi ho raha hai. maliko ko dakhal dena vhahia. aase main to log milna kathin ho jayega. ruchi ji dhyan dijia. rajendra tiwari senior journalist dainik bhaskar aurangabad
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written by saideep bhim, October 07, 2011
Praveen khariwal - peoples samachar ke bure din kai dino se shuro ho gaye hai indore me stablish branded patrakaro ka istifa peoples ke maliko ko sweekar nahi karna chahiye. Nk ji peoples ko majboot karna chahte hai tho praveen khariwal ko indore me pure power dekar vapas laye.
bhim narayan lal sr.media person
chhattishgarh.

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Last Updated ( Saturday, 08 October 2011 12:55 )