'' हेड महोदय पैसा नहीं मिला तो कल से काम बंद''

E-mail Print PDF

छोटे-छोटे चैनलों के स्ट्रिंगर किन हालातों से गुजर रहे हैं, ये शायद लाखों की सेलरी पाने वाले उनके संपादकों को पता नहीं है. बड़े मंचों पर बड़ी भाषणबाजियां करने वालों के लिए आर्यन टीवी के इन स्ट्रिंगरों का दर्द एक सबब हो सकता है. जो दिन-रात चैनल के लिए मेहनत करते हैं परन्‍तु चैनल को उनके सुख-दुख से कुछ भी लेना देना नहीं होता है. चैनल प्रबंधन के रवैये से स्ट्रिंगर परेशान हैं.

आर्यन टीवी के लिए झारखंड के नक्‍सल प्रभावित पांच जिलों में काम करने वाले स्ट्रिंगरों को तीन माह का वेतन नहीं दिया गया है. जिससे परेशान स्ट्रिंगरों ने कल यानी 13 जुलाई काम बंद करने की चेतावनी दी है.  उन्‍होंने चैनल हेड को भी अपनी कथा-व्‍यथा से अवगत करा दिया है. नीचे स्ट्रिंगरों के दर्द तथा चैनल हेड को लिखा गया पत्र....एडिटर.


यशवंत, सरजी, नीचे वो आवेदन है जो हमने अपने चैनल हेड, स्टेट हेड और इनपुट को भेजा है. सब्जबाग दिखा कर हमे चैनल में जोड़ा गया था. मैं गौतम लेनिन लोहरदगा से सहारा समय का दामन छोड़ आर्यन का साथ थामा था. उस वक्त चैनल हेड के रूप में संजय मिश्रा थे. लेकिन उनके जाने और गुंजन सिन्हा के आने के बाद हमारी स्थिति बेहद ख़राब हो गई. हमें स्टाफर से चुपचाप स्ट्रिंगर बना दिया गया. क्यों और कैसे इस कारण की सूचना आज तक नही दी गई. कमोवेश हर चैनल की यही स्थिति है पर वेतन पर बहाल कर डेली मजदूर बना देना ये कहां तक न्यायोचित है..?

हमारी स्थिति तो धोबी के कुत्ते जैसी हो गई है. परिवार का बोझ भी हमारे उपर है ऐसे में चैनल की मनमानी के हम शिकार हो गये है. इसके अलावा झारखण्ड राज्य के नक्सल प्रभावित जिले लातेहार, लोहरदगा, पलामू, गुमला और सिमडेगा में आये दिन होने वाली नक्सली घटनाओं को लेकर भाग दौड़ होता रहता है. खबरों के पीछे हम तो दौड़ते है पर चैनल हमारी समस्यों के प्रति उदासीन है. ऐसे में हम पांच जिले के स्ट्रिंगरों ऩे फैसला लिया है कि अब हम बिन वेतन काम नहीं करेंगे. इसलिए ये आवेदन हमने आज अपने विभाग को भेजा है, जिसकी एक कॉपी आपको भेज रहा हूँ. ताकि हमारे भावनाओं को आप प्रमुखता से प्रकाशित करे.

हम पांच स्टिंगर निम्न है जो कल से काम बंद करेंगे जब तक हमारी मांग पूरी नही हो जाती. इसके अलावे झारखण्ड राज्य के सभी जिले की स्थिति ऐसी ही है. रांची राज्य मुख्यालय कर्मियों को भी इस माह वेतन से वंचित कर दिया गया है. और कब तक मिलेगा ये समझ से परे हो गया है.

1. गौतम लेनिन, लोहरदगा, सहारा समय छोड़ आर्यन से जुड़ा था स्टाफर के रूप में
2. मनीष कुमार, लातेहार, स्ट्रिंगर 
3. श्रवन पाण्डे, पलामू, स्ट्रिंगर
4. धनीशरण, सिमडेगा, स्ट्रिंगर
5. सुनील कुमार चौबे, गुमला, स्ट्रिंगर

गौतम लेनिन

लोहरदगा

मो. नम्‍बर - 09334025060


सेवा में,

चैनल हेड महोदय

आर्यन न्यूज़

पटना

विषय-न्यूज़ नही भेज पाने के सम्बन्ध में

महाशय,

उपरोक्त विषय के सन्दर्भ में कहना है कि पिछले तीन माह से हमे वेतन नही मिलने के कारण हमारी स्थिति काफी दयनीय हो गई है.न्यूज़ फील्ड से लाने के अलावा भेजने और खबर निकासी में प्रतिदिन नगद पैसे खर्च होते है इस बात से आप भी वाकिफ है.हर माह हमने अपने चैनल को हर खबरों के मामले में लीड दिलाई.चैनल के प्रति हम तो गंभीर है लेकिन आप हमारे प्रति गंभीर नही लग रहे है.तीन माह पहले हमे राशि उपलब्ध कराई गई थी.अब आप खुद सोच सकते है कि इस महगाई में हम बिन बेतन के काम कैसे कर पायेंगे. हर महीने हमे वेतन भेजने की उम्मीद तो दिलाई जाती रही पर सच्चाई कुछ और ही निकला. कर्ज के बढ़ते दवाब और उम्मीद के बीच हमने हमेशा कम्पनी का हित सोचा है. लेकिन कंपनी को भी हमारे परिस्थिति के बारे में सोचना चाहिए. अब हमारी स्थिति बेहद ख़राब और दयनीय हो गई है ऐसे में हम काम कर पाने में अक्षम है.

अत: आपसे नम्र निवेदन है कि हमारे हालत पर तरस खाते हुए हमें जल्द से जल्द वेतन भुगतान करने कि कृपा करे. वेतन नही मिल पाने के स्थिति में हम पांच जिला लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, लातेहार और पलामू के रिपोर्टर कल दिनांक 13 जुलाई से किसी भी तरह के न्यूज़ भेज पाने में असमर्थ होंगे.और इसकी सारी जवाबदेही चैनल की होगी.

विश्वासभाजन

जिला रिपोर्टर

लोहरदगा, गुमला, लातेहार ,पलामू और सिमडेगा

झारखण्ड राज्य


AddThis