साथियों, दीपक को बचा लें

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दीपक रायप्यारे साथियों, हम मीडियाकर्मियों की आय सीमित (अपवाद छोड़ कर) होती है. हम अकेले दम पर किसी की मदद करने की स्थिति में नहीं होते, लेकिन यदि अपनी सीमित आय में से ही कुछ मदद कर दें, तो दीपक की जान बच सकती है. दरअसल, दीपक राय रांची (झारखंड) में डेढ़ दशक से भी अधिक समय से प्रिंट मीडिया से जुड़े हुए हैं. वे रांची में दैनिक जागरण के फाउंडर सदस्य रहे हैं.

वर्ष 2000-2001 में जब यहां जागरण का मोडेम आफिस खुला तभी से वे काम कर रहे थे. किसी कारणवश वे करीब 2004 में दैनिक प्रभात खबर में आ गये. प्रभात खबर में करीब पांच साल से अधिक समय तक काम करने के बाद स्वास्थ्य कारणों से 2009 में उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी, तब से लगातार उनका इलाज चल रहा है. दिल्ली-चंडीगढ़ सहित कई बड़े शहरों में इलाज करा चुके हैं. आज उनकी दोनों किडनी खराब हो चुकी है, डायलिसिस पर चल रहे हैं.

चंडीगढ़ में डॉक्टरों ने उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी है, जिसमें लाखों रुपये लगेंगे. दीपक अपने परिवार में सबसे बड़े हैं. और कमानेवाले भी वे अकेले ही थे. पिछले एक साल से वे बीमार हैं. नौकरी नहीं होने के कारण आय भी बंद है. बीमारी में सारी रखी पूंजी खत्म हो चुकी है. इसलिए, दोस्तों अब दीपक को हमारी मदद की दरकार है. अगर, समय रहते हम आगे नहीं आयें तो दीपक बुझ सकता है, उनके बेटे अनाथ हो सकते हैं. फिर हमारे पास अफसोस जताने के सिवा कुछ नहीं बचेगा.

इसलिए, आपसे मेरी अपील है कि दीपक राय के अकाउंट नंबर-10330171067 (भारतीय स्टेट बैंक, कोकर इंडस्‍ट्रीयल एरिया, रांची) में सहयोग राशि जमा करा कर उन्हें बचा लें. अधिक जानकारी के लिए दीपक राय के मोबाइल 08873186959 पर संपर्क कर सकते हैं.

आपका दोस्त

रवि सिन्हा

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