एचबीसी के पत्रकारों का पैसा प्रबंधन ने दबाया

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एचबीसी चैनल जयपुर से जुड़े पत्रकार परेशान हैं. तमाम पत्रकारों को उनका वेतन नहीं दिया जा रहा है. वेतन मांगने पर टाल मटोल करने के साथ ही झूठ सच भी बोला जा रहा है. रिपोर्टर परेशान हैं. वे लगातार आशीष एवं प्रताप राव को मेल भेजकर अपना दुखड़ा सुना रहे हैं, कथा-व्‍यथा कह रहे हैं परन्‍तु उन लोगों की तरफ से कोई स्‍पष्‍ट बात इन लोगों को नहीं बताई जा रही है, जिसके चलते स्ट्रिंगर अब कानूनी कार्रवाई करने का मन बनाने लगे हैं.

एचबीसी के लिए देवली टोंक में काम करने वाले अजय आर्य ने चैनल के अधिकारियों को मेल भेज कर कहा है - '' आदरणीय,  आशीषजी एव प्रताप रावजी सर,  नमस्कार। आप द्वारा दिए जा रहे फोन से झूठे आश्वाशन का कब तक इंतजार करूं... बड़े ही दुःख के साथ आपको पुन:  लिख रहा हूँ कि आप मुझे विगत कई माह से झूठे आश्‍वासन दे रहे हैं,  लेकिन पेमेंट नहीं कर रहे हैं.  आपकी कथनी और करनी से लगता है कि आप अपने चैनल में पत्रकारों का शोषण करते हैं जिसका ताजा उदाहरण मैं एंव और भी कई हैं, जिनकी पीडा ई-मेल द्वारा मालूम होती है. महोदय अगर पैसा नहीं है तो सेठजी को बोलो कि चैनल बंद कर देवे लेकिन झूठे आश्‍वासन तो नहीं दें,  कि बैंक में चेक करो,  जब पेमेंट डाला ही नहीं तो आएगा कहां से। महोदय पेमेंट नहीं देना चाहते या नहीं है तो कोई बात नहीं,  लेकिन स्‍पष्‍ट तो बता दीजिए ताकि कोई पत्रकार अंधेरे में नहीं रहे.  इस मेल को आप पढ़ेंगेजरूर इसलिए जवाब भी जरूर देवें.  धन्‍यवाद."

ऐसा ही एक मेल जालौर से मुकेश सुंदेशा ने भेजा है. मुकेश लिखते हैं- '' आदरणीय सर आशीषजी एवं प्रतापजी राव, जालौर से मुकेश सुन्देशा का नमस्कार. आप द्वारा दिए जा रहे फोन से झूठे आश्‍वासन का कब तक इंतजार करूं... आपको अफसोस के साथ पुन: लिख रहा हूँ कि आप मुझे मेरा पांच माह का वेतन दिलाये अन्यथा मुझे आप की कम्पनी के खिलाफ कोर्ट में जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी जिमेदारी आप की होगी. साथ ही जयपुर प्रेस मीडिया के मार्फ़त आपकी कथनी और करनी को आम लोगों के बीच लाया जाएगा कि किस प्रकार आप अपने चैनल में पत्रकारों का शोषण करते हैं. आपसे अंतिम बार निवेदन कर रहा हूँ कि आप मुझे मेरा वेतन दे दें. आप किसी कर्मचारी का वेतन डकार कर चैलन का कितना भला कर लेंगे.''


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