विकिपीडिया और भड़ास

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अमिताभविकिपीडिया जिम्मी वेल्स तथा अन्य लोगों द्वारा प्रारम्भ किया गया एक ऐसा अद्भुत प्रयास है, जिसने ज्ञान के सारे भण्डार आम आदमी के लिए खोल कर रख दिए हैं. आप सभी जानते हैं कि यह ओपन इन्साइक्लोपीडिया आज पूरी दुनिया में अपने ढंग का एक अनूठा ऐसा माध्यम हो गया है, जिसके जरिये आम आदमी दुनिया के किसी भी कोने से बैठे-बैठे किसी भी विषय पर ज्ञान हासिल कर सकता है. पर मैं यहाँ विकिपीडिया की चर्चा करने नहीं, उसके एक प्रमुख फीचर के बारे में कुछ वार्ता करने को प्रस्तुत हूँ.

मुख्य बात यह है कि विकिपीडिया, विकिमीडिया फाउन्डेशन द्वारा संचालित है जो एक गैर-लाभकारी संस्था है. उससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि विकिपीडिया के लिए धन की व्यवस्था विकिमीडीया फाउन्डेशन के ज़रिये होती है तथा यह धन पूरी तरह से जनता के सहयोग से प्राप्त होता है. पहला फंडरेजिंग कार्यक्रम 18 फरवरी 2005 से 1 मार्च 2005 के बीच हुआ था, जिसमें $94,000 की धनराशि प्राप्त हुई थी जो उम्मीद से $21,000 अधिक थी. इसके बाद से इस धनराशि में उत्तरोत्तर तीव्र बढोत्तरी होती रही है. 2009 के फंडरेजिंग में इसे 6 मिलियन डॉलर से अधिक धनराशि प्राप्त हुई थी.

2010 के लिए फंडरेजिंग का कार्य 13 नवम्बर 2010 को प्रारम्भ किया गया था. इस बार जिम्मी वेल्स की ओर से एक पर्सनल अपील जारी किया गया था, जिसमें उन्होंने $20, $35, $50 तक जैसी कम धनराशि भी विकिपीडिया को दिए जाने का अनुरोध किया था. उन्हीं के शब्दों में- “Wikipedia is about the power of people like us to do extraordinary things. People like us write Wikipedia, one word at a time. People like us fund it, one donation at a time. It's proof of our collective potential to change the world.” (अर्थात विकिपीडिया लोगों द्वारा असाधारण कार्य किये जाने की शक्ति के सम्बन्ध में है. हम लोग विकिपीडिया लिखते हैं- एक एक शब्द कर के. हम लोग विकिपीडिया को फंड करते हैं- एक बार में एक डोनेशन दे के. यह हम सबों की सामूहिक ताकत का प्रतीक है जो विश्व को बदल रहा है.)

वेल्स ने यह फंडरेजिंग कैम्पेन 13 नवम्बर 2010 को प्रारंभ किया और अपना लक्ष्य पन्द्रह मिलियन डॉलर रखा. 5 जनवरी 2011 तक विकिपीडिया के यह लक्ष्य प्राप्त हो गए थे और फिर जिम्मी वेल्स का थैंक्स मैसेज भी आ गया. उनके अनुसार विकिमीडिया फाउन्डेशन के लिए 500,000 से अधिक डोनेशन मिले. विश्व भर में विकिमीडिया फाउन्डेशन के स्थानीय चैप्टर को 130,000 डोनेशन मिले. सबसे मजेदार बात यह है कि औसत डोनेशन की धनराशि मात्र $22 था.

मेरी समझ के अनुसार यशवंत जी भी कुछ इसी प्रकार से जनता के सहयोग से, जनता के कार्यों के लिए, आम लोगों तक सत्य का अधिकतम टुकड़ा पहुंचा सकने में लगे हुए हैं. मैं उनके इस प्रयास की भारी सराहना करता हूँ, किन्तु साथ ही कुछ सुझाव भी देना चाहता हूँ-

1. पहले वे वर्ष भर की अपनी आवश्यकता स्पष्ट कर दें- मेरी समझ के अनुसार यह धनराशि तीस लाख रुपये के आस पास होनी चाहिए.

2. फिर वे भड़ास पर एक पन्ना बनाएँ जहां वे स्पष्ट करें कि उन्हें कितनी राशि चाहिए थी और कितना अब तक मिल गया. इस पन्ने पर हर कंट्रीब्यूशन के आने पर उसे तत्काल सम्मिलित किया जाए.

3. हर कंट्रीब्यूशन को (चाहे वह छोटा हो या बड़ा) किसी अलग पन्ने पर उद्धृत किया जाए.

4. भड़ास के मुखपृष्ठ पर एक रेखानुमा आलेख खींच कर कुल अपेक्षित धनराशि और उनसे अब तक प्राप्त राशि को इंगित किया जाए जिससे सभी लोग इसे साफ़-सा जान सकें.

मेरी राय में यशवंत जी भडास के जरिये जनकल्याण का एक प्रमुख कार्य कर रहे हैं और यदि वे इस कार्य में इस प्रकार से जन-सहभागिता बढायेंगे तो वैसा होने पर इसकी स्वाधीनता में भी काफी वृद्धि होगी. पर यह स्वाधीनता प्राप्त करने के लिए यशवंत जी को पारदर्शिता पर भी विशेष ध्यान देना होगा.

लेखक अमिताभ ठाकुर आईपीएस अधिकारी हैं. लखनऊ में पदस्थ हैं. इन दिनों आईआईएम, लखनऊ में अध्ययनरत हैं.


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