दैनिक भास्‍कर वाले मोबाइल से भी उतरवा रहे सांप का जहर

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: पैसों की लालच में आदिवासी की जिंदगी को दांव पर लगा रहा है यह अखबार : एक ओर भले ही देश में अन्ना की लहर चल रही है लेकिन दूसरी ओर दैनिक भास्कर वाले अपने धंधे में लगे हैं। पता नहीं उनका यह धंधा करप्‍शन में आता या नहीं लेकिन उनके विज्ञापन के धंधे के लालच ने गरीब-आदिवासियों को मौत के मुंह में धकेलने का काम जरूर किया है।

दैनिक भास्कर भोपाल के बैतूल एडीशन में एक विज्ञापन छपता है,  जिसमें लिखा है कि शंकराचार्य उर्फ मुन्ना बाबा मंत्रों के माध्यम से सांप का जहर उतारता है। इस विज्ञापन में यह दावा भी किया गया है कि इसके लिए पीडित व्यक्ति को बाबा के पास आने की जरूरत नहीं है। वह मोबाइल के माध्यम से भी मंत्र फूंककर जहर उतार सकता है। इसके लिए बाकायदा मोबाइल नंबर, पता आदि सबकुछ दिया गया है। आप ये विज्ञापन देख सकते हैं और देखने के बाद आपको यकीन नहीं होगा कि ये विज्ञापन उसी दैनिक भास्कर में छपा है,  जो नए जमाने के साथ चलने की बात करता है, लेकिन उसके सोते हुए बैतूल ब्यूरो प्रमुख और बिजनेस हेड पूरे अखबार को चौपट करने में लगे हैं।

इसके अलावा मैं भड़ास मीडिया के पाठकों से पूछना चाहता हूं कि क्या इस तरह के विज्ञापन छापना गैरकानूनी नहीं है! क्या कोई इस विज्ञापन के लिए भास्कर प्रबंधन-संपादक आदि से सवाल पूछकर कार्रवाई की मांग उठाएगा। साथ ही खंडन छापने के लिए अन्नागिरी करेगा! आखिर इस विज्ञापन के माध्यम से बैतूल सरीखे आदिवासी जिले में सैंकड़ों लोग हर साल मौत के शिकार होते हैं। सतपुड़ा की इस खूबसूरत वादियों वाले इस जिले में हर साल सांप के काटने से सैंकड़ों मौतें होती हैं। अधिकांशतः लोग पहले ऐसे ही भगत-भूमका के चक्कर में पड़ते हैं। यदि सांप जहरीला नहीं होता है तो इन भगत-भूमकाओं की दाल गल जाती है और ये हजारों रुपए पीडित गरीब आदिवासी परिवार से वसूलते हैं। यदि सांप जहरीला रहा और व्यक्ति की मौत हो गई तो उसे देव का प्रकोप या परहेज ठीक से करने की बात कह कर इतना डराते हैं कि वह किसी से शिकायत नहीं कर पाता है। अब दैनिक भास्कर इन मार्डन भगत-भूमकाओं के लिए अच्छा माध्यम हो गया है। इसमें विज्ञापन देकर जहां वे अपना प्रचार करते हैं वहीं संबंधित ब्यूरो चीफ को भी अच्छी राशि मिल जाती है। अब आदिवासी जाएं मौत के मुंह में तो जाएं।

सुनील कुमार

भोपाल


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