मैं एचआर महुआ से बोल रहा हूं, आज से आपकी सेवाएं समाप्त

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ट्रिन ट्रिन की घंटी बजी तो मोबाइल स्क्रीन पर महुआ न्यूज़ के नॉएडा ऑफिस के फोन नंबर को देख कर लखनऊ में महुआ की लांचिंग से जुड़े प्रवेश रावत ने फोन रिसीव कर जैसे ही हेलो कहा, उधर से आवाज आई- मैं एचआर महुआ न्यूज़ से बोल रहा हूं. प्रवेश जी, आज से आपकी सेवाएं समाप्त की जाती हैं. इतनी से बातचीत के बाद संवाद खत्म. इसको सुन कर प्रवेश के पैरों तले से जमीन खिसक गयी.

लखनऊ ब्यूरो में पहली नियुक्ति प्रवेश की हुयी थी. तब शायद किसी को ये पता नहीं था कि प्रवेश अपने हैंडीकैम से ही पीटीसी करा कर कुमार सौवीर के नेतृत्व में जीतोड़ मेहनत से महुआ को प्रदेश में पहचान दिलाएंगे. प्रवेश उनमें से हैं जिन्होंने तीन हजार रुपये से महुआ में नौकरी शुरू की और वो दिन भी देखे हैं जब लोग महुआ के बारे में हिकारत से कहते थे कि ये लोकल चैनल कब आ गया. ऐसे दौर में प्रवेश ने महुआ को पहचान दिलाई.

प्रवेश ने अपने और चैनल के संघर्ष के दिनों में कभी हार नहीं मानी. पर महुआ प्रबंधन ने एक बार फिर इतिहास दोहराया और कुमार सौवीर जैसे ईमानदार व्यक्ति के बाद प्रवेश रावत को भी महुआ से अलग कर दिया. इस तरह महुआ प्रबंधन ने प्रवेश रावत की मासूम बेटी के मुंह से निवाला छीनने का काम किया है. तीन साल से ज्यादा की सेवा में कैमरामैन रहे प्रवेश के व्यवहार और उसकी काम की तरीफ शायद ही किसी ने ना की हो. पर महुआ प्रबंधन को जाने क्या हो गया है. बिना कारण बताए पुराने और भरोसेमंद लोगों को बाहर निकाल दे रहा है.

कुमार सौवीर के बाद अगर लखनऊ में महुआ को किसी के जरिए कोई जनता था तो वो प्रवेश ही हैं. लेकिन प्रबंधन ने उसकी मेहनत का सिला ये दिया है और एक फोन से ही बिना कारण बताये बाहर का रास्ता दिखा दिया. सूत्रों का कहना है कि महुआ लखनऊ में कार्यरत निशांत रंजन के ऊपर भी तलवार लटक रही है और उनको भी एक फोन में ही निपटाने की तैयारी है. खबर ये भी है कि रवि श्रीवास्तव को नयी जिम्मेदारियों से नवाजा गया है. अगर आपको भी कुछ पता हो तो हमें सूचित करें, This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it फर मेल करके.


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