पिता गुजरे तो डरी बहनों ने सात माह तक खुद को घर में कैद रखा

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सात माह तक पड़ोसियों को भी पता नहीं चला कि पड़ोस में क्या दुख-सुख हैManish Mishra : नोएडा के सेक्टर-29 में पिता की मौत के गम में सात महिने तक घर में बंद रही बहनें, पुलिस और समाजसेवी संगठन ने दोनों लड़कियों को बाहर निकाला। दोनों की हालत भूख और पानी की कमी के कारण बेहद खराब थी। एक बहन का नाम सोनाली, दूसरी का अनुराधा है। वे दोनों कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती हैं।

पड़ोसियों को भी सात महीने तक इन बहनों की सुध नहीं आई। घर में उनके साथ कोई अपना था तो वो उनका पालतू कुत्ता, जिसने भूख के कारण कुछ दिन पहले ही दम तोड़ दिया। क्या हम ऐसे संवेदनहीन समाज में रह रहे हैं जहाँ परिवार के अलावा कोई भी अपना नहीं है..??

Rakesh Tiwari : to ye hai 21vin sadi ka sabhya samaz...

Mousmi Pandey : kuch kah nahi paa rahe.......kya aisabhi hota hai....... :(

Jaikumar Jha : मनीष जी, समाज संवेदनाविहीन नहीं बल्कि समाज को संवेदनाविहीन बना दिया गया है. जब शरद पवार जैसे लोग एक करोड़ लोगों के साधन और संसाधन को खायेंगे, पूरी सरकार देश व समाज को लूटने वाले मुकेश अम्बानी जैसे धन पशुओं के लिए दलाली करेगी तो लोग अपना पेट भरेंगे कि समाज या किसी और की सेवा करेंगे.... सरकार लोगों को लूटकर धनपशुओं का खजाना तथा भ्रष्ट मंत्रियों का गोदाम भर रही है.. हर आदमी अपने जीवन की मूलभूत साधन और संसाधन जुटाने में अपनी नैतिकता को भूल चुका है. रही सही कसर प्रतिभा पाटिल और मनमोहन सिंह जैसों का चरित्र प्रेरित कर पूरी कर देता है.... इस देश में सामाजिक असमानता की भयावहता इंसानियत को ख़त्म करने के कगार पर है, पूरा देश व समाज भ्रष्ट मंत्रियों व उनके पार्टनर धनपशुओं के द्वारा बंधक बनाये जाने तथा खून चूसे जाने की वजह से कंकाल में परिवर्तित होने के कगार पर है...

Manish Mishra : बहुत खूब, जयकुमार जी

Ashish Ranjan : Bahot dukh hua ye dekh kar aur jaan kar,,,,,

Rajeev Mittal : is samvedanheentaa par kisko royen

Shiv Singh : its so sad sir rone pe majboor kar dyia

Nishi Bhat : apne sahi kaha. yaha logo ko apne gam se phursat nahi.

Dinesh Chandra Mishra : yeh sab bare bare saharo ki choti choti ghatnyee hai. inko dekhkar app apane app per ro sakte hai ki app insaan kanyo hai. janwar hote tab bhi kuch to samvedna hoti

Dinesh Chandra Mishra : yeh to bare bare saharo ki chhoti chotti ghatnyee hai.aisa chotee chotte sahar aur ganvo mai kam he dikhata hai. aisi ghatnyee dekhkar dil karta hai ki hum khud roye kanyo insaan hai. janwar mai to isase jayada samvedna abhi jangalo mai bhi dikh jata hai

Sandeep Tomar : ‎:)

Jaiprakash Mishra : bajarwad me aadmi sirf aur sirf bastu banke rah gaya hai

ये है इंडिया के समाज का हाल, सात माह तक बहनें घर में रहीं बेहाल

इस घटना के बारे में फेसबुक के लोगों को जानकारी दी हिंदुस्तान, एनसीआर के प्रभारी मनीष मिश्रा ने. मनीष के फेसबुक स्टेटस से तस्वीर व कमेंट लेकर यहां प्रकाशित किए गए हैं.


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