सहारा जितना महीने का मानदेय देता है, वो तो नोएडा आने-जाने में खर्च हो जाएगा

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मैं एक पत्रकार हूं व आजकल राष्ट्रीय सहारा से जुड़ा हुआ हूं। कहने को तो हमें समाज का चौथा स्तम्‍भ कहा जाता है व पूरे समाज की हमें सुख-दुख की चिंता होती है व उनकी आवाज हम उठाते रहते हैं, लेकिन हमारी आवाज उठाने वाला कोई नहीं है। हमारे चंडीगढ़ ब्यूरो इंचार्ज जो कि अपने आपको सर्वेसर्वा समझते हैं,  ने 4 जुलाई को एक संदेश भेजा कि नोएडा कार्यालय में 8 जुलाई को एक मीटिंग का आयोजन किया गया है, जिसमें सभी का पहुंचना आवश्यक बताया गया है।

इस बारे उनका फोन मुझे आया व मुझे बताने लगे कि फलां-फलां तारीख को मीटिंग है और सभी पत्रकार साथियों का पहुंचना आवश्यक है,  तो मैंने नरेंद्र शर्मा ब्यूरो प्रमुख को पूछा कि हमें मानदेय कितना मिलता है? जितना मानदेय हमें पूरे माह में मिलता है, उससे ज्यादा खर्चा नोएडा आने-जाने में लग जाएगा और जो दिहाड़ी खराब होगी, उसकी तो कोई कीमत ही नहीं है तो उनके पास इस प्रश्‍न का कोई उत्तर नहीं था। शायद अखबार वाले हमें बंधुआ मजदूर समझते हैं।

मेरे प्रश्‍न का तो चंडीगढ़ ब्यूरो प्रमुख नरेंद्र शर्मा ने क्या उत्तर देना था, उल्टा हरियाणा के कई पत्रकारों को मोबाइल पर संदेश दे दिया जो कि अंग्रेजी में था कि अगर 8 जुलाई को 12 बजे तक पत्रकार साथी सहारा के नोएडा कार्यालय में नहीं पहुंचते तो कड़ी एवं कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें और नीचे अपना नाम दे दिया - नरेंद्र शर्मा, चंडीगढ़। जबकि पत्रकारों के पास नोएडा कार्यालय से ऐसे कोई आदेश नहीं थे। कृपया करके मेरी बात को अपने वैब पोर्टल पर रखें, हो सकता है कि यह बात मालिकों के कान तक पहुंचे और हमारा हरियाणा के साथियों का कुछ उद्धार हो जाए। मैं अपना नाम जानकर नहीं लिख रहा हूं।


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