''तुम चमारों को हमारे सामने बैठकर खाना खाने की हिम्मत कहां से आ गई?''

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: मेरे भाई को बेहोश होने तक पीटा फिर घर आकर धमका गया : दरोगा, थानेदार, सीओ सबसे गुहार लगा चुके, रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही : दलित महिला के सत्ता में होने के बावजूद एक दलित परिवार जुल्म का शिकार : यशवंत जी नमस्कार,  मैं ग्राम जाजपुर थाना घाटमपुर (कानपुर) का रहने वाला हूँ. मेरे बड़े भाई को पड़ीसी ग्राम के भूपेन्द्र सिंह ने एक तिलक समारोह में इसलिए मारपीट क्योंकि मेरे भाई उसके सामने खाना खा रहे थे, वह भी कुर्सी पर बैठकर.

उसने कुर्सी पर लात मार कर मेरे बड़े भाई को गिरा कर तब तक पिटाई की जबतक वो बेहोश नहीं हो गए. बेहोश होने के बाद वो हमारे घर आकर जान से मारने की धमकी देकर चला गया और कहा कि तुम चमारों को हिम्मत कहाँ से आ गयी जो हमारे सामने खाना खा लो, अगली बार गलती की तो जान से मार दिया जायेगा. इस घटनाकांड के बाद पुलिस चौकी में रिपोर्ट करनी चाही तो दरोगा ने कहा कि सुबह आना और तब बात करना.

सुबह गए तो दरोगा ने हड़काते हुए कहा कि दारु पीकर मारपीट करते हो, समझौता कर लो नहीं तो मैं सारे परिवार को अंदर कर दूंगा. पता चला है कि दरोगा ने भूपेंद्र से पैसे ले लिए हैं. जब हम लोग घाटमपुर थाना गए तो वहां भी कोई कार्यवाही नहीं हुयी. फिर हम लोग सीओ से मिले लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुयी है. पुलिस लगातार घर आकर डरा धमका रही है. ये घटना 20 मई की रात हुयी थी. अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो रही है. इस तरह एक दलित महिला के सत्ता में होने के बाद भी दलितों का उत्पीड़न लगातार हो रहा है.
कृपया इस मामले में आप मेरी मदद करें और दोषियों को दंडित कराएं.

आभार के साथ
दीप चंद्र संखवार
रिसर्च स्कालर
मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म डिपार्टमेंट
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ


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