सुनिए, संपादक महोदय के नाम गालियों का पैगाम

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मैं यूपी के मऊ जिले का निवासी हूं और पत्रकार हूं. मेरा नाम ब्रह्मानंद पांडेय है. मेरा खुद का अखबार है, ब्रह्मखोज नाम से. एक रात मेरे मोबाइल नंबर 9450437314 पर किसी ने 9450274550 नंबर से काल किया और मुझे धमकाया गया. इस मामले में मैंने जिले के थाना सरायलखंसी में आईपीसी की धारा 504और 507 के तहत मुकदमा पंजीकृत करा दिया है. मैंने धमकी देने वाले की पहचान जानने की गरज से अपने सूत्रों को सक्रिय किया.

बाद में पता चला कि जिसने धमकी दिया, वे दैनिक जागरण में बतौर संवाददाता कार्यरत हैं, नाम है बृजेश यादव है. और जब पता किया कि मोबाइल नंबर किसके नाम पर रजिस्टर्ड है तो मुझे हिदुस्तान में सुरजपुर गांव से लिखने वाले वाचस्पति उपाध्याय ने बताया कि जिस मोबाइल नंबर के मालिक को खोजा जा रहा है, वह चकउथ सूरजपुर गांव के मारकंडे राय पुत्र दुखंती राय हैं.

धमकी के दौरान बृजेश यादव ने कहा कि संपादक को मरवाने के लिए उसने अपने भाई लालबहादुर यादव को लगा दिया है. जब लालबहादुर यादव के नाम की तहकीकात की गई तो पाया गया कि बृजेश यादव का भाई ही लालबहादुर यादव है. लालबहादुर यादव जिले के थाना रानीपुर का हिस्ट्रीशीटर है. बृजेश यादव को दैनिक जागरण में बतौर कर्मचारी लाने वाले उसके कार्यालय प्रभारी विनय जायसवाल हैं.

धमकी भरे फोन काल को सुनने के लिए नीचे दिए गए आडियो प्लेयर को क्लिक करें...

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बताते चलें कि जायसवाल भी इसके माध्यम से अपराधियों को संरक्षित करने का काम करते हैं. संपादक को धमकी देते समय उसने विनय का भी नाम लिया था. विनय जायसवाल स्थानीय हैं, दबंग हैं और लकड़ी के व्यापारी हैं. साथ ही अखबार के कार्यालय प्रभारी हैं. अखबार का कार्यालय भी उनकी दुकान के उपर ही चलता है.

ब्रह्मानंद पांडेय

मऊ


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